शिक्षक दिवस 2024: महर्षि वशिष्ठ से लेकर स्वामी विवेकानंद तक, ऐसे ही भारत को नहीं कहा गया 'विश्वगुरु'
October 3, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

शिक्षक दिवस 2024: महर्षि वशिष्ठ से लेकर स्वामी विवेकानंद तक, ऐसे ही भारत को नहीं कहा गया ‘विश्वगुरु’

शिक्षक दिवस के अवसर पर हम उस परंपरा को भी याद करें जिसने भारत को 'विश्वगुरु' का सम्मान दिलाया

Written byMasummba ChaurasiaMasummba Chaurasia
Sep 5, 2024, 08:41 am IST
inभारत, धर्म-संस्कृति
शिक्षक दिवस 2024

शिक्षक दिवस 2024

शिक्षक दिवस के अवसर पर जब हम अपने शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट करते हैं तो यह भी आवश्यक है कि हम उस परंपरा को भी याद करें जिसने भारत को ‘विश्वगुरु’ का सम्मान दिलाया। भारत की यह पहचान केवल वर्तमान युग में नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही एक अद्वितीय परंपरा का परिणाम है। हमारे महान ऋषियों और विचारकों ने दुनिया को न केवल ज्ञान का प्रकाश दिया, बल्कि मानवीय मूल्यों, नैतिकता और धर्म के आधार पर एक नई दिशा भी दी है। गुरु अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इनमें से कुछ गुरुओं के योगदान को हम आज के इस विशेष दिन पर याद करते हैं।

स्वामी विवेकानंद: विश्व को भारतीय संस्कृति का परिचय कराने वाले

स्वामी विवेकानंद वह महान विद्वान थे जिन्होंने पश्चिमी दुनिया को भारतीय संस्कृति और दर्शन से परिचित कराया। 1893 में शिकागो में विश्व धर्म महासभा में उनके ऐतिहासिक भाषण ने भारत की आत्मा को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया था। उन्होंने वेदांत और योग के सिद्धांतों को पश्चिम में फैलाया और भारत को आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित किया। उनका जीवन और शिक्षाएं आज भी लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।

गौतम बुद्ध: करुणा और अहिंसा के प्रतीक

गौतम बुद्ध, जो बौद्ध धर्म के संस्थापक थे उन्होंने दुनिया को अहिंसा, करुणा और सत्य की शिक्षा दी। उन्होंने समता और मैत्री का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। बुद्ध के धर्म का प्रभाव केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया और उसके बाहर भी फैला है। उनकी शिक्षाएं मानवता के लिए शांति और सद्भाव का संदेश बनकर आई हैं।

चाणक्य: राजनीति और अर्थशास्त्र के महान ज्ञाता

चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र के महान विचारक थे। उनकी कृति ‘अर्थशास्त्र’ ने प्रशासन, राजनीति और कूटनीति के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने नीति-शास्त्र के माध्यम से भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने का मार्ग दिखाया।

महर्षि वाल्मीकि: रामायण के रचयिता और आदर्श शिक्षक

महर्षि वाल्मीकि को ‘आदिकवि’ कहा जाता है, जिन्होंने ‘रामायण’ की रचना की। उनकी यह कृति केवल एक महाकाव्य नहीं है, बल्कि जीवन के मूल्यों और आदर्शों का पाठ भी है। वाल्मीकि ने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से यह संदेश दिया कि ज्ञान और नैतिकता के मार्ग पर चलकर ही सच्ची मानवता प्राप्त की जा सकती है।

महर्षि वशिष्ठ: वेदों के ज्ञाता और आदर्श गुरु

महर्षि वशिष्ठ, को वेदों और धर्मशास्त्रों का अद्वितीय ज्ञान था। वह राजा दशरथ के राजगुरु थे और भगवान राम के भी गुरु रहे। वशिष्ठ जी ने जीवन में संयम, धैर्य और ज्ञान की महत्ता को स्थापित किया और अपने शिष्यों को धार्मिक और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी।

भारत की यह गुरु परंपरा हमें यह सिखाती है कि शिक्षा केवल ज्ञान का हस्तांतरण नहीं है, बल्कि यह एक प्रक्रिया है जिसमें नैतिकता, सत्य और मानवता के मूल्यों का भी विकास होता है। महर्षि वशिष्ठ, महर्षि वाल्मीकि, चाणक्य, स्वामी विवेकानंद और गौतम बुद्ध जैसे महान गुरुओं की शिक्षाएं आज भी हमें प्रेरित करती हैं और हमें अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की दिशा दिखाती हैं। शिक्षक दिवस के इस अवसर पर, हम इन महान गुरुओं के प्रति कृतज्ञता अर्पित करते हुए उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

Topics: भारत विश्वगुरुगौतम बुद्धशिक्षक दिवस 2024महर्षि वशिष्ठचाणक्यस्वामी विवेकानंद
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

प्रख्यात चिंतक राम माधव

‘बदलती वैश्विक व्यवस्था में भारत की नई भूमिका’

स्वामी विवेकानंद

9/11 : स्वामी विवेकानंद और सनातन का विश्वघोष

शिकागो विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद के विचार: शिकागो भाषण, भारत का पथ-प्रदर्शन और विश्वगुरु की राह

शिकागो में 1893 में आयोजित विश्व धर्म संसद के मंच पर विराजमान स्वामी विवेकानंद। इसी मंच से उन्होंने पश्चिम को हिंदू धर्म और वेदांत से परिचित कराते हुए अपना पहला भाषण दिया था।

सरसंघचालक श्री मोहन भागवत का विदेश प्रवास : क्षण-विलक्षण

स्वामी विवेकानंद से मोहन भागवत जी तक: भारतीय आध्यात्मिक-विचार परंपरा की निरंतर यात्रा

‘परिवर्तन दोष देने से नहीं, स्वयं उत्तरदायित्व स्वीकार करने से आता है’

Load More

ताज़ा समाचार

Madhav Srishti Naturopathy Centre Solan Inauguration Governor Vidya Bharti Panchjanya

सोलन में ‘माधव सृष्टि’ प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ: राज्यपाल ने की सराहना, जानें केंद्र की बड़ी बातें!

Mangarh Dham National Monument Demand Vanvasi Kalyan Ashram Satyendra Singh Bhilwara Panchjanya

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे केंद्र: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की भीलवाड़ा बैठक में बड़ा प्रस्ताव!

प्रतीकात्मक तस्वीर

Fact Check: गोवा सीईओ रिपोर्ट, इंडियन एक्सप्रेस के 97 ‘वैध वोटर’ दावे का सच क्या है?

IRCTC होटल टेंडर मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू-राबड़ी-तेजस्वी कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को

natural oil source found in Andman sea

Explainer: भारत के तेल आयात में आई बढ़ी बढ़ोतरी, जानिए क्या है कारण?

UCC

राष्ट्रपति ने गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को मंजूरी दी, उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य

किशनगंज के 40 हिंदुओं ने एसपी से मांगी सुरक्षा, जानिए क्या है कारण ?

उत्तराखंड में मानसून की विदाई करीब, अगले दिनों मौसम शुष्क रहेगा

यूएई अधिकारी अनवर गर्गश ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की तारीफ की, फ्लाईदुबई घटना को आतंकी करार दिया

प्रसिद्ध मोढेरा सूर्य मंदिर (फोटो साभार- गुजरात पर्यटन)

1000 साल पुराना मोढेरा सूर्य मंदिर: इस्लामी आक्रमणों के दंश से लेकर ‘सौर ग्राम’ बनने तक की यात्रा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies