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सागर सा गहरा ज्ञान

यदि आपकी विज्ञान और शोध में दिलचस्पी है, पानी में समय बिताना पसंद है और आप समुद्र में पारिस्थितिक संतुलन को बचाए रखने में योगदान देना चाहते हैं, तो कॅरियर के लिए समुद्र विज्ञान अच्छा विकल्प हो सकता है

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jun 19, 2024, 06:10 am IST
inभारत, शिक्षा

समुद्र विज्ञान का दायरा अत्यन्त व्यापक है। धरती का 71% से अधिक भाग जलाच्छादित है। इसमें से 97% पानी महासागरों में पाया जाता है। हालांकि यह पानी पीने, फसल उगाने के अलावा अधिकांश औद्योगिक उपयोगों के योग्य नहीं है, क्योंकि यह बहुत खारा है। पृथ्वी से बाहर केवल अंतरिक्ष ही रहस्य नहीं है, बल्कि गहरे समुद्र में भी बहुत कुछ है, जिसका अब तक पता नहीं लगाया जा सका है। कॅरियर की दृष्टि से समुद्र विज्ञान समुद्रों और महासागरों के अध्ययन में मददगार है।

समुद्र विज्ञानी न केवल समुद्र में पाई जाने वाली चीजों और उसके परिवेश का अध्ययन करते हैं, बल्कि इसके अज्ञात हिस्सों का भी पता लगाते हैं। इसमें समुद्री जीवन व उनका पारिस्थितिकी तंत्र, महासागर परिसंचरण, समुद्र के भौतिक व रासायनिक गुण, समुद्र तल का भू-विज्ञान, प्लेट टेक्टोनिक्स और बहुत कुछ शामिल है। किसी भी अन्य कॅरियर की तरह समुद्र विज्ञान की भी कोई सीमा नहीं है। यदि आप अज्ञात चीजों का पता लगाने के इच्छुक हैं, विज्ञान में रुचि है, पानी में समय बिताना पसंद करते हैं और समुद्र में पारिस्थितिक संतुलन को बचाने में कुछ योगदान देना चाहते हैं, तो समुद्र विज्ञान आपके लिए अच्छा कॅरियर विकल्प हो सकता है।

रोजगार के अवसर

भारत का समुद्री तट 7,517 किमी. लंबा है। नीली अर्थव्यवस्था को भारत की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का एक उपसमूह माना जाता है। हालांकि चिंता तब पैदा होती है, जब महासागरों द्वारा प्रदत्त संसाधनों का टिकाऊ तरीके से उपयोग की करने की बात आती है। समुद्र विज्ञान में स्नातक व्यक्ति ऐसी दुविधाओं को दूर करने और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाए बिना आर्थिक विकास सुनिश्चित करने में सहायता कर सकता है।

समुद्र विज्ञान में कॅरियर का अवसर तलाश रहे छात्रों के लिए समुद्र विज्ञान या समुद्री जीव विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, भू-विज्ञान या समुद्री विज्ञान जैसे संबंधित क्षेत्रों में स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त करना अनिवार्य है। यही नहीं, अभ्यर्थी विदेशों में भी इस क्षेत्र में कॅरियर की तलाश कर सकते हैं। दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं, जो अच्छे वेतन पैकेज देते हैं। यह वेतन पैकेज कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे आप किस देश से हैं, आपकी शिक्षा और अनुभव स्तर, समुद्र विज्ञान की किसी विशिष्ट धारा में विशेषज्ञता, नियोक्ता की प्रतिष्ठा, कार्यभार और बहुत कुछ।

योग्यता

  •  अभ्यर्थी भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान या कंप्यूटर विज्ञान में से किसी एक विषय में 10+2 उत्तीर्ण हो।
  •  शोध निष्कर्षों को संप्रेषित करने व सार्वजनिक रूप से बोलने के लिए अंग्रेजी पढ़ने, लिखने और बोलने की बुनियादी क्षमता अनिवार्य है।
  •  समुद्र विज्ञान में स्नातक की डिग्री या भौतिकी/रसायन विज्ञान/समुद्री जीव विज्ञान में बी.एससी डिग्री के साथ-साथ भौतिक समुद्र विज्ञान/रासायनिक समुद्र विज्ञान/जैविक समुद्र विज्ञान/भूवैज्ञानिक समुद्र विज्ञान में उन्नत डिग्री/मास्टर की डिग्री हासिल करनी होगी।
  •  कॉलेज/विश्वविद्यालय में पढ़ाने या उच्च स्तरीय शोध में रुचि रखने वाले छात्र समुद्र विज्ञान में पी.एचडी भी कर सकते हैं।

समुद्र विज्ञान में पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद गहन शोध, प्रतिष्ठित टीमों के साथ नेटवर्किंग और कॅरियर के लिए व्यावहारिक अनुभव व जुनून जरूरी है। समुद्र विज्ञान में कॅरियर कैसे बनाएं, इसके लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है-

आवश्यक शैक्षिक योग्यता प्राप्त करें : इस क्षेत्र में अधिकांश नौकरियों के लिए समुद्र विज्ञान या समुद्री विज्ञान, समुद्री भूविज्ञान और समुद्री जीवविज्ञान जैसे क्षेत्रों में कम से कम स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री की आवश्यकता होती है।

व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करें : इंटर्नशिप में भाग लेकर या सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं में स्वयंसेवा करके यह अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।

नेटवर्क बनाने पर ध्यान दें : मार्गदर्शन, नौकरी और अनुशंसा पत्र हासिल करने के लिए इंटर्नशिप में अपने टीम के सदस्यों, प्राध्यापकों या सहकर्मियों के साथ अच्छा संबंध विकसित करें।

बायोडाटा और कवर लेटर तैयार करना : आकर्षक व पेशेवर बायोडाटा और कवर लेटर बनाएं, जिसमें समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में आपकी शैक्षिक योग्यता, प्रासंगिक पाठ्यक्रम, सभी अनुसंधान परियोजनाओं और इंटर्नशिप, जिसका आप हिस्सा रहे हों, उसका स्पष्ट ब्योरा लिखें और अपनी प्रस्तुतियों या प्रकाशित लेखों की सूची भी दें।

फॉरेंसिक विज्ञान में अवसर

भारत में फॉरेंसिक विज्ञान में कॅरियर की बहुत संभावना है। फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई के बाद सरकारी विभागों जैसे अपराध विभाग और चिकित्सा केंद्रों के साथ काम करने का मौका मिलता है। निजी क्षेत्रों के स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और शोध अनुसंधान में भी अच्छे वेतन पैकेज वाला कॅरियर चुन सकते हैं। फॉरेंसिक वैज्ञानिक अपराध स्थलों पर साक्ष्योें की जांच व विश्लेषण करते हैं और आपराधिक मामलों की जांच व कानूनी कार्रवाई मेंं सहयोग करते हैं। इसमें कई पाठ्यक्रम हैं, जैसे-
-फॉरेंसिक साइंस में बीएससी, एमएससी और पी.एचडी
-फॉरेंसिक और आपराधिक कानून में डिप्लोमा
-साइबर फॉरेंसिक में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट
-सूक्ष्म जीव विज्ञान, आनुवंशिकी, कार्बनिक रसायन विज्ञान, विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान और सांख्यिकी में सहायक पाठ्यक्रम

इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 12वीं में पीसीएम/बी में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। यदि आप स्नातक (किसी भी विज्ञान क्षेत्र में) हैं, तो बीएससी फॉरेंसिक साइंस या अन्य प्रासंगिक स्नातक डिग्री में न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

कुछ विश्वविद्यालय, राज्य व केंद्रीय निकाय फॉरेंसिक विज्ञान में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करते हैं, जबकि सरकारी संस्थानों में बीएससी फॉरेंसिक साइंस में प्रवेश सीयूईटी के माध्यम से दिया जाता है। इसमें स्नातकोत्तर डिग्री के लिए अर्हता सीयूईटी पीजी या गेट उत्तीर्ण होना है। वहीं, डिप्लोमा के लिए सीधे आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते पीसीएम/बी से पढ़ाई की हो और कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हों।

सरकारी जांच एजेंसियां जैसे सीआईडी, सीबीआई, आईबी, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला फॉरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञों की भर्ती करते हैं। प्रौद्योगिकी और कार्यप्रणाली में प्रगति के साथ फॉरेंसिक विज्ञान लगातार विकसित हो रहा है। अधिक संवेदनशील डीएनए परीक्षण, उन्नत इमेजिंग तकनीक और बेहतर डिजिटल फॉरेंसिक उपकरण जैसे नवाचारों ने फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र की क्षमताओं में काफी वृद्धि की है।

आवेदन कहां करें?

योग्य उम्मीदवार अपने कॅरियर लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी संगठनों, निजी एजेंसियों, गैर-लाभकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों में समुद्र विज्ञान में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस क्षेत्र में सरकारी एजेंसियां बड़ी नियोक्ता होती हैं, पर जब हाई-प्रोफाइल अनुसंधान और विकास की बात आती है, तो निजी क्षेत्र द्वारा नियुक्त समुद्र विज्ञानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें गहरे समुद्र में मूल्यवान भंडारों की खोज, समुद्री खेती के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की जांच, मूल्यांकन व अनुमान लगाने, ज्वार, लहरों व धाराओं से ऊर्जा उत्पादन कैसे किया जाए, जैसे कार्य शामिल होते हैं।

Topics: भारत की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाOceanographyMarine life and their ecosystemOcean circulationNational economy of Indiaरोजगार के अवसरemployment opportunitiesसमुद्र विज्ञानसमुद्री जीवन व उनका पारिस्थितिकी तंत्रमहासागर परिसंचरण
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