अब सऊदी अरब ने कहा पाकिस्तान से “न भेजें और भिखारी!”
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अब सऊदी अरब ने कहा पाकिस्तान से “न भेजें और भिखारी!”

पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार वहां के सांसद जीशान ने बताया कि पाकिस्तान से भिखारी सबसे ज्यादा बाहर जा रहे हैं और बाहर जितने भी भिखारी गिरफ्तार होते हैं, उनमें 90% पाकिस्तान के होते हैं

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Sep 28, 2023, 09:09 pm IST
inविश्व
सऊदी अरब सहित कई देशों ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने यहां से फकीरों के आने पर रोक लगाए

सऊदी अरब सहित कई देशों ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने यहां से फकीरों के आने पर रोक लगाए

अभी हाल ही में एक पाकिस्तान से थाईलैंड जा रही फ्लाइट से एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक भिखारी भीख मांगते हुए दिख रहा था। पाकिस्तान की आर्थिक छवि वैसे ही पूरे विश्व में अच्छी नहीं है और हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार 67 देशों की जेलों में 12,000 के लगभग पाकिस्तानी विभिन्न अपराधों में बंद हैं।

पाकिस्तानी अखबार Dawn के पास जो दस्तावेज़ थे उनके अनुसार कुल 12,080 पाकिस्तानी वर्तमान में जेलों में हैं, जिनमें से 3,100 सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि संयुक्त अरब अमीरात में 3,100 पाकिस्तानियों में से 1,612 अबूधाबी में और 1,488 दुबई में हैं।

इन आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक पाकिस्तानी कैदी सऊदी की जेल में बंद हैं और उसके बाद अबूधाबी में और फिर दुबई में। गौर करने वाली बात यह भी है इस्लामिक देशों में भी पाकिस्तानी ही सबसे अधिक जेल में हैं। इसके क्या कारण हो सकते हैं, उन पर बात हो सकती है और होनी चाहिए। अभी हाल ही में बहुत से समाचार ऐसे आए थे जिनमें देश से अवैध रूप से बाहर भागते हुए पाकिस्तानी यूरोप जाने की तलाश में समुद्र की गोद में समा गए थे।

बहरहाल अभी जो समाचार सऊदी अरब तथा अन्य देशों से पाकिस्तान को लेकर आ रहा है, वह बेहद दिलचस्प है। और वह यह है कि सऊदी अरब सहित कई देशों ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने यहां से फकीरों के आने पर रोक लगाए। पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार वहां के सांसद जीशान ने बताया कि पाकिस्तान से भिखारी सबसे ज्यादा बाहर जा रहे हैं और बाहर जितने भी भिखारी गिरफ्तार होते हैं, उनमें 90% पाकिस्तान के होते हैं। और पाकिस्तान से अन्य देशों ने कहा है कि वह आदतन अपराधियों को अर्थात रिपीट ऑफेंडर्स को हमारे यहाँ बार-बार क्यों भेजते हैं।

इतना ही नहीं इन देशों ने यह भी आरोप लगाया कि हरम में जितने भी मामले होते हैं, उनमें अधिकतर पाकिस्तानी ही पकड़े जाते हैं। दरअसल मीडिया ओवरसीज़ पाकिस्तानी पर सीनेट स्टैंडिंग कमिटी मीटिंग में, ओवरसीज़ पाकिस्तानी के सचिव जीशान खानजादा द्वारा रखे गए आंकड़ों पर बात कर रहा था। इस मीटिंग में जीशान ने यह बात उठाई कि विदेशों में बसे हुए पाकिस्तानी भारी संख्या में भीख मांगने के आरोपों में जेल में बंद हैं।

उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि पाकिस्तान में स्किल्ड वर्कर्स अर्थात कौशल युक्त मानवश्रम की कमी है और वह जापान द्वारा मांगे गए मानवश्रम की भी पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। जापान ने हाल ही में 3,40,000 स्किल्ड व्यक्तियों की मांग की थी, और भारत के लगभग डेढ़ मिलियन तो वहीं नेपाल के 91,000 स्किल्ड लोग जापान गए हैं। यहाँ तक कि बांग्लादेश और श्रीलंका की ओर से भी स्किल्ड मानवश्रम की आपूर्ति जापान को की गयी है, परन्तु पाकिस्तान की ओर से केवल 200 ही लोग भेजे गए थे।

सऊदी अरब ने भी विदेश मंत्रालय की बैठक में पाकिस्तान के हज कोटा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान हज कोटा के उम्मीदवारों को चुनने में सावधानी का परिचय दे। सऊदी अरब ने यह भी पाकिस्तान से यह भी कहा कि ये जेबकतरे उमरा वीजा पर देश में आते हैं और चूंकि वह कुशल नहीं होते हैं इसलिए उन्हें नौकरी में नहीं रखा जाता है। जैसे ही यह समाचार इंटरनेट पर आया वैसे ही लोगों ने पाकिस्तान की खिल्ली उड़ानी आरम्भ कर दी। लोगों ने कहा कि पाकिस्तानियों के पास खाने के लिए भोजन नहीं है, अस्पताल, स्कूल और कॉलेज नहीं हैं। सऊदी में 90% भिखारी पाकिस्तानी हैं और इन्हें कश्मीर चाहिए। अभी कुछ ही दिन पहले यूएई ने पाकिस्तान से फ्रोजेन मीट के आयात पर प्रतिबन्ध लगा दिया था क्योंकि उन्हें मीट के उस कन्साइन्मेन्ट में फफूंदी लगी मिली थी।

यह बहुत रोचक है कि जहां पाकिस्तान के मुस्लिमों को यह हुड़क रहती है कि वह अपनी जड़ों को अरबी बताएं जैसा कि पाकिस्तान के अब्बा माने जाने वाले अल्लामा इकबाल ने लिखा था कि

“अजमी ख़ुम है तो क्या, मय तो हिजाज़ी है मेरी।
नग़मा हिन्दी है तो क्या, लय तो हिजाज़ी है मेरी।

अब इसका अर्थ है कि अजमी अर्थात अरब का न रहने वाला, खुम: शराब रखने का घड़ा, मय: शराब, अर्थात मय का अर्थ शराब तो है ही, परन्तु इसकी जो प्रकृति है वह अरबी है। और फिर है हिजाजी: इसका अर्थ है, हिजाज का निवासी, हिजाज सऊदी अरब का प्रांत है, हिजाजी का अर्थ है ईरानी संगीत में एक राग!

वह कह रहे हैं कि मैं अरब का रहने वाला नहीं हूँ, मगर मेरी मय अर्थात अपने स्वभाव से तो हिजाजी ही हूँ, मैं नगमा जरूर हिन्दी (हिन्दुस्तान) का हूँ, मगर मेरी लय तो हिजाजी ही है!

मगर हिजाजी मय से भरपूर मुल्क में हिजाजी पहचान लेकर हिजाजी राग गाने वाले लोगों के लिए वहीं के दरवाजे इसलिए बंद हो रहे हैं क्योंकि उनमें हुनर नहीं है! इकबाल को यह इल्म नहीं होगा कि हिजाजी तभी पाकिस्तानियों को अपनाएगा जब वह हुनर को लेकर जाएगा!

बहरहाल अभी तो हिजाजी पहचान के लिए तलब को लेकर पाकिस्तान का मजाक केवल सोशल मीडिया पर ही नहीं बल्कि उनके अपने मुल्क में भी उड़ रहा होगा!

Topics: सऊदी अरबकंगाल पाकिस्तानपाकिस्तान के भिखारीविदेश में पाकिस्तानी भिखारी
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