हिंदी दिवस 2023 : वैश्विक होती हिंदी
July 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

हिंदी दिवस 2023 : वैश्विक होती हिंदी

वर्ल्ड लैंग्वेज डाटाबेस के 22वें संस्करण ‘इथोनोलॉज’ में दुनियाभर में 20 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में ‘हिंदी’ को तीसरे स्थान पर रखा गया है

Written byपूनम नेगीपूनम नेगी
Sep 14, 2023, 12:19 pm IST
in भारत, शिक्षा
दुनियाभर में हिंदी धूम मचा रही है

दुनियाभर में हिंदी धूम मचा रही है

वैश्वीकरण के वर्तमान दौर में हिंदी विश्व स्तर पर एक प्रभावशाली भाषा बनकर उभर चुकी है। वर्ल्ड लैंग्वेज डाटाबेस के 22वें संस्करण ‘इथोनोलॉज’ में दुनियाभर में 20 सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओं में ‘हिंदी’ को तीसरे स्थान पर रखा गया है। इस सूची में पहला स्थान ‘अंग्रेजी’ का है जो दुनिया के 113.2 करोड़ लोगों की भाषा है। दूसरे स्थान पर चीन में बोली जाने वाली ‘मैंड्रेन’ भाषा है जिसे 111.7 करोड़ लोग बोलते हैं जबकि दुनिया भर में 61.5 करोड़ लोग हिंदी भाषा बोलते हैं। देश के जाने माने भाषाविद् डॉ. जयंती प्रसाद नौटियाल का कहना है कि सर्वाधिक सरल, सहज और सुगम भाषा होने के साथ हिंदी आज विश्व की संभवतः सबसे वैज्ञानिक भाषा है। विश्व स्तर पर हिंदी को लोकप्रिय बनाने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका भी खासी सराहनीय है। फ़िजी, मॉरिशस, गुयाना, सूरीनाम और नेपाल जैसे देशों की जनता तो बड़ी संख्या में हिंदी बोलती ही है; बीते कुछ वर्षों में अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में भी प्रवासी भारतीयों ने हिंदी को लोकप्रिय बनाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विदेश दौरों में जिस तरह हिंदी में बात करते हैं, वह वाकई काबिलेतारीफ है।

हिंदी न सिर्फ हमारे पारम्परिक ज्ञान, प्राचीन सभ्यता और आधुनिक प्रगति के बीच का एक मजबूत सेतु है; अपितु भारत संघ की राजभाषा होने के साथ ही ग्यारह राज्यों और तीन संघ शासित क्षेत्रों की भी प्रमुख राजभाषा है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा विश्व हिंदी सम्मेलन और अन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। यही नहीं, राजभाषा हिंदी के विकास के लिए खासतौर से राजभाषा विभाग का गठन किया गया है। भारत सरकार का राजभाषा विभाग इस दिशा में प्रयासरत है कि केंद्र सरकार के अधीन कार्यालयों में अधिक से अधिक कार्य हिंदी में हो। देवनागरी लिपि के कारण हिंदी को इंटरनेट, सूचना प्रौद्योगिकी तथा जनसंचार के क्षेत्रों में बीते कुछ सालों में व्यापक लोकप्रियता मिली है।

बताते चलें कि लोगों को हिंदी सिखाने के मकसद से पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजभाषा विभाग द्वारा तैयार किये गये ‘लीला’ (लर्निंग इंडियन लैंग्वेज विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) नाम के जिस मोबाइल ऐप को लोकार्पण किया, उसकी लोकप्रियता लोगों के हिंदी प्रेम को जाहिर कर रही है। भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा उठाए गए ऐसे कदमों के परिणामस्वरूप कंप्यूटर पर हिंदी में कार्य करना बीते कुछ सालों में सुविधाजनक हो गया है। बीते एक दशक में संचार माध्यमों और सोशल मीडिया में हिंदी का प्रयोग काफी तेजी से बढ़ा है। इस बाबत माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स का यह कथन वाकई काफी मायने रखता है कि जब बोलकर लिखने की तकनीक उन्नत हो जाएगी तो हिन्दी अपनी लिपि की श्रेष्ठता के कारण सर्वाधिक सफल होगी।

हम जानते हैं कि अब कई साफ्टवेयर और हार्डवेयर अंतर्निर्मित हिंदी यूनिकोड की सुविधा के साथ आ रहे हैं। जहां तक तकनीक में हिंदी के प्रयोग की बात है तो जैसे जैसे तकनीक विकसित होती जाएगी, देवनागरी लिपि के प्रयोग की स्पष्ट विधि भी निकाल ली जायेगी। भारत सरकार के राजभाषा विभाग ने सरल हिंदी शब्दावली तैयार की है ताकि तकनीकी ज्ञान से संबंधित साहित्य का सरल अनुवाद किया जा सके। ज्ञान-विज्ञान की पुस्तकें बड़े पैमाने पर हिंदी में लिखी जा रही हैं। आज हिंदी भाषा में विज्ञान, आयुर्विज्ञान, अभियांत्रिकी आदि विषयों तथा शब्दकोशों एवं ज्ञानकोशों की बड़ी निधि तैयार हो चुकी है। यही नहीं, राजभाषा विभाग द्वारा राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन योजना के द्वारा हिंदी में ज्ञान-विज्ञान की पुस्तकों के लेखन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे देश दुनिया के विद्यार्थियों और हिंदी प्रेमियों को ज्ञान-विज्ञान संबंधी पुस्तकें हिंदी में उपलब्ध हो सकेंगी। सनद रहे कि यूनेस्को की सात भाषाओं में हिंदी को भी मान्यता हासिल है। संवाद और मौलिक सोच की भाषा के रूप में हिंदी की वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए आज पूरी दुनिया में 200 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिंदी भाषा पढ़ाई जा रही है।

विश्वकवि रवीन्द्र नाथ टैगोर ने हिंदी के महत्व को अत्यन्त भावपूर्ण रूप में रूपायित करते हुए कहा था, “भारतीय भाषाएं नदियां हैं जबकि हिंदी महानदी।” यह भाषा विभिन्न भाषाओं के उपयोगी और प्रचलित शब्दों को अपने में समाहित कर सही मायनों में भारत की संपर्क भाषा होने की भूमिका निभा रही है। हिंदी आज विश्व में मनोरंजन की दुनिया में सबसे आगे है। अनेक मनोरंजक चैनलों के समेत दर्जनों न्यूज चैनल हिंदी भाषा में प्रसारित होते हैं।

14 सितंबर 1949 का दिन स्वतंत्र भारत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है। इसी दिन संविधान सभा ने हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इस निर्णय को महत्व देने के लिए और हिन्दी के उपयोग को प्रचलित करने के लिए साल 1953 के उपरांत हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदीविद् डॉ. जयन्ती प्रसाद नौटियाल की मानें तो नब्बे के दशक के उपरान्त जब उदारीकरण का दौर भारत में चला तो उस वक्त अनेक बुद्धिजीवियों का मत था कि ग्लोबेलाइज़ेशन से भारत का आर्थिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य आमूचूल परिवर्तित हो जाएगा। विदेशी पूंजीवाद से विदेशी संस्कृति हावी हो जाने से हमारा सांस्कृतिक ताना-बाना ध्वस्त हो जाएगा तथा अंग्रेजी का प्रभाव बढ़ने से हमारी भारतीय भाषाएं खासतौर पर हिंदी फिर से खतरे में पड़ जाएगी। ऐसा ही चिंता 1980 के दशक में तब उपजी थी जब भारत में कम्प्यूटरों का आगमन हुआ था। उस दौर में कुछ अंग्रेजी मानसिकता के लोग भारतीय जनमानस को यह कहकर भ्रमित कर रहे थे कि अब बिना अंग्रेजी जाने भारतीयों का कोई भविष्य नहीं है; परन्तु गौरव का विषय है कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। जिस हिंदी को कुछ समय पहले तक तकनीक और रोजगार की भाषा मानने में हिचक हो रही थी, उन तमाम बाध्यताओं को सफलतापूर्वक पार कर यह भाषा अपने कदम आगे बढ़ाती जा रही है। तमाम मल्टीनेशनल कंपनियां अपना व्यापार बढ़ाने के लिए हिंदी को अपनाती जा रही हैं। व्यवसाय की दृष्टि से देखें तो बाजार बिकने वाली वस्तु की ताकत को देखता है। हिंदी भाषा में वह ताकत है। यही कारण है कि आज सर्वाधिक विज्ञापन भी हिंदी में आते हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया पर भी हिंदी का प्रभाव बढ़ रहा है। देश के आम आदमी की भाषा के रूप में हिंदी देश की एकता का सर्वाधिक मजबूत सूत्र है।

हमारे यहां अवधी, ब्रज, भोजपुरी, अंगिका, बजिका, मैथिली, बुंदेलखंडी, मालवी, मलयालम, कन्नड, उड़िया, हरियाणवी, कौरवी व राजस्थानी (जिसमें मेवाड़ी, डिंगल सहित हर आंचल की अलग बोली भी शामिल है) जैसी 1600 से अधिक भाषाएं और बोलियां हैं; इन सबके बीच हिंदी भारतवासियों के बीच भाषा-सेतु के रूप में कार्य करती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे जैसे बोला जाता है वैसा ही लिखा भी जाता है। यानी हिंदी भाषा पूरी तरह से ध्वनि और उच्चारण आधारित भाषा है। यह खूबी विश्व की अन्य किसी भी भाषा में नहीं है। एक भाषा के रूप में हिंदी न सिर्फ भारत की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। हमारा स्वाभिमान व गरिमा भी हिंदी से गहराई से जुड़ा है।

Topics: हिंदी दिवस 2023हिंदी दिवस उत्सवहिंदी राजभाषाहिंदी दिवस 14 सितंबरहिंदी दिवस क्यों मनाया जाता हैहिंदी दिवसराष्ट्रीय हिंदी दिवस
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

कार्यक्रम में अतिथियों के साथ सम्मानित विद्वान

चेन्नै में मना हिंदी दिवस

दुनियाभर में हिंदी धूम मचा रही है

विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष : तकनीकी रूप से उन्नत एवं समृद्ध होती हिन्दी

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की भाषाओं की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने का नाम हिंदी है: गृहमंत्री अमित शाह

भाषा संस्कृति की संवाहिका है : अतुल कोठारी

Load More

ताज़ा समाचार

खराब खाद्य पदार्थों को लेकर होटलों पर कार्रवाई (फोटो- एआई द्वारा निर्मित)

मुंबई: भेंडी बाजार में शालिमार हॉस्पिटैलिटी, नूर मोहम्मदी और रहमानिया रेस्टोरेंट के लाइसेंस निलंबित, रसोई में कीड़े

स्पेन ने फ्रांस को हराकर फाइनल में बनाई जगह

फीफा विश्व कप 2026: फ्रांस को हराकर फाइनल में स्पेन, लगातार 37 मैचों तक अजेय, इटली के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी शुरू, 20 से ज्यादा युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान मोर्चे पर, खाड़ी देशों पर हमला

Explainer। मेरठ-हरिद्वार-ऋषिकेश ‘नमो भारत कॉरिडोर’ को समझिये, दिल्ली से 180 मिनट में गंगा स्नान…

फेक न्यूज और भ्रम की दुनिया से बचना है तो पढ़ें आज का श्लोक

Uttarakhand Voter List 2026 Draft Publication CEO BVRC Purushottam Election Commission Camp

उत्तराखंड में SIR का प्रथम चरण पूरा: 19 लाख वोटरों के डेटा में मिली गड़बड़ी, जानिए कैसे सुधारें अपना नाम!

Punjab Terror Module ISI Drone Dropped Weapons AK 47 LMG Seized Amritsar Rural Police Delhi Threat

Punjab Terror Module: स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI की बड़ी साजिश नाकाम! 2 AK-47, 2 LMG राइफलों और बमों के साथ 3 गिरफ्तार

Punjab Drug Bust Amritsar Counter Intelligence Seizes Heroin DGP Gaurav Yadav Pakistan Border Smuggling

पंजाब में सीमापार तस्करी नेटवर्क ध्वस्त! ₹210 करोड़ की 30 KG हेरोइन के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार, विदेशी हैंडलर से जुड़े तार

UP Education Services Selection Commission Prayagraj

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने PGT, TET और अन्य परीक्षाओं को लेकर जारी की चेतावनी

Jagannath Rath Yatra Significance Darubrahma Puri Temple King Indradyumna

पुरी रथयात्रा विशेष: भारत की सनातन आस्था का महामहोत्सव है जगन्नाथ स्वामी का रथयात्रा उत्सव

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies