बढ़ते इस्लामी प्रभाव के बीच फ्रांस का कदम, अबाया पर प्रतिबंध
July 2, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

बढ़ते इस्लामी प्रभाव के बीच फ्रांस का कदम, अबाया पर प्रतिबंध

फ्रांस में 4 सितंबर को जैसे ही स्कूल खुलेंगे यह प्रतिबन्ध लागू हो जाएगा। इस कदम को लगातार चली बहस के बाद उठाया गया है

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Aug 29, 2023, 09:05 pm IST
in विश्व, मत अभिमत
प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

फ्रांस में बढ़ रहे मुस्लिम प्रभाव के बीच सरकार ने स्कूलों में अबाया पहनने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। 4 सितम्बर को जैसे ही स्कूल खुलेंगे यह प्रतिबन्ध लागू हो जाएगा। इस कदम को लगातार चली बहस के बाद उठाया गया है। फ्रांस में इस बात को लेकर कड़े नियम हैं कि सरकारी संस्थानों एवं स्कूलों में किसी भी प्रकार से धार्मिक पहचान प्रकट हो। इतना ही नहीं फ्रांस में पहले ही बुर्के प्रतिबन्ध लगा हुआ है।

फ्रांस में बुर्किनी को लेकर भी विवाद हुआ था और अभी तक संभवतया उसे पहनने की अनुमति नहीं है! फिर भी वह सार्वजनिक क्षेत्र का विषय था और मूलभूत धार्मिक स्वतंत्रता की बात की जा सकती थी, परन्तु स्कूल की बात अलग होती है जैसा कि फ्रांस के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि “धर्मनिरपेक्षता का अर्थ स्कूल के जरिये खुद को मानवीय बनाने की आजादी है और स्कूलों को एक धर्मनिरपेक्ष जगह होना चाहिए और अबाया एक धार्मिक पहचान है जो इस धर्मनिरपेक्षता पर सवाल खड़े करता है. आप जब किसी कक्षा में जाएं तो छात्रों को देखकर उनके धर्म की पहचान नहीं होनी चाहिए।“

फ्रांस में स्कूल और सरकारी संस्थानों में धार्मिक पहचान उजागर किए जाने को लेकर नियम एवं क़ानून पूरी तरह से स्पष्ट है, तो फिर ऐसे में अबाया को लेकर कोई स्पष्ट क़ानून न होने पर उसका प्रयोग अब तक किया जा रहा था। ऐसे में एक प्रश्न उभरता है कि क्या जो लोग अबाया को तब तक पहने हुए थे, या अपनी बेटियों को स्कूल में पहना रहे थे, क्या उन्हें इस निर्णय की जानकारी नहीं होगी कि किसी भी प्रकार से धार्मिक प्रतीकों को स्कूल में नहीं पहनना है या फिर वह अपनी मजहबी पहचान को हर कीमत पर बनाए रखना चाहते हैं?
क्या उन्हें स्कूल के स्तर पर भी अपनी मजहबी पहचान को अलग दिखाना है? जैसा भारत में भी बार-बार उभरकर आ रहा है कि स्कूलों में हिजाब पहनने की जिद्द और कहीं कहीं तो बुर्के को पहनने की भी जिद्द की जा रही है। यह भी समझ से बाहर की बात है कि जहां पर इस्लामी हुकूमत है, वहां पर महिलाएं अपने लिए मजहबी कट्टरता से लड़ कर बाहर आने का मार्ग खोज रही हैं तो भारत या फ्रांस जैसे देश जहां पर लोकतंत्र है, वहां पर स्कूलों तक में अलग मजहबी पहचान की जिद्द है।

जहां फ्रांस में अबाया को लेकर इस निर्णय का विरोध करने के लिए विपक्षी वामदल आ गए हैं कि यह मूलभूत धार्मिक पहचान पर प्रहार है, और फ्रांस के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के खिलाफ है, जो “सरकार के मुसलमानों को खारिज करने का लक्षण है।” परन्तु एक विस्तृत आवाज उस खारिज करने की प्रवृत्ति के लिए कभी भी नहीं उठती है, जो अफगानिस्तान और ईरान जैसे देशों में मुस्लिम महिलाओं के विरुद्ध लगातार चल रही है। महिलाओं को दोनों ही मुल्कों में सार्वजनिक स्थानों से लगातार व्यक्तिगत पसंद को लेकर खारिज किया जा रहा है, परन्तु वैश्विक पटल पर वह शोर नहीं सुनाई देता है, जैसा शोर फ्रांस में स्कूलों में अबाया पर प्रतिबन्ध को लेकर सुनाई देता रहता है।
तमाम ऐसे मामले हैं, जिनमें मुस्लिम महिलाएं पीड़ित हो रही हैं या फिर वह विमर्श से खारिज हो रही हैं, उन पर वह लोग तनिक भी शोर नहीं मचाते हैं, जो फ्रांस पर इस बात को लेकर चिंतित हो रहे हैं कि वह स्कूलों में अबाया पर प्रतिबन्ध लगा रहा है। पश्चिम में रहकर इस्लामी पहचान की वकालत करने वाली कट्टरपंथी महिलाएं इसे लेकर फ्रांस के मुस्लिमों से आह्वान कर रही हैं कि उन्हें अपने स्कूल खुद बनाने चाहिए।

पश्चिम में इस्लामी ग्रोथ को लेकर लोग चिंतित हैं। फातिमा बुशरा को यह चिंता है कि फ्रांस में मुस्लिम बच्चियां अबाया नहीं पहन पा रही हैं, परन्तु वह इस विषय को लेकर चिंतित नहीं हैं कि अफगानिस्तान में तो वह स्कूल ही नहीं जा पा रही हैं। उन्हें फ्रांस में मुस्लिमों द्वारा स्कूल बनवाने हैं, परन्तु अफगानिस्तान में स्कूल नहीं बनवाने है, जहां पर स्कूल जर्जर होकर गिरे जा रहे हैं।
काबुल फ्रंटलाइन नामक मीडिया एजेंसी ने भी लिखा है कि फ्रांस सरकार ने मुस्लिम लड़कियों के अबाया पहनने पर प्रतिबन्ध लगाया, परन्तु उन्होंने शायद ही अपने ही मुल्क में लड़कियों के स्कूल पर बात की हो! परन्तु सबसे हास्यास्पद तो ईरान की प्रोपोगैंडा वेबसाईट ने भी इसे इस्लामोफोबिया का नाम देते हुए लिखा कि फ्रांस ने स्कूल में वस्त्र पहनने की नीति लागू की।

यह हास्यास्पद है कि महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थान और विमर्श समाप्त करने वाले लोग फ्रांस की सरकार द्वारा स्कूल में मजहबी पहचान को स्पष्ट न करने के इस निर्णय को मजहब का विरोधी बता रहे हैं। वहीं भारत के लिब्रल्स एवं सेक्युलर लॉबी के लिए तो और भी कठिन समय है क्योंकि जब मैक्रोन फ्रांस के राष्ट्रपति बने थे तो भारत का एक बहुत बड़ा वर्ग एकदम पागल हो गया था और यह तक अनुमान लगाने लगा था कि भारत के यंग और डायनामिक मेक्रोन कौन होंगे? उस वर्ग के लिए संकट और भी गहरा है क्योंकि उनके लिए कभी अपने प्रिय नेता का ऐसा रूप देखना किसी सदमे से कम नहीं है क्योंकि भारत में वह लोग स्कूलों में मजहबी पहचान बताए जाने वाली पोशाक पर प्रतिबन्ध को आजादी पर प्रतिबंध बताते हैं, जो मैक्रोन सरकार के निर्णय के एकदम विपरीत है।

Topics: Franceफ्रांस में इस्लामी प्रभावफ्रांस में अबाया पर प्रतिबंधअबाया पर प्रतिबंधफ्रांस के स्कूलों में अबाया पर प्रतिबंधislamic influence in franceban on abaya in franceban on abayaफ़्रांस समाचारban on abaya in france schoolsFrance Newsफ्रांस
Share13TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

फ्रांस में म्यूजिक फेस्टिवल में फिर हुआ बवाल

फ्रांस: म्यूजिक फेस्टिवल में फिर लड़कियों पर रहस्यमयी सिरिन्ज, चाकुओं से हमला और यौन उत्पीड़न

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रां के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

G7 में बढ़ता भारत का रुतबा, दुनिया के विकसित देश भी मान रहे भारत का लोहा, समझ रहे भारत का महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप

प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रम्प के समक्ष उठाया भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक

पाक-चीन की चाल पर अमेरिका ने फेरा पानी, BLA को UN आतंकी सूची में शामिल करने से किया इनकार

प्रतीकात्मक चित्र

फ्रांस में अफगान शरणार्थी बकरी और भेड़ों से दुष्कर्म के आरोप मे गिरफ्तार

ईयू सांसद वामपंथी फ्रांसीसी नेता रीमा हसन

France: जिहादी सोच की EU सांसद वामपंथी नेता Rima Hassan हिरासत में, Israel विरोधी हसन के लिए मुखर हुआ वामी ईकोसिस्टम

Load More

ताज़ा समाचार

Pahalgam attack Bilawal bhutto

‘पानी रोकोगे तो परमाणु बम दागेंगे’: सिंधु जल समझौते पर बिलावल भुट्टो की गीदड़ भभकी

Weather Update: अगले पांच दिनों में जम्मू-कश्मीर में अचानक बाढ़, भूस्खलन का खतरा, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

इंदिरा नूयी

भारत में रहती तो कभी पेप्सिको की CEO नहीं बन पाती’, इंदिरा नूयी ने चीन की व्यवस्था की तारीफ की; बयान पर छिड़ी बहस

ओडिशा कैबिनेट की ऐतिहासिक पहल: KG से PG तक निःशुल्क शिक्षा को मंजूरी, 12 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

सम्राट कपिलेंद्र देव के राज्याभिषेक की 591वीं वर्षगांठ पर भव्य आयोजन, इतिहास को भारतीय दृष्टिकोण से पुनः देखने की जरूरत

Deepfake video of general Dheeraj seth

आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ का डीपफेक वीडियो वायरल, PIB फैक्ट चेक ने एक्सपोज किया पाकिस्तानी प्रोपगैंडा

Gold Silver Price Today

Gold-Silver Price Today: सोने में बड़ी गिरावट, चांदी की कीमत में उछाल; जानिए आज के ताजा रेट

रूस ने यूक्रेन पर किया बड़ा हमला, कीव में 28 जगहों पर धमाके; सैन्य ठिकानों और ड्रोन निर्माण केंद्रों को बनाया निशाना

Indus Water treaty

Explainer: आतंकवाद की कीमत चुकाता पाकिस्तान: पानी के लिए परेशान

Alaknanda flood

अलकनंदा का रौद्र रूप! भारी बारिश से उत्तराखंड में नदियां बाढ़ पर, चारधाम यात्रा प्रभावित

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies