अनुच्छेद 370 : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, जम्मू-कश्मीर को फिर राज्य का दर्जा कब, चुनाव कब होंगे?
June 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत जम्‍मू एवं कश्‍मीर

अनुच्छेद 370 : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, जम्मू-कश्मीर को फिर राज्य का दर्जा कब, चुनाव कब होंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए समय सीमा क्या है और उसका रोडमैप क्या है?

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 29, 2023, 06:24 pm IST
in जम्‍मू एवं कश्‍मीर, दिल्ली

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान बेंच ने आज अनुच्छेद 370 को लेकर दाखिल की गई याचिकाओं पर बारहवें दिन की सुनवाई पूरी कर ली है। आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए समय सीमा क्या है और उसका रोडमैप क्या है? कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि राज्य में चुनाव कब करा रहे हैं? चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर अगली सुनवाई 31 अगस्त को करने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान आज चीफ जस्टिस ने कहा कि राज्य में लोकतंत्र की बहाली बहुत महत्वपूर्ण है। तब केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने और लोकतंत्र बहाली को लेकर 31 अगस्त को कोर्ट को जानकारी देंगे। इस संबंध में सॉलिसिटर और अटॉर्नी जनरल व्यक्तिगत तौर पर सरकार से मिल कर बात करेंगे। जब चीफ जस्टिस ने मेहता से पूछा कि राज्य में चुनाव कब करा रहे हैं तो मेहता ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उसी की तैयारी हो रही है। हम चुनाव कराने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

मेहता ने याचिकाकर्ताओं की उस दलील का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि कुछ रियासतों को अनुच्छेद 370 के तहत आश्वासन दिया गया था, जिसके बदले में उन्होंने भारत में शामिल होने का फैसला किया। इसलिए इसे स्थायी माना जाना चाहिए। मेहता ने इसके खिलाफ रघुनाथराव गणपतराव बनाम भारत का हवाला देते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने कभी भी अनुच्छेद 370 को स्थाई रूप में लाने का इरादा नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य में दशकों से जो लगातार स्थिति बन रही है, वह अन्य सीमावर्ती राज्यों के साथ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सीमावर्ती राज्य नहीं है बल्कि यह एक अलग तरह का सीमावर्ती राज्य है। मेहता ने कहा कि वहां युवाओं को मुख्यधारा में कैसे लाया जाए, हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। तब चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या संसद के पास राज्य को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की शक्ति है। अगर वहां केंद्र शासित प्रदेश की स्थिति स्थायी नहीं है तो यह कितनी अस्थायी है।

मेहता ने कोर्ट को बताया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करना एक अस्थायी उपाय है और भविष्य में जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश को वापस राज्य के रूप में वापस कर दिया जाएगा। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि आप पहले तो ये बताएं कि अस्थाई स्थिति कब तक रहेगी? इसे स्थायी स्वरूप देने का रोडमैप आखिर क्या है आपके पास? चीफ जस्टिस ने पूछा कि आप बताएं कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव कब होंगे? तब मेहता ने कहा कि उसके लिए रोड मैप तैयार किया जा रहा है। चीफ जस्टिस ने कहा कि आप राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में राज्य का विभाजन और कब तक राष्ट्रपति शासन लगाए रख सकते हैं और किस अधिकार के तहत? चीफ जस्टिस ने कहा कि लोकतंत्र का बहाल होना बहुत महत्वपूर्ण है।

सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि इतिहास में गए बिना इस मुद्दे को समझना मुश्किल होगा। इतिहास से वर्तमान को जोड़ते हुए अटार्नी जनरल ने 1950 में हुए चुनाव में पूरण लाल लखनपाल को चुनाव लड़ने से रोकने की घटना का जिक्र किया कि आखिर क्यों उनके चुनाव लड़ने की राह में रोड़े अटके। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में राजनीतिक एकता और संवैधानिक एकता में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 अस्थाई व्यवस्था थी, जो समाप्त हो गई।

तब जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा पूरी व्यवस्था का हिस्सा थी तो आप उसे संविधान के दायरे से बाहर कैसे कह सकते हैं। तब अटार्नी जनरल ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा 1957 में मौजूद थी तो क्या विधानसभा सिफारिश कर सकती थी कि राज्य में जनता के बुनियादी अधिकार नहीं होंगे। अटार्नी जनरल ने कहा कि भले ही विधानसभा  अनिश्चितकाल के लिए भंग हो गयी हो लेकिन विधानसभा भंग करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास होता है। अटार्नी जनरल 31 अगस्त को भी दलीलें जारी रखेंगे।

23 अगस्त को याचिकाकर्ताओं की ओर से दलीलें पूरी कर ली गईं। पांच सदस्यीय बेंच में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं। 2 मार्च, 2020 के बाद इस मामले को पहली बार सुनवाई के लिए लिस्ट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में कहा गया है कि अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार ने राज्य के सभी विधानसभा सीटों के लिए एक परिसीमन आयोग बनाया है। इसके अलावा जम्मू और कश्मीर के स्थायी निवासियों के लिए भी भूमि खरीदने की अनुमति देने के लिए जम्मू एंड कश्मीर डवलपमेंट एक्ट में संशोधन किया गया है। याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर महिला आयोग, जम्मू-कश्मीर अकाउंटेबिलिटी कमीशन, राज्य उपभोक्ता आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग को बंद कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च, 2020 को अपने आदेश में कहा था कि इस मामले पर सुनवाई पांच जजों की बेंच ही करेगी। सुप्रीम कोर्ट की संविधान बेंच ने मामले को सात जजों की बेंच के समक्ष भेजने की मांग को खारिज कर दिया था।

(सौजन्य सिंडिकेट फीड) 

Topics: अनुच्छेद 370 मामले में सुनवाईजम्मू-कश्मीर में चुनाव कबजम्मू-कश्मीर समाचारJ&K Caseजम्मू-कश्मीरHearing in Article 370 CaseSupreme CourtWhen Elections in J&Kसुप्रीम कोर्टJ&K NewsJ&Kअनुच्छेद 370Article 370जम्मू-कश्मीर मामला
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

supreme court

न्यायालय के आलोक में बेटी का अधिकार!

supreme court

विवाहित बेटियां परिवार का हिस्सा, अनुकंपा नियुक्ति से बाहर नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

Aravali range Supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा के लिए गठित की 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति

Suprime Court

3 महीने से ज्यादा नहीं रुकेगा फैसला, सुप्रीम Court ने हाई कोर्टों को दिया सख्त आदेश

हिंदू संगठनों के गुस्से के बाद स्कूल मैनेजमेंट पीछे हट गया

ईद पोस्टर में गाय की तस्वीर से मचा बवाल, रियासी स्कूल पर भड़के हिंदू संगठन, जानिए पूरा मामला

रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

जम्मू-कश्मीर पर दूसरे देश को टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं, भारत ने चीन-पाकिस्तान की ‘शरारत’ का किया सख्त विरोध

Load More

ताज़ा समाचार

तस्वीर में बाईं ओर सूर्या और दाईं ओर असद

सूर्य चौहान की हत्या और साझी विरासत के यक्ष प्रश्न

मद्रास उच्च न्यायालय

‘स्वयंसेवकों पर नहीं चलेगा मुकदमा’

Punjab law and order farmers thieves tubewell motor UPI

पैसे ले लो पर ट्यूबवैलों की मोटरें न चुराओ : पंजाब में किसानों की चोरों से अपील, सरकार से उठा भरोसा

sambhal baghauch illegal mazar demolished by administration

संभल में प्रशासन का बड़ा एक्शन: अवैध मजार पर चला बुलडोजर, 5 साल से था कब्जा

varanasi urban park bhelupur 130 feet shivling

130 फीट ऊंचा शिवलिंग, 100 करोड़ की लागात: काशी को मिलेगी विश्वस्तरीय सौगात, बनेगा ‘अर्बन पार्क’

दिल्ली विधानसभा के बाहर सांकेतिक उपवास करते लोकतंत्र सेनानी

संपूर्ण क्रांति से आपातकाल तक : लोकतंत्र सेनानियों ने याद किया संघर्ष, सरकार को सौंपा ज्ञापन, 10 हजार ने किए हस्ताक्षर

कोई टोंटी चोरी कर रहा, कोई पानी बहा रहा, ऐसे लोगों को टोकें : सीएम योगी

केंद्रीय गृह मंत्री, अमित शाह

BSF त्रिपुरा से बंगाल व बिहार तक, सीमा पर हर चुनौती का कर रही है सामना : अमित शाह

garhwal greeners 127 infantry battalion environment day campaign dehradun

देहरादून: ‘गढ़वाल ग्रीनर्स’ ने पर्यावरण दिवस पर चलाया महाभियान, लगाए 5000 से ज्यादा पौधे

1978 संभल दंगा: हिंदू की हत्या कर जिस जमीन को बनाया ‘कब्रिस्तान’, उसे CM योगी ने कराया मुक्त; 48 साल बाद मिला न्याय

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies