1991 : एक दौर वह भी था : जब सोना गिरवी रखना पड़ा
June 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

1991 : एक दौर वह भी था : जब सोना गिरवी रखना पड़ा

जुलाई 1991 में भारतीय रिजर्व बैंक ने 46.91 टन सोना रिजर्व बैंक आफ जापान और बैंक आॅफ इंग्लैंड को गिरवी रखने का फैसला किया।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 15, 2023, 10:06 am IST
in भारत

1970 के तेल संकट, समाजवादी अर्थव्यवस्था, अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन और अनाप-शनाप सब्सिडी के कारण 1990-91 तक भारत का कुल राजस्व घाटा बढ़कर 9.4% के आसपास पहुंच गया था।

आज जब भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से अधिक है, जो बड़ी सरलता से भारत के एक वर्ष के कुल आयात की पूर्ति करने में सक्षम है, इस कारण आज इतिहास के उस महत्वपूर्ण बिंदु की कल्पना करना भी कठिन है, जब 1990 के दशक की शुरुआत में भारत के पास मात्र दो सप्ताह के आयात के लायक विदेशी मुद्रा बची थी। 1970 के तेल संकट, समाजवादी अर्थव्यवस्था, अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन और अनाप-शनाप सब्सिडी के कारण 1990-91 तक भारत का कुल राजस्व घाटा बढ़कर 9.4% के आसपास पहुंच गया था।

इसी अवधि के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से गिरता गया। मार्च 1990 में भारत का कुल विदेशी ऋण 72 अरब डालर था जबकि उसका विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 5.8 अरब डालर रह गया था और वह भी बहुत तेजी से कम होता जा रहा था। उस समय देश में राजनीतिक अस्थिरता भी थी और भारत सार्वभौमिक ऋण न चुका सकने की स्थिति में आ रहा था। लेकिन भारत के बैंकों के पास, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक भी शामिल था, पर्याप्त मात्रा में स्वर्ण भंडार उपलब्ध था। भारत के सामने अपनी साख बचाए रखने का अंतिम उपाय यही था।

बेहद गोपनीय ढंग से चलाए गए इस अभियान के तहत लगभग 47 टन सोना 4 बार में भेजा गया, इससे कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ डॉलर की राशि सरकार को प्राप्त हुई। नरसिंह राव सरकार ने भी चंद्रशेखर सरकार के इस फैसले को न केवल जारी रखा, बल्कि उसका पूरी तरह बचाव भी किया। सरकार ने सोना गिरवी रखने के इस निर्णय के साथ यह भी नीतिगत निर्णय लिया कि यह व्यवस्था न केवल अस्थायी रहेगी, बल्कि मौका मिलने पर सोना वापस भी लाया जा सकेगा।

जनवरी 1991 में भारतीय स्टेट बैंक ने निर्णय किया कि वह कुछ सोना गिरवी रखकर विदेशी मुद्रा प्राप्त करने की कोशिश करेगा। सरकार से अनुमति मिलने के बाद अप्रैल में बरामद किए गए सोने में से 20 टन सोना विदेश भेजा गया, जिससे लगभग 23.40 करोड़ डॉलर की विदेशी मुद्रा अर्जित की गई। लेकिन यह राशि बहुत कम थी। अंतत: रिजर्व बैंक और सरकार ने भी हस्तक्षेप करके यही रास्ता अपनाने का फैसला किया। लेकिन यह कार्य बहुत सरल नहीं था। बहुत बड़ी मात्रा में सोना बाहर ले जाने की अनुमति देने से देशभर में आर्थिक अराजकता और भय का माहौल पैदा हो सकता था। इसके बावजूद चंद्रशेखर सरकार ने रिजर्व बैंक की सलाह पर कार्य करने का फैसला किया।

बेहद गोपनीय ढंग से चलाए गए इस अभियान के तहत लगभग 47 टन सोना 4 बार में भेजा गया, इससे कुल मिलाकर लगभग 40 करोड़ डॉलर की राशि सरकार को प्राप्त हुई। नरसिंह राव सरकार ने भी चंद्रशेखर सरकार के इस फैसले को न केवल जारी रखा, बल्कि उसका पूरी तरह बचाव भी किया। सरकार ने सोना गिरवी रखने के इस निर्णय के साथ यह भी नीतिगत निर्णय लिया कि यह व्यवस्था न केवल अस्थायी रहेगी, बल्कि मौका मिलने पर सोना वापस भी लाया जा सकेगा। जुलाई 1991 में भारतीय रिजर्व बैंक ने 46.91 टन सोना रिजर्व बैंक आफ जापान और बैंक आफ इंग्लैंड को गिरवी रखने का फैसला किया। उस समय तक जापान और लंदन के बैंक भारत के वाणिज्यिक बिलों को स्वीकार करने से इनकार कर रहे थे।

सोने के सौदे के सिलसिले में रिजर्व बैंक के तत्कालीन गवर्नर ने बैंक आफ जापान की यात्रा की। 18 जुलाई 1991 को तत्कालीन वित्त मंत्री ने संसद में एक बयान देकर सारी स्थिति का विवरण संसद के समक्ष रखा। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए भारत सरकार ने सोने के आयात पर सख्त प्रतिबंध लगाए हालांकि इसके कारण अवैध तरीकों से सोने का आयात या तस्करी बढ़ती गई और आर्थिक समस्याएं भी साथ-साथ बढ़ती गई। इस कारण सरकार सोने के आयात पर नियंत्रण के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य हुई।

1992-93 में सरकार ने सोने के आयात को आंशिक तौर पर उदार कर दिया और आयातित सोने पर शुल्क भी थोड़ा घटाया। इसके साथ ही सरकार आर्थिक उदारीकरण की नीतियों की तरफ बढ़ी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा भंडार और आयात संबंधी निर्णयों के मामले में काफी सुविधा प्राप्त हुई।

Topics: gold dealspartially liberalized gold importsगवर्नर ने बैंक आफ जापानविदेशी मुद्रा भंडारभारतीय स्टेट बैंकstate bank of indiaforex reservesसोने के सौदेसोने के आयात को आंशिक तौर पर उदार
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

‘महंगाई काबू में और देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत स्थिति में’- प्रो. गौरव वल्लभ

PM Narendra Modi petrol diesal crisis

आर्थिक संकट के दौर में प्रधानमंत्री का ‘स्वर्ण’ संदेश, आखिर एक साल तक क्यों नहीं खरीदें सोना?

723.77 अरब डॉलर पहुंचा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, ऑल-टाइम हाई का बना रिकॉर्ड

State bank of India language dispute

कर्नाटक में भाषा विवाद: SBI मैनेजर का हिंदी बोलने पर ट्रांसफर

India And Pakistan economic growth

भारत-पाकिस्तान: आर्थिक प्रगति और आतंकवाद के बीच का अंतर

SBI में 1511 पदों के लिए भर्ती की आखिरी तारीख आज

SBI में 1511 पदों के लिए भर्ती, IT प्रोफेशनल्स के लिए सुनहरा मौका, जल्दी करें, आज आखिरी मौका

Load More

ताज़ा समाचार

ऑपरेशन डेल्टा हंट के बारे में मीडिया को जानकारी देते उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी

बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ गुजरात में ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’, 72 घंटे में 362 गिरफ्तार

कोर्ट का फैसला

‘प्राइड मंथ’ से पहले ऑस्ट्रेलिया से आया एक चौंकाने वाला फैसला

RSS Karyakarta Vikas Varg Kumar Mangalam Birla

नागपुर: RSS के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ का 4 जून को भव्य समापन, उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला होंगे मुख्य अतिथि

8 जून को इंडी गठबंधन की बैठक : अस्तित्व बचाने जुटेंगे 17 विपक्षी दल! क्या अंदरूनी कलह पर होगा मंथन!

former wipro employee alleges forced conversion

नासिक TCS के बाद Wipro में जबरन कन्वर्जन! पूर्व कर्मचारी ने किए चौंकाने वाले खुलासे, मुस्लिम सहकर्मी पर लगाए आरोप

supreme court

न्यायालय के आलोक में बेटी का अधिकार!

RSS Sangh Shiksha Varg Prayagraj Samajik Samrasata

125 गांव, हाथों में थैले और 5000 रोटियां: संघ शिक्षा वर्ग ने पेश की समरसता की मिसाल, घर-घर चूल्हों तक पहुंचा राष्ट्रवाद

ममता बनर्जी काे बड़ा झटका, पार्टी से निष्कासित ऋतब्रत को विधानसभा अध्यक्ष ने दिया नेता प्रतिपक्ष का दर्जा

pithoragarh yakshavati river rejuvenation plantation drive 130 ta eco kumaon

विश्व पर्यावरण सप्ताह : सेना की इको टास्क फोर्स ने शुरू किया यक्षवती नदी पुनर्जीवन, नागरिकों ने दिखाई एकजुटता

न्यूयॉर्क के मेयर मामदानी ने तोड़ी परंपरा! इजरायल डे परेड का किया बहिष्कार, लोगों ने कहा- ‘चला रहे हैं इस्लामिक एजेंडा’

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies