प्राचीन काल में भारत तकनीकी, व्यापार, कला, संगीत और साहित्य में अग्रणी था, इसका लोहा विश्व भी मानता है- डॉ. कृष्ण गोपाल
June 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

प्राचीन काल में भारत तकनीकी, व्यापार, कला, संगीत और साहित्य में अग्रणी था, इसका लोहा विश्व भी मानता है- डॉ. कृष्ण गोपाल

भारत में संत और आचार्य परंपरा पर व्याख्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि प्राचीन भारत की समद्ध गुरू शिष्य-परंपरा और आचार्यों का अपने शिष्यों के प्रति आत्मिक स्नेह और त्याग का विषय सारगर्भित और प्रेरणादाई रहा है।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jun 6, 2023, 02:45 pm IST
in भारत, विश्लेषण

इंडियन इंस्टिटयूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज शिमला के द्वारा भारत में संत और आचार्य परंपरा पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल रहे। डॉ. कृष्ण गोपाल ने प्राचीन भारत की समद्ध गुरू शिष्य परंपरा और आचार्यों का अपने शिष्यों के प्रति आत्मिक स्नेह और त्याग के विषय में सारगर्भित और प्रेरणादाई उद्बोधन दिया।

उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में भारत तकनीकी, व्यापार, कला, संगीत और साहित्य में अग्रणी था। इसका लोहा विश्व भी मानता है, लेकिन इस सभी के मूल में यहां के संत आचार्य और गुरू रहे हैं। वह बताते हैं कि एक बार भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ओमान की यात्रा पर गए, तो वहां के सुल्तान के बेटे को जानकारी मिली। वह बहुत ही अभिभूत हुआ कि मेरे गुरू हमारे देश ओमान की यात्रा पर आ रहे हैं, राजा के अधिकारियों के द्वारा कहा गया कि प्रोटोकॉल के अनुसार हम ही उनका स्वागत और अन्य व्यवस्था करेंगे, लेकिन सुल्तान के पुत्र ने कहा कि मैं भारत में पढ़ा हूं, मुझे पता है कि भारत में शिष्य अपने गुरू का कितना सम्मान करते हैं, इसलिए मैं ही उनकी पूरी व्यवस्था करूंगा। यह विषय शाह के बेटे ने वहां के मीडिया को बाद में बताया था।

महर्षि कण्व के आश्रम में शिक्षा लेने वाला शिष्य भी राजा दुष्यंत को कहता हैं कि आश्रम के आस-पास का हिरण को कोई मार नहीं सकता, ‘आश्रमस्य मृगोयं किमपि न हन्तव्यं’ काशी के शिलालेख के बारे में कहते हैं कि ‘इदं अपि न तिष्ठेत्।’ इलाहाबाद विवि में 1942 के असहयोग आंदोलन में महात्मा गांधी और मालवीय जी के शिष्यों के विषय में बताते हुए कहते हैं, कि मालवीय जी के शिष्यों का उनके प्रति आत्यंति सम्मान था, और महात्मा गांधी यह जानते थे, कि उनके शिष्य मेरी बात नहीं मानेंगे मालवीय जी की ही बात मानेंगे ऐसा उनका मालवीय जी के शिष्यों के बारे में मत था।

आचार्यों की उच्च परंपरा के बारे में वे बताते हैं कि इलाहाबाद विवि के एक आचार्य का अपने दायित्व के प्रति कितना दृढ़ विश्वास था कि वह गृहमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत के आदेश को भी क्रोधित होते हुए कह देते हैं कि इलाहाबाद विवि के आचार्य कहते हैं कि इस विवि का आचार्य आपके आदेश पर कार्य नहीं करेगा। वह अपनी अंतरात्मा की आवाज पर कार्य करेगा। ‘I May resign but will not allow any politician to inrerfere in the education system’

उन्होंने प्राचीन काल, मध्य काल और आधुनिक काल के गुरू आर्यभट्ट, आचार्य चाणक्य, महर्षि वाल्मीकि नागार्जुन, घोषा, गार्गी, अपाला, सौनक ऋषि और अंगिरा,  गुरू रविदास, नानक, कबीर,, महर्षि अरविंद, आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, स्वामी श्रद्धानंद, महामना मालवीय, जे.के. मेहता, महेश चंद्र, आत्माराम, 95 वर्षीय मुसलगांवकर, डॉ. सुब्रहमण्यम् शास्त्री, आदि महान गुरू और आचार्यों द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विषय में प्रेरक जानकारी दीं।

उन्होंने डॉ. अंबेडकर के गुरू पेंडसे द्वारा निर्धन शिष्य भीमराव के लिए विद्यालय में प्रतिदिन भोजन लाने का मार्मिक उदाहरण दिया। डॉ. कृष्ण गोपाल ने यह भी जानकारी दी कि पश्चिमी विद्वान Butterend Russell मानते हैं कि  ‘Present Education system is like a Billiards game in which hitting a ball it goes to one another without any goal’

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि सभ्यताओं के संघर्ष में  ‘In Clash of Civilisations Spiritual knowledge plus wordly knowledge will work together in this era’ अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान में Clash of Civilisation में भी भारत ही समाधान कर सकता है लेकिन इसका संपूर्ण समाधान भारतीय संत, गुरु, आचार्यों द्वारा दिखाए गए मार्ग से ही निकलेगा।

अंत में उन्होंने आह्वान किया कि संस्थान के फेलो और आचार्य भी इन विषयों को अपने जीवन में उतारेंगे तो भारत का भाग्य बदलना निश्चित है। इस व्याख्यान में पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित और संस्थान के पूर्व अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर, वर्तमान अध्यक्ष प्रो. शशि प्रभा कुमार, संस्थान के निदेशक प्रो. नागेश्वर राव और विभिन्न फेलो सहित शिमला शहर के गणमान्य जन भी उपस्थित रहे।

Topics: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघडॉ कृष्ण गोपालइंडियन इंस्टिटयूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज शिमलासंत और आचार्य परंपराआचार्य परंपरा पर व्याख्यान
Share1TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, असम क्षेत्र द्वारा आयोजित 20 दिवसीय कार्यकर्ता विकास वर्ग (प्रथम, सामान्य) का समापन रविवार को गीताश्रम, होजाई में प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।

असम : होजाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 20 दिवसीय कार्यकर्ता विकास वर्ग का भव्य समापन

“संघ की स्पष्ट दृष्टि है- भारत हर क्षेत्र में परम वैभवशाली राष्ट्र के रूप में खड़ा हो” – डॉ. कृष्ण गोपाल

rss sunil ambekar media interaction nagpur hindu rashtra genz

नागपुर में बोले सुनील आंबेकर: संघ किसी से द्वेष नहीं करता, हम संवाद के लिए हमेशा तैयार, भारत का GenZ राष्ट्रप्रेमी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सुनील आंबेकर

‘1947 में संघ होता मजबूत तो न बंटता देश’

आज का इतिहास

28 मई का इतिहास: जानिए आज के दिन घटी भारत और विश्व की बड़ी ऐतिहासिक घटनाएँ

Bhaiyaji Joshi Hindutva Ramesh Patange Book Pune

‘भारत माता की जय’ से मिट जाते हैं सारे भेद! पुणे में भय्याजी जोशी ने कहा- संकुचित नहीं है हिन्दुत्व…

Load More

ताज़ा समाचार

Gujarat Wire Free City Mission 2030 Budget

गुजरात 2030 तक बनेगा “वायर फ्री” : गुजरात में अब कार्यरत होगा देश का पहला “सर्विस कमिश्नरेट”

देश के 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में पश्चिम बंगाल के 8 शहर शामिल, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए खतरा!

दिल्ली अग्निकांड: होटल मालिक लवकेश बजाज 4 दिन की पुलिस रिमांड पर…

CM Yogi Gyan Bharatam Mission UP Tourism Policy Neem Karoli Baba Circuit

नीम करोली बाबा सर्किट से शिवाजी महाराज म्यूजियम तक! CM योगी का बड़ा ऐलान, UP में दिखेगा सांस्कृतिक पुनर्जागरण

dehradun administration removes illegal prasad shops outside fri rangers colony mazar

देहरादून: FRI रेंजर्स कॉलोनी के बाहर विवादित मजार पर प्रशासन का एक्शन, हटाई गईं अवैध दुकानें

ऑटो में हिंदू लड़की को छेड़ना… GYM को शरीयत नियमों से चलाना- ये कैसी जिहादी मानसिकता?

Cockroach

घर का अनचाहा ‘मेहमान’ है कॉकरोच, इसे दूर करना है जरूरी

कोच्चि IPL विवाद: ललित मोदी बोले-‘मिला था सोनिया गांधी का संरक्षण’

केरल में ‘ओनली फॉर मुस्लिम’ जिम पर बवाल: हिजाब में वर्कआउट, शरीयत कानून और इस्लामिक ड्रेस…

Thiland Pattaya Indian army beaten by trans pib fact check

थाईलैंड में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल को पीटने का वीडियो वायरल: PIB Fact check ने बताया फर्जी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies