नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तुर्किये में राहत बचाव कार्य के लिए गए भारतीय सहायता दल के साथ बातचीत की। मानवहित को सर्वोपरि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने निस्वार्थता की पहचान को सशक्त कर रहा है। हम विश्व को परिवार मानते हैं और इसके सदस्य होने के नाते संकट के समय तेजी से मदद का हाथ पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने आवास पर तुर्किये में खोज राहत एवं बचाव का कार्य करने पहुंची एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के कार्यकर्ताओं से संवाद किया। इस दौरान एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवाल भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ की साख लगातार बढ़ रही है और लोगों का उन पर विश्वास बढ़ा है। आपदा या संकट के किसी समय पर लोग उनके कहे अनुसार काम करते हैं। संकट के समय भारत की त्वरित प्रतिक्रिया को एक उपलब्धि मानते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है और भारत के प्रति एक सद्भावना वाला रूप विकसित हुआ है। तिरंगा देखकर लोगों में आशा जागती है। तिरंगे की इसी भूमिका को हमने यूक्रेन व अफगानिस्तान संकट तथा कोरोना काल में देखा है। अपने नागरिकों के साथ ही भारत ने अन्य देशों के नागरिकों की भी मदद की है।
प्रधानमंत्री ने राहत कर्मियों को अपने अनुभव का डॉक्यूमेंटेशन करने के दायित्व का स्मरण कराते हुए कहा कि हमें रुकना नहीं है और अपने मानवीय चेहरे की ताकत को कई गुना बढ़ाना है। हमने क्या-क्या सीखा इससे आने वाले किसी संकट में मदद मिलेगी। राहत कर्मियों की भारतीय टीम में महिलाओं की उपस्थिति की भी प्रधानमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे आपदा से पीड़ित महिलाएं अपना दर्द बता पाई हैं।











