यूपी एटीएस ने अवैध असलहों के अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़, आफताब और मैनुद्दीन शेख गिरफ्तार

आफताब आलम पूर्व में दो बार जेल जा चुका है और पिछले कई वर्षों से अवैध शस्त्रों के निर्माण तथा तस्करी में संलिप्त है.

Published by
लखनऊ ब्यूरो

यूपी एटीएस ने आजमगढ़ पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में अवैध असलहों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया. इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध असलहों के साथ-साथ कारतूस, अर्द्धनिर्मित पेन-गन व शस्त्र बनाने के सामान बरामद किए गए. यूपी एटीएस को सूचना मिली थी कि जनपद आजमगढ़ के दो व्यक्ति अपने अन्य साथियों के साथ अवैध शस्त्रों के निर्माण व तस्करी में संलिप्त हैं. छानबीन की तो ज्ञात हुआ कि आफताब आलम तथा मैनुद्दीन शेख अवैध शस्त्रों के निर्माण व गैरकानूनी ढंग से बिक्री करने में शामिल हैं. यूपी एटीएस ने आजमगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में पता चला कि आफताब आलम पूर्व में दो बार जेल जा चुका है और पिछले कई वर्षों से अवैध शस्त्रों के निर्माण तथा तस्करी में संलिप्त है. यह अवैध शस्त्र व कारतूस मैनुद्दीन शेख से खरीद कर तस्करी करता था. मैनुद्दीन शेख काफी दिनों से आजमगढ़ में गन हाउस के गठजोड़ से अवैध असलहों व कारतूस की तस्करी करता था और जनपद आजमगढ़ के देवारा क्षेत्र के कुढ़ही ढाला के पास इब्राहिमपुर गांव में अपनी खेती की जमीन पर असलहा बनाने की फैक्ट्री लगाये था. बाढ़ के चलते फिलहाल यह फैक्ट्री वह अपने घर से संचालित कर रहा था. पूछताछ में यह भी पता चला कि फैक्ट्री में निर्मित असलहों को आफताब आलम तथा काजी गन हाउस आसिफ गंज पांडेय बाजार रोड आजमगढ़ के संचालक सैयद काजी अरशद के माध्यम से पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों में तस्करी करता था. ये दोनों कारतूस को अवैध रूप से गन हाउस से प्राप्त कर डिमांड के अनुसार सप्लाई करते थे. आरोपियों के नेपाल, पाकिस्तान व दुबई कनेक्शन भी मिले हैं. आफताब आलम एवं मैनुद्दीन शेख की निशानदेही पर भारी मात्रा में निर्मित, अर्द्धनिर्मित अवैध असलहों, कारतूस, खोखा कारतूस, अर्द्धनिर्मित पेन गन (अत्याधुनिक) व शस्त्र बनाने के सामान एवं मोबाइल बरामद होने के बाद थाना बिलरियागंज, जनपद आजमगढ़ में मुकदमा दर्ज किया गया है.

ये हथियार बरामद

एक पिस्टल .9 एमएम, एक पिस्टल .22 एमएम, एक डीबीबीएल गन, एक एसबीबीएल गन, 8 एयरगन, दो तमंचा 12 बोर, एक तमंचा .32 बोर, दो अर्द्धनिर्मित पेन गन, एक पिस्टल अर्द्धनिर्मित मय मैग्जीन, चार अर्द्धनिर्मित कारबाइन बैरल, दो अर्द्धनिर्मित रिवाल्वर, दो अर्द्धनिर्मित तमंचा, तीन मैगजीन 9 एमएम, एक मैगजीन .22 एमएम, एक पिस्टल मैगजीन, 10 जिंदा कारतूस 9 एमएम, 51 जिंदा कारतूस 12 बोर, 6 ब्लैक जिंदा कारतूस .22 बोर, 51 लोहे की डिब्बी में एयरगन के छर्रे, दो टेलीस्कोप फॉर रायफल, तीन बंदूक के बट, 13 बंदूक की बड़ी नाल, सात बंदूक की छोटी नाल, साठ बंदूक में प्रयोग होने वाली स्प्रिंग, चार गन रियरविथ साइड एलाइनमेंट, एक हिटिंग गैस लाइटर, एक डीबीबीएल गन का मैकेनिज्म, एक रिवाल्वर रिवाल्विंग रिंग, एक पिस्टल स्लाइडर मय मुठिया, दो चाप, एक हेडलैंप, एक ड्रील मशीन, दो बैंक चेक बुक, एक डेबिट कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड व अलग-अलग गन हाउस के विजिटिंग कार्ड.

Share