मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा ने इस बार रालोद से हाथ मिलाया है लेकिन जनता के लिए फिर अराजकता, गुंडागर्दी और माफियागिरी की इबारत लिख दी है. सपा और रालोद गठबंधन ने विधानसभा चुनाव के लिए जारी की अपनी पहली सूची से अपना चरित्र दिखा दिया. वर्ष 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश को माफिया, गुंडा और अपराधियों के हवाले करके शासन चलाने वाली सपा ने एक बार फिर अपनी मंशा जाहिर कर दी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकाल में दंगाइयों, अपराधियों से उत्तर प्रदेश को दहलाने के बाद फिर एक बार आगामी विधानसभा चुनावों में अपराधियों और दंगाइयों को टिकट बांटे हैं जो समाजवादी पार्टी के दोहरे चरित्र व नफरत की राजनीति को दर्शाता है. कैराना पलायन के जिम्मेदार, मुजफ्फरनगर के दंगाइयों को टिकट देना,और पेशेवर हिस्ट्रीशीटर को टिकट देना समाजवादी पार्टी का चरित्र उजागर करता है. लोनी विधान सभा से टिकट पाए मदन भैया की गिनती माफिया में होती है, यह शायद अखिलेश यादव और जयंत चौधरी भूल गए हैं. मदन भैया पर 1982 से लेकर 2021 तक 31 मुकदमे दर्ज हैं जिसमें हत्या के मामले भी हैं.
उन्होंने कहा कि नाहिद हसन को टिकट देकर सपा ने अपने साम्प्रदायिक पक्ष को फिर सामने रखा है. नाहिद हसन पर शामली और सहारनपुर जिलों में 17 मामले दर्ज हैं. इसी तरह बुलंदशहर से टिकट पाए हाजी युनुस पर 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं. स्याना से लड़ने वाले दिलनवाज का इतिहास भी आपराधिक रहा है.ऐसे लोगों को टिकट देकर अखिलेश ने स्पष्ट कर दिया है कि सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक बार फिर साम्प्रदायिक आग में झोंकने को तैयार है.











