अमेरिका : चीन नरसंहार का दोषी, बीजिंग ओलंपिक का करें बहिष्कार: नैंसी पलोसी
September 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

अमेरिका : चीन नरसंहार का दोषी, बीजिंग ओलंपिक का करें बहिष्कार: नैंसी पलोसी

Written byPanchjanyaPanchjanya
May 20, 2021, 02:43 pm IST
inविश्व, दिल्ली

चीन की राजधानी बीजिंग में 2022 को ओलंपिक खेल होने हैं, लेकिन अमेरिका में इसमें शामिल न होने को लेकर सांसद एकजुट होते दिख रहे हैं। वे कहते हैं, चीन उइगर नरसंहार का दोषी है इसलिए किसी भी प्रमुख देश को इन खेलों में भाग नहीं लेना चाहिए

अमेरिका में हाउस आफ रीप्रेजेंटेटिव्स की अध्यक्ष डेमोक्रेट सांसद नैंसी पलोसी ने सदन में यह कहकर सनसनी पैदा कर दी कि अमेरिका को 2022 में चीन के बीजिंग में होने जा रहे ओलंपिक खेलों का कूटनीतिक बहिष्कार करना चाहिए। नैंसी ने चीन को मानवाधिकार उल्लंघन का दोषी ठहराते हुए यह भी कहा है कि दुनिया के जो भी बड़े नेता उसमें शामिल होंगे वे अपनी नैतिकता से समझौता करेंगे।
नैंसी पलोसी चीन में उइगरों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर मुखर रही हैं और मानती हैं कि चीन ने मानवाधिकार उल्लंघन की तमाम सीमाएं लांघ दी हैं। अमेरिकी सांसद यूं भी बीजिंग ओलंपिक के विरोधी रहे हैं और स्थान परिवर्तन की मांग करते रहे हैं। सांसदों ने उन बड़ी अमेरिकी कंपनियों को भी आड़े हाथों लिया है जो अमेरिकी विदेश विभाग के उइगरों और दूसरे अल्पसंख्यकों के चीन द्वारा नरसंहार किए जाने के मत पर चुप्पी ओढ़े रहे हैं।
रायटर के हवाले से आई खबर के अनुसार, पलोसी का यह वक्तव्य संयुक्त सदन की उस बैठक में आया है जिसमें विश्व के नेताओं के चीन ओलंपिक से दूर रहने के मुद्दे पर चर्चा की गई थी। 18 मई को पलोसी ने कहा, ”मैं, इस प्रस्ताव के सभी प्रस्तावकों के साथ, अपील करती हूं कि दुनिया के प्रमुख देश चीन ओलंपिक का कूटनीतिक बहिष्कार करें और वहां अपनी उपस्थिति दर्ज न कराएं।” उन्होंने कहा कि विश्व के नेताओं को चीन जाकर उसका सम्मान नहीं बढ़ाना चाहिए।पलोसी ने कहा कि चीन में जारी नरसंहार के बावजूद अगर ये नेता वहां जाकर बैठते हैं तो वे अपनी नैतिकता से हाथ धो बैठेंगे, फिर उन्हें मानवाधिकार पर बात करने का कोई अधिकार नहीं रह जाएगा।
रिपब्लिकन सांसद क्रिस स्मिथ ने तो यहां तक कहा कि कारपोरेट प्रायोजकों को संसद के सामने बुलाकर बात करनी चाहिए और उन्हें उनके बर्ताव के लिए दोषी मानना चाहिए।

बहरहाल, पलोसी के इस वक्तव्य के बाद बीजिंग शांत नहीं बैठा। विदेश विभाग के प्रवक्ता झाओ लीजिआंग ने पलोसी के कहे को ‘झूठ से भरा और भ्रामक’ बताया। इससे पहले वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पैंग्यू ने अपेन वक्तव्य में कहा कि अमेरिका के चीन के घरेलू मामलों और ओलंपिक में दखल देने के प्रयास सफल नहीं होंगे। लियू का कहना है कि अमेरिका ऐतिहासिक और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में मानवाधिकार पर बोलने की नैतिकता नहीं रखता। अमेरिका चीन पर बेबुनियाद आरोप लगाने से बाज आए। स्मिथ ने यहां तक कहा कि बड़े उद्योग बस मोटा पैसा बनाना चाहते हैं, उन्हें फर्क नहीं पड़ता मेजबान देश कितनी बर्बरता-या नरंसहार-मचा रहा है।
डेमोक्रेट सांसद जिम मैक्गवर्न ने बीजिंग ओलंपिक स्थगित करके उन्हें किसी ऐसे देश में कराने का सुझाव दिया जो किसी का दमन न कर रहा हो।
अमेरिकी नेताओं में बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार किए जाने का मुद्दा गर्माया हुआ है, ज्यादातर का कहना है कि इन खेलों में किसी को हिस्सा नहीं लेना चाहिए। मानवाधिकार गुटों के संगठन ने भी खिलाड़ियों से बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार करने की अपील की है जिससे ओलंपिक कमेटी पर दबाव पड़े।

तिब्बत में बौद्धों का 1959 से ही दमन करता आ रहे चीनी कम्युनिस्टों ने वहां अब तिब्बती नस्ल को ही खत्म करने का बीड़ा उठाया हुआ है। वहां चप्पे—चप्पे पर सैनिक गश्त लगाते हैं और बचे हुए चंद बौद्धों पर नजर रखते हैं। बौद्ध मठों में भी सरकार के भेजे लामा बैटाए जाते हैं। बौद्ध अपने धर्म की रस्में खुलकर नहीं मना सकते। चीन ने वहां चीनी हान नस्ल वालों को बड़े पैमाने पर बसा कर तिब्बत की जनसांख्यिकी ही बदल दी है। ठीक ऐसा ही दमन चीन ने उइगर बहुल सिंक्यांग प्रांत में चला रखा है। वहां उइगरों पर जबरदस्त पाबंदियां लगी हुई हैं। उनकी मस्जिदें ढहा दी गई हैं, खुले में नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं है। 2018 में संयुक्त राष्ट् के एक स्वतंत्र समूह को पुख्ता जानकारी मिली थी कि चीन सरकार ने कम से कम 10 लाख उइगरों को सिंक्यांग में शिविरों में रखा हुआ है। इन शिविरों को बीजिंग उग्रवाद को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे ‘पेशेवर कार्य प्रशिक्षण केन्द्र’ बताता है और किसी भी तरह के दमन के आरोपों को सिरे से नकारता रहा है।

आलोक गोस्वामी

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Panchjanya This Week: दुनिया डगमगाई, भारत संभला: उत्सव, अर्थव्यवस्था और सुशासन की हर बड़ी बात!

Sabarmati Samvad 2026: New World Order में भारत का दबदबा? Kashmir से Global South तक बढ़ता प्रभाव

बाल विवाह उन्मूलन में बढ़ी भारत की भूमिका

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी मोहम्मद नजीर

लिव-इन पार्टनर का खौफनाक चेहरा! 14 साल की नाबालिग हिंदू बच्ची से दरिंदगी, तबीयत बिगड़ने पर खुला घिनौना सच

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने श्रीहरिकोटा से ईओएस-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया

अंतरिक्ष में भारत की ‘तीसरी आंख’

कल का मौसम: 16 सितंबर को 25 राज्यों में ‘मूसलाधार बारिश’, 85 की स्पीड से चलेगी हवा; IMD का बड़ा अपडेट

Load More

ताज़ा समाचार

Panchjanya This Week: दुनिया डगमगाई, भारत संभला: उत्सव, अर्थव्यवस्था और सुशासन की हर बड़ी बात!

Sabarmati Samvad 2026: New World Order में भारत का दबदबा? Kashmir से Global South तक बढ़ता प्रभाव

बाल विवाह उन्मूलन में बढ़ी भारत की भूमिका

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी मोहम्मद नजीर

लिव-इन पार्टनर का खौफनाक चेहरा! 14 साल की नाबालिग हिंदू बच्ची से दरिंदगी, तबीयत बिगड़ने पर खुला घिनौना सच

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने श्रीहरिकोटा से ईओएस-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया

अंतरिक्ष में भारत की ‘तीसरी आंख’

कल का मौसम: 16 सितंबर को 25 राज्यों में ‘मूसलाधार बारिश’, 85 की स्पीड से चलेगी हवा; IMD का बड़ा अपडेट

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

50 लाख पार पहुंचा श्रद्धालुओं का आंकड़ा, चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

किशाऊ बांध परियोजना पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक।

80 साल से अटकी किशाऊ परियोजना पर बड़ा फैसला: अमित शाह की अध्यक्षता में 6 राज्यों के बीच बनी सहमति

सैन्य अधिकारियों ओर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा कूटनीति पर ‘रक्षा’  नामक रणनीतिक दस्तावेज जारी करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

बदलते विश्व में भारत का शक्ति-संकल्प

गोविंद देव गिरि जी, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्र साक्षात्कार में हुए थे शामिल, अनुपस्थित बताना गलत: स्वामी गोविंद देव गिरि

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies