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24 दिसंबर, 2017
आवरण कथा ह्यलहर बरकरार (31 दिसंबर, 2017)ह्ण से स्पष्ट हो गया कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को जिताकर अपना मंतव्य जाहिर कर दिया है। इन राज्यों की जनता ने बता दिया कि वह देश को विकासपथ आगे ले जाने वाले के साथ है न कि तुष्टीकरण और जात-पात के नाम पर लड़ाने वालों के साथ। यह सच है कि दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए एक से बढ़कर एक षड़यंत्र किए गए और हर तरीके से उनको भ्रमित करने की चालें चली गर्इं। पर इन दलों
और सेकुलर नेताओं की न कोई चाल कामयाब हुई और न ही षड्यंत्र काम आया। इसलिए अंतत: इन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।
—मनोहर मंजुल, प.निमाड़ (म.प्र.)
गांधी परिवार के प्रमुख दरबारियों में से एक कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर ने जिस तरीके से चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया वह न केवल उनके स्तर को जाहिर करता है वरन् संपूर्ण कांग्रेस पार्टी के चाल,चरित्र और चेहरे पर सवालिया निशान लगाता है। यह कोई पहली घटना नहीं थी जब किसी कांग्रेसी नेता ने ऐसी ओछी हरकत की हो, इससे पहले भी दर्जनों बड़े कांग्रेसी नेता इस दलदल में डुबकी लगाकर अपने निम्न स्तर को दर्शा चुके हैं। असल में देश से पूरी तरह सफाये की ओर बढ़ती कांग्रेस और उनकी बंद होती दुकानों के कारण उनके अंदर का विद्वेष बाहर दिखने लगा है।
—अनिरुद्ध कुमार, रोहतक (हरियाणा)
कराहता तिब्बत
ह्यचीनी दमन से कराहता तिब्बत (26 नवंबर, 2017)ह्ण लेख न केवल रोंगटे खड़े करने वाले तथ्य सामने रखता है बल्कि चीन के दमन को उजागर करता है। यह सत्य है कि बर्फ से ढका रहने वाला तिब्बत पिछले सात दशक से चीन के अवैध कब्जे में है। अपनी आजादी के लिए आन्दोलन करने वाले तिब्बतियों को न केवल चीनी सेना प्रताड़ित करती है बल्कि मौत के घाट उतारने में जरा नहीं हिचकती। लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ सब जानकर भी अपनी आंखें बंद किए हुए है।
—कृष्ण वोहर, सिरसा (हरियाणा)
बढ़ती ताकत भारत की
रपट ह्यशक्ति सबके हित कीह्ण अच्छी लगी। यह तथ्य जगजाहिर है कि शक्ति की ही भक्ति होती है। भारत आज इसका उदाहरण है। दुनिया के मंचों पर कभी भारत को अलग-थलग रखा जाता था पर आज वही भारत दुनिया का नेतृत्व करता दिखाई दे रहा है और दुनिया के शक्तिशाली देश उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। कुछ एकाध देश हैं जो भारत की बढ़ती शक्ति से परेशान और हैरान हैं। वे समय-समय पर भारत को विश्व मंच पर बदनाम करने के लिए झूठे तथ्यों का सहारा लेते हैं लेकिन उनका यह झूठ कुछ ही पल में दुनिया के सामने आ जाता है तब वे अपना मुंह छिपाते फिरते हैं।
—प्रेम शर्मा, टोंक( राज.)
भारत की मजबूत व विकासोन्मुखी सरकार ने राष्ट्रशक्ति के प्रसार का शंखनाद पूरी दुनिया में किया है। वर्तमान में आतंकवाद पर विश्व को एकजुट करने की बात हो या फिर डोकलाम सीमा विवाद में चीन की हेकड़ी निकालने की बात, भारत ने अपनी कार्ययोजना से देश और विश्व को अवगत कराया है। फिर भी सेकुलर दल जनता को फिजूल के मुद्दों में घसीटकर सच से दूर ले जाने का काम करते हैं। लेकिन अब जनता इनके छलावों में नहीं आने वाली।
—रमेश प्रजापति, मेरठ (उ.प्र.)24 दिसंबर, 2017
नई ऊर्जा का होता संचार
रपट ह्यसमृद्धि के सोपान (31 दिसंबर,2018)ह्ण मेक इन इंडिया अभियान की सफलता को दर्शाती है। पहले देश के हुनरमंद लोग विदेशी कंपनियों और मंचों का सहारा लेते थे और उनके हाथों एक तरीके से अपने हुनर को बेचते थे। पर नरेन्द्र मोदी सरकार के आने के बाद न केवल भारत के उद्यमियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है बल्कि उन्हें एक मंच मिला है जहां वे खुद मालिक हैं। यह सत्य है कि मोदी सरकार के अंतर्गत मेक इन इंडिया के क्षेत्र में देश ने काफी प्रगति की है, जिसका असर विश्व स्तर पर दिखाई दे रहा है। —बी.एस.शांताबाई, बेंगलुरू (कर्नाटक)
किसकी मानें बात हम
एक नहीं दो चांद थे, या फिर थे वे तीन
किसकी मानें बात हम, कैसे करें यकीन ?
कैसे करें यकीन, धर्म कुछ अलग बताता
आगे बढ़ विज्ञान नयी बातें समझाता।
कह ह्यप्रशांतह्ण बच्चों ने असली मौज मनाई
झंझट छोड़ सभी ने सेल्फी खूब बनाई॥
— ह्यप्रशांतह्ण










