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जिस प्रकार भोजन ग्रहण करने से भूख की तृप्ति होती है वैसे ही सद्साहित्य पढ़ने से मनुष्य की वैचारिक भूख तृप्त होती है। गत दिनों जयपुर के मुरलीपुरा में साहित्य ब्रिकी केंद्र के शुभारंभ पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री मनमोहन वैद्य ने ये विचार किए।
श्री वैद्य ने इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सामान्यत: यह देखा गया है कि एक केंद्र पर एक ही प्रकार की पुस्तकें मिलती हैं। किसी पर धार्मिक तो किसी पर देश-समाज से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध रहती हैं। अगर एक ही केंद्र पर धार्मिक के साथ राष्ट्रीय एवं सामाजिक विचारवाले साहित्य का उपलब्ध होना हो तो यह साहित्य संगम ही है, जो किसी तीर्थ से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक चौराहों पर अच्छे साहित्य को वर्ष में एक बार उपलब्ध कराते हैं। अच्छा साहित्य हर दिन सहजता से उपलब्ध हो इसलिए यह बिक्री केंद्र खोला गया है ताकि सद्साहित्य सहजता से लोगों को सुलभ हो सके। गौरतलब है कि इस केंद्र पर महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, स्वामी विवेकानंद, भगत सिंह, वीर सावरकर, डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार, श्रीगुरुजी सहित अनेक राष्ट्र नायकों का प्रबोधनकारी जीवन चरित्र उपलब्ध रहेगा।
वि.सं.केंन्द्र, जयपुर
''संस्कृति गुलाम न हो, ऐसी शिक्षा चाहिए ''
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, लखनऊ महानगर द्वारा राज स्टेट लॉन में पिछले दिनों युवा सामर्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में राजधानी के विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्र प्रचारक श्री शिव नारायण जी ने किया तो समापन रा.स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री इंद्रेश कु मार ने किया।
युवाओं को संबोधित करते हुए श्री इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। हमारे नौजवान शिक्षित व रोजगार युक्त हों, इस हेतु शिक्षा में जीवनमूल्यों और संस्कारों में देशप्रेम का सरोकार महत्वपूर्ण है। अगर शिक्षा से संस्कार निकल जाएगा तो अपराध बढ़ेगा। अपनी स्वतंत्रता-संस्कृति गुलाम न हो, आज ऐसी शिक्षा चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के शिक्षकों को चाहिए कि छात्रों के अंदर विषय के साथ जीवनमूल्यों को भी रोपित करें। तभी भारत विश्व का नेतृत्व करने वाला भारत बनेगा। हम कट्टर नहीं, सच्चे बनें, मजहबी राजनीति और उन्माद फैलाने वालों से नफरत करें। श्री कुमार ने कश्मीर में उपजे हालात पर कहा कि कश्मीर के अलगाववादियों को मिलने वाली सुरक्षा और सुविधाएं वापस ली जाएं। सुरक्षा और सुविधा की हकदार वहां की आवाम है, न कि ये लोग। एक सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का झंडा लहराने वाले और पत्थरबाजों को सुविधा और सुरक्षा क्यों? अब देश के दुश्मन और गद्दारों को हम पालेंगे नहीं बल्कि सबक सिखाएंगे। इस बार अलगाववादियों का दोहरा चरित्र उजागर हुआ है क्योंकि वे अपने बच्चों को विदेशों में अच्छी तालीम दिलवा रहे हैं और घाटी के गरीब मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं। कश्मीर घाटी के अलगाववादियों से तभी बात होगी जब वे घाटी में हिंसा फैलाना, पाक का झंडा लहराना और पत्थर मारना बंद करेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीति पर कहा कि हम राज्य को जाति में बंटने नहीं देंगे और समाज को आपस में लड़ने नहीं देंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रा.स्व.संघ के सह प्रांत संघचालक डॉ. हरमेश चौहान ने की। इस अवसर पर सह प्रांत प्रचारक श्री रमेश, विभाग संघचालक श्री जयकृष्ण सिन्हा, सह प्रांत व्यवस्था प्रमुख श्री रामनरेश सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधि











