| दिंनाक: 11 Jul 2016 16:08:26 |
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रुद्रप्रयाग। कलश संस्था द्वारा उत्तराखंड राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाने वाला उत्सव विगत दिनों जनपद के दरम्वाड़ी गांव में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी और कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता उत्तराखंड के शीर्ष संस्कृतिकर्मी व लोकगायक श्री नरेन्द्र सिंह नेगी ने की। कार्यक्रम के संयोजक दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री संजय कुमार शर्मा ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि जब तक देश के अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट भूमिकाओं में काम करने वाले प्रवासी अपने मूल गांवों की सुध नहीं लेंगे, तब तक पहाड़ के गांव खाली होते रहेंगे और युवाशक्ति दिशाहीन होती रहेगी।
सुप्रसिद्ध लोकगायक व कवि श्री नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य बनने के 16 वर्ष बाद भी देवभूमि को उसकी अपनी पहचान और जीवन व्यवहार के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिभाओं को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया है। अपनी संस्कृति, परंपरा, ईमानदारी, कर्त्तव्यपरायणता व सच्चाई की पूंजी को हमारे बंधु देश-विदेश में कायम रखे हुए हैं जो हमारी थाती और युगों से चली आ रही परंपरा की निशानी है। इस अवसर पर कवि गणेश खुगशाल, गणि, मदन डुकलान, मुरली दीवान, सुधीर बर्तवाल व अशोक 'सुबोध' ने पलायन, आपदा, बेरोजगारी आदि सामयिक विषयों पर कविताएं प्रस्तुत कीं। वहीं श्री नरेंद्र सिंह नेगी एवं श्री संजय शर्मा ने सुधीर बर्तवाल द्वारा लिखित उत्तराखंड की रोचक परंपराएं व श्रीमती मीना रावत द्वारा लिखित 'मैं भी उड़ना चाहती हूं' पुस्तकों का लोकार्पण किया।
ल्ल प्रतिनिधि