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'भारत की सांस्कृतिक विरासत अटूट'
कोलकाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने जीडी सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में वनबंधु परिषद के संस्थापकों में अग्रणी स्व़ मदनलाल अग्रवाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित स्मृति ग्रन्थ का लोकार्पण किया। अपने संबोधन में श्री भागवत ने वनवासी अंचलों में चलाए जा रहे एकल अभियान के प्रारम्भिक दौर में मदनलाल अग्रवाल के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कठोर अनुशासन, धैर्य, लक्ष्य के प्रति संकल्पबद्घता उनकी पहली पहचान थी।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में युवा रंगमंच, रांची के कलाकारों ने 'साकार होता सपना' नाटक का मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन स्नेहलता बैद एवं पत्रकार प्रकाश चण्डालिया ने किया।
इस अवसर पर वनबंधु परिषद के प्रभारी श्याम गुप्त, मार्गदर्शक सज्जन भजनका, संरक्षक मांगीलाल जैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष सजन कुमार बंसल, कार्यकारी अध्यक्ष रमेश सरावगी, रामगोपाल काबरा, विमल लाठ, नारायण जालान, आनन्द अग्रवाल, चन्द्रमोहन अग्रवाल, बुलाकीदास मिमानी, रमेश माहेश्वरी आदि उपस्थित थे।
एकल अभियान के श्याम गुप्त ने मदनलाल अग्रवाल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें अपना प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि एकल अभियान के पीछे स्व़ अग्रवाल की दूरदर्शी सोच थी। आज देश में लगभग 5,500 कार्यकर्ता इस अभियान में समर्पण के साथ जुड़े हैं। रमेश सरावगी ने स्व़ अग्रवाल से जुड़े कई रोचक संस्मरण सुनाए।
कार्यक्रम में विमल लाठ, आनन्द अग्रवाल, नारायण जालान, रामगोपाल काबरा प्रभृति ने भी अपनी बात रखी।
लखनऊ। भारतीय किसान संघ के 'रज्जू भैया स्मृति भवन' कार्यालय के उद्घाटन के दौरान 28 मार्च को एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉॅ़ मोहनराव भागवत ने कहा कि ''सारी दुनिया में 'भारतमाता की जय' कहलाने के लिए विश्व के सामने जीवन के आदर्शों व उपलब्धियों को प्रेरणा के रूप में खड़ा करना होगा। इसे किसी पर थोपना नहीं है। रा.स्व. संघ ने उत्तम जीवन को खड़ा करने का उपक्रम किया है। जीवन का उत्तम उदाहरण अपने देश के लिए और दुनिया के लिए भी जरूरी है।
श्री भागवत ने कहा कि जिनकी स्मृति में यह भवन बना है, उन्होंने देश में लोगों के सामने एक आदर्श जीवन का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके आदर्श जीवन का दर्शन इस कार्यालय में भी दिखना चाहिए। भवन में आने वाला हर कोई इसे अपना कुटुम्ब समझे और सभी को यहां पर आदर्श कार्य की अनुभूति हो। पं दीनदयाल उपाध्याय, भाऊराव देवरस, अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों के साथ जुड़े इस भवन में वैसा ही सर्वस्पर्शी स्वरूप दिखे, ऐसा प्रयास करना चाहिए।
श्री भागवत ने कहा कि संघ से जुड़े सभी संगठन स्वतंत्र व स्वायत्त हैं, स्वावलंबी हैं, लेकिन सभी के मूल में विचार संघ का है। अब दुनिया को भारत का दर्शन चाहिए। दुनिया ने दोनों रास्तों के आधार को देख लिया है। पहला आस्तिक, दूसरा नास्तिक। दुनिया ने व्यक्ति व समूह को भी देखा है लेकिन टिकने वाला सुख नहीं मिल रहा है। दुनिया को तीसरा रास्ता भारत से ही मिलेगा।
इस अवसर पर किसान संघ के वीरेन्द्र सिंह, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक बेरी, संघ के क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण, क्षेत्र कार्यवाह रामकुमार, क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामाशीष गौतम, प्रांत संघचालक प्रभु नारायण श्रीवास्तव, क्षेत्र प्रचार प्रमुख कृपाशंकर, सह क्षेत्र धर्मजागरण प्रमुख रामचन्द्र पाण्डेय, रामनिवास जैन, प्रशान्त भाटिया, महापौर डॉ़ दिनेश शर्मा, विधान परिषद सदस्य डॉ. हृदय नारायण दीक्षित, डॉ़ लक्ष्मीकान्त वाजपेयी व भारत दीक्षित समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार










