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गत दिनों अमदाबाद में जैन संत मुनिश्री तरुण सागरजी की प्रसिद्ध कृति 'कड़वे प्रवचन' के भाग-8 का लोकार्पण अमदाबाद की महापौर श्रीमती मीनाक्षी बेन पटेल के हाथों संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक का भारत के 100 शहरों व दुनिया के 20 देशों में एक साथ लोकार्पण किया गया। तरुण क्रांति मंच के गुरु परिवार द्वारा आयोजित इस लोकार्पण कार्यक्रम में श्रीमती मीनाक्षी बेन ने कहा कि आजकल व्यक्ति के पास बहुत सारी भौतिक सुविधाएं होते हुए भी वह तनाव में रहता है, उसके जीवन में शांति नहीं है। ऐसे समय में इंसान यदि मुनिश्री के प्रवचनों का अनुसरण करे तो अपने जीवन में बदलाव ला सकता है। मुख्य वक्ता व गुजरात विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. चन्द्रकान्त मेहता ने 'धर्म' शब्द की विस्तृत व्याख्या बताई। उन्होंने कहा कि धर्म यानी धारण करने योग्य। धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि जिस व्यक्ति का मन धर्म को समर्पित होता है, उसे देवता भी नमस्कार करते हैं। इस अवसर पर जैन मत के अनेक वरिष्ठ जन उपस्थित थे। – प्रतिनिधि
सामाजिक सौहार्द बनाने की अपील
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गुजरात प्रान्त के प्रान्त संघचालक श्री मुकेश मलकान ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कुछ दिनों से विविध कारणों से क्षोभजनक और सामाजिक सौहार्द के लिए अत्यंत नुकसानकारक परिस्थिति उत्पन्न हुई है। आप सभी से मैं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं, ताकि समाज का आपसी सामंजस्य न बिगड़े। – प्रतिनिधि











