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29 वर्ष बाद हुसैनीवाला पहुंचा कोई प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जिनका नाम कानों में पड़ते ही देश के हर एक नागरिक को प्रेरणा मिलती है, ऐसे ही सरदार भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधि को नमन करने का अवसर उन्हें प्राप्त हुआ है
23 मार्च, 1931 के ही दिन तीनों महान सपूतों को लाहौर में फांसी दी गई थी
23 मार्च को बलिदान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुसैनीवाला में भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर 'शहीदे आजम' की स्मृति में पंजाब में 'सरदार भगतसिंह पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट फॉर हॉर्टीकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशन' की स्थापना करने की घोषणा हुई। साथ ही किसानों की समस्या और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके लिए पांच हजार रुपये पेंशन देने की घोषणा भी की गई। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को जितनी भी मदद की जरूरत होगी, सरकार उन्हें सहायता उपलब्ध कराएगी। इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री ने हुसैनीवाला में श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 'आज मेरे लिए बड़ी प्रेरक घड़ी है। एक नई प्रेरणा-जिनका नाम कानों में पड़ते ही जो देश के हर एक नागरिक को मिलती है, ऐसे ही सरदार भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु की समाधि को नमन करने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ है। इस धरती के लोग देश के लिए जिए और आजादी के बाद भी देश के लिए ही जी रहे हैं।' 23 मार्च, 1931 के ही दिन अंग्रेजों ने देश के तीनों महान सपूतों को लाहौर में फांसी दी थी। उसके बाद इन तीनों क्रांतिकारियों का अंतिम संस्कार हुसैनीवाला में किया गया था।
प्रधानमंत्री ने इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए किसानों से रासायनिक खेती को दरकिनार कर फिर से पारंपरिक खेती की शुरुआत करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार पूरे देश की नदियों को जोड़कर हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाने का काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने समाजवाद के प्रणेता डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि लोहिया जी ने अपनी युवावस्था में ही स्वच्छ भारत का अभियान चलाया था।
श्री मोदी ने आगे कहा कि जब हम सभी देश के विकास में भागीदार बनेंगे तभी आजादी के इन दीवानों को सही अथार्ें में श्रद्धांजलि मिलेगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार का सपना है कि वर्ष 2022 में जब हम अमृत पर्व मनाएं उस समय देश में कोई परिवार ऐसा नहीं होना चाहिए जिसके पास अपना घर न हो, रोजगार न हो। उन्होंने इस दौरान स्वच्छ भारत अभियान की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह हमारा कर्तव्य होना चाहिए कि हम अपनी धरा को साफ-सुथरा बनाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश का पेट भरने का काम किया है, लेकिन आज यहां पर पानी की समस्या सिर उठा रही है। इस मौके पर उन्होंने लोगों को पानी बचाने का मंत्र देकर किसानों से कहा कि हम आधुनिक कृषि कर देश को विकास की राह पर ले जाने का काम करें। पंजाब के किसानों से उन्होंने कहा कि ज्यादा पैदावार के मोह में पंजाब का किसान जरूरत से ज्यादा रसायनों का इस्तेमाल कर रहा है। इसकी वजह से हमारी मिट्टी बर्बाद हो रही है। यदि ऐसा ही होता रहा तो एक समय आएगा जब पंजाब के साथ देश फिर से भुखमरी की कगार पर होगा। उन्होंने किसानों से एक बार फिर से पारंपरिक खेती का उपयोग करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने पेंशन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों का सिर्फ खेती से पेट नहीं भरता। 'पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल' के जरिए किसानों को पेंशन देने की योजना बनाई गई है और इससे जुड़ने वाले किसान इसका लाभ पा सकेंगे। 60 साल से ज्यादा उम्र के किसान पांच हजार रुपये प्रति माह पेंशन पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के बच्चों को भी रोजगार मिलना चाहिए। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल की चर्चा करते हुए कहा कि आज किसानों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि यह बिल किसान और उनके परिवार के हित में है। लोग विपक्ष के बहकावे में न आएं। उन्होंने हाल ही में बेमौसम की बरसात से बर्बाद हुई फसलों को लेकर किसानों को आश्वस्त किया कि केन्द्र राज्य सरकार से मिलकर उनकी सहायता करेगा। इससे आगे श्री मोदी ने कहा कि देश को भ्रष्टाचार ने बर्बाद कर दिया। हमने ईमानदारी से नीतियां बनाई हैं और उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यही हमारा प्रयास है। राकेश सैन











