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स्वाइन फ्लू का एच1एन1 वायरस तेज रफ्तार से देश भर में फैल रहा है। देश में अब तक करीब 700 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 हजार से अधिक मरीज इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। स्वाइन फ्लू से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना आदि राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए राजस्थान और अलीगढ़ में तो शिक्षण संस्थान स्थिति सुधरने तक बंद कर दिए गए हैं। वहीं केन्द्र सरकार का दावा है कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं और राज्यों को भी हर प्रकार से सुविधा मुहैया कराई जा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में 1 जनवरी से 16 फरवरी के बीच 961 लोगों की जांच के दौरान 352 मामले पॉजिटिव मिले। राजस्थान में स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जोधपुर विश्वविद्यालय को आगामी 1 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। राजस्थान की बात करें तो 8244 लोगों की जांच के दौरान 4942 लोग स्वाइन फ्लू के वायरस से प्रभावित पाए गए। राजस्थान में सबसे अधिक मौतें जयपुर, अजमेर, जोधपुर, नागौर और बाड़मेर मंे हुई हैं। फरवरी माह के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में अनुमान के तौर पर रोजाना करीब आठ लोगों की मौत हो रही है क्योंकि अकेले फरवरी में 144 लोग स्वाइन फ्लू से मर गए। पंजाब में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 24 पार कर चुकी है और करीब 150 लोगों के इससे प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। हरियाणा में 17 लोग स्वाइन फ्लू से मर चुके हैं, जबकि 100 से अधिक लोग इससे प्रभावित बताए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी स्वाइन फ्लू से 100 से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच स्वाइन फ्लू का वायरस पाए जाने के बाद से आगामी 25 फरवरी तक छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। प्रदेश के ही नोएडा में स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग इसके मरीज बन चुके हैं। हिमाचल प्रदेश में भी अभी तक दो लोगों के स्वाइन फ्लू से मरने का मामला प्रकाश में आया है। यहां तक कि राजधानी भी इससे अछूती नहीं रह गई है, दिल्ली में 14 फरवरी के बाद से लगातार स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। 14 फरवरी को 75, 15 फरवरी को 103, 16 फरवरी को 131, 17 फरवरी को 71 और 18 फरवरी को 102 मामले सामने आए हैं। दिल्ली में अब तक स्वाइन फ्लू से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इसका वायरस जम्मू-कश्मीर तक पहंुच चुका है। यहां 70 से अधिक मरीज टेस्ट करने पर पॉजिटिव पाए गए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने 18 फरवरी को कहा कि मंत्रालय द्वारा स्वाइन फ्लू पर निगरानी रखी जा रही है। इसकी दवा या उपकरण को लेकर किसी चीज की कमी नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव बी. पी. शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. जगदीश प्रसाद, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया डॉ. जी. एन. सिंह, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया और लेडी हार्डिंग अस्पतालों के प्रमुखों के साथ इस गंभीर मसले पर एक उच्चस्तरीय बैठक की और स्वाइन फ्लू से प्रभावित राज्यों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस से समीक्षा की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए पर्याप्त दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं। राज्यांे में स्वाइन फ्लू से संबंधित दवा, परीक्षण किट, प्रयोगशाला और व्यक्तिगत रक्षा उपकरण-मास्क की उपलब्धता पर भी निगरानी बरती जा रही है। साथ ही राज्यों द्वारा मांगी गई सुविधा मुहैया कराई जा रही है। राज्यांे की स्थिति का जायजा लेने के लिए राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में दो अलग-अलग टीमों को भी भेजा गया है।
राज्यों से स्वाइन फ्लू से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों और आयुवार लोगों का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही निर्देश भी दिया गया है कि निजी अस्पतालों पर निगरानी बरती जाए कि वे मरीजों से जांच के नाम पर अधिक धन वसूली न करें। इसके लिए निजी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू की जांच के लिए टेस्ट का मूल्य बोर्ड पर लिखना होगा। दवाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय द्वारा वेबसाइट पर थोक विक्रेताओं को सूचीबद्ध कर दिया गया है। ल्ल प्रतिनिधि
2015 के आंकड़े (खबर लिखे जाने तक)
राज्य मृतकों की संख्या
राजस्थान 191
गुजरात 167
मध्य प्रदेश 90
महाराष्ट्र 72
पंजाब 24
हरियाणा 17
बीते वर्षों में भारत में स्वाइन फ्लू के मामले
वर्ष आंकड़े
2010 20 हजार लोग आए थे चपेट में
2010 1750 लोगों की हुई थी मौत
2012 405 लोगों की हुई मौत
2013 699 लोग मारे गए
2014 937 मामले आए थे सामने
2014 238 मरीजों की हुई मौत











