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इराक में आईएसआईएस के हत्यारे वहां के बेहद प्राचीन समुदाय और सनातन परंपरा के नजदीक माने जाने वाले अल्पसंख्यक यजीदियों का कत्लेआम कर रहे हैं। अपनी इस करतूत में उन्होंने इंसानियत की तमाम मर्यादाएं लांघते हुए एक से एक बर्बर तरीके अपनाए हैं। लेकिन उन्हीं हत्यारों के समर्थकों ने भारत में नई साजिश के तहत अपनी पाश्विकता को सही ठहराते हुए आम लोगों में भ्रम पैदा करने की कोशिशें शुरू की हैं। रेलवे स्टेशनों पर पानी की बोतल पर तथ्यहीन बातें लिखकर वे यजीदियों के कत्लेआम की पैरवी कर रहे हैं। ऐसी ही पानी से भरी बोतल हमारे संवाददाता को लखनऊ में दी गई। नीचे हम उस बोतल पर लिखा संदेश और चित्र प्रकाशित कर रहे हैं, इस उम्मीद से कि आमजन उन्मादी तत्वों के ऐसे कुचक्रों की असलियत जानेंगे।
यह लिखा है बोतल के स्टीकर पर
कौन हैं इमाम हुसैन
'दुनिया में सबसे पहले यजीदी आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाने वाले और अपने सिर्फ 72 साथियों के साथ लाखों आतंकवादी की फौज के सामने जंग करके आतंकवाद को मिटाने वाले थे। दुनिया का सबसे पहला आतंकवादी यजीद था। आज दुनिया में जो आतंकवादी गतिविधियां चल रही हैं उसका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। इस्लाम अमन और चैन का मजहब है, जो आतंकवादी हैं वो न ही मुसलमान हैं और न ही हुसैनी हैं। हम सब आतंकवाद का विरोध करते हैं। लाब्बाइक या हुसैन'
उन्मादियों ने कार फूंकी
दिल्ली दक्षिण पूर्वी जिले के जैतपुर विस्तार भाग दो स्थित परशुराम नगर में रहने वाले स्वयंसेवक विनोद के घर के बाहर खड़ी कार को उन्मादियों ने मोहर्रम की रात आग लगा दी। आरोप है कि पिछले दो वर्षों में इलाके में यह पांचवीं-छठी घटना है। खासकर भारत-पाकिस्तान के मैच और बकरीद के मौके पर इन घटनाआंे को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।











