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अपनी करनी का फल भुगत रहा पाक

Written byArchiveArchive
Jul 12, 2014, 12:00 am IST
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दिंनाक: 12 Jul 2014 15:05:36

आवरण कथा 'किसके पंजे में पाकिस्तान' से प्रतीत होता है कि आज पाक पूरी तरीके से आतंकियों के कब्जे में है। साथ ही आए दिन पाक में होतीं इस प्रकार की घटनाओं से एक बात और स्पष्ट हो गई कि उसने जिन आतंकियों को दूसरों को नेस्त-नाबूत करने के लिए पाला-पोशा आज वही उनके जान के दुश्मन बन बैठे हैं।
-रामदास गुप्त, शहडोल (म.प्र.)
० जिस देश का गठन कौम के आधार पर हुआ हो उस देश का तंत्र किस हाथ में हो सकता है,ये समझा जा सकता है। पाकिस्तान का इतिहास गवाह है कि वहां हमेशा सेना का ही दबदबा रहा, जिस बात की पुष्टि इस तथ्य से होती है कि तख्ता पलट कर कई सेनाध्यक्ष राष्ट्राध्यक्ष बन चुके हैं एवं परोक्ष रूप से उसकी मूल कमान वहां की खुफिया एजेंसी के हाथ में रही है। इसलिए वहां पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार भी सेना व खुफिया एजेंसी के ही हाथों की कठपुतली बनती रही है, जिसके कारण वहां पर आज इस प्रकार की स्थिति का माहौल व्याप्त है।
-उमेदूलाल, ग्राम पटूड़ी (उत्तराखंड)
० आज पाकिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है यह उसकी ही कारगुजारियों का परिणाम है। इसने कभी भी अपने देश के विकास पर ध्यान न देकर आतंकियों का कैसे विकास हो और उनकी फसल को कैसे हरा-भरा किया जा सके इस कार्य में ही वह लगा रहा, जिसका परिणाम आज उसके सामने है। आज पाकिस्तान दुनिया में आतंक की फैक्ट्री के रूप में जाना जाता है और यह तब तक जाना जाता रहेगा जब तक वह देश में पल रहे आतंकियांे को एकदम जड़मूल से नेस्त नाबूत नहीं कर देगा।
-जमालपूरकर गंगाधर
नीलकंठ नगर, जियागुुड़ा (हैदराबाद)
पाञ्चजन्य की अहम भूमिका
इस ऐतिहासिक लोकसभा चुनाव में विजय होने का जितना श्रेय श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है उससे कई गुना अधिक श्रेय पाञ्चजन्य को जाता है, क्योंकि इस पत्र ने लम्बे समय से देश में हिन्दू समाज को जागरूक करने का कार्य किया है, जिसका परिणाम आज हमारे सामने है। साथ ही इसमें एक और महत्वपूर्ण चीज पाठकों को पढ़ने को मिलती वह है संघ के प्रचारक की कर्म निष्ठा,जो अन्य क्षेत्रों में अपना तन-मन-धन न्यौछावर करके भारत माता की सेवा में लगे हुए हैं। आज देश में जिस प्रकार का माहौल हम देख रहे हैं वह कुछ ही छड़ों का परिणाम नहीं है,बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व अन्य देश प्रेमी संगठनों की लगन व उनके कार्य का प्रतिफल ही है।
-जी.जगदीश्वर
न्यूनल्लाकुंट, हैदराबाद (तेलंगाना)
अपराधों का प्रदेश
लोकसभा चुनाव की करारी हार से उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बौखला गई है, जिसके परिणाम स्वरूप उसने अपने गुडों को प्रदेश मंे आतंक मचाने की खुली छूट दे दी है। आज प्रदेश में मां-बहनों की आबरू सुरक्षित नहीं रह गई है। कानून व्यवस्था का तो कोई नामोनिशान तक नहीं रह गया है। जिस पुलिस को जनता की सुरक्षा में रहना चाहिए वह आज गुडों और मवालियों को संरक्षण दे रही है।
-पंकज कुमार शुक्ला
खदरा, लखनऊ (उ.प्र.)
० उत्तर प्रदेश आज समाजवादी पार्टी के गुडों के कब्जे में है। ऐसा लगता है कि बौखलाए अखिलेश ने उनको मूक संकेत दिया है कि प्रदेश के लोगों पर अत्याचार करो क्योंकि इन लोगों ने लोकसभा चुनाव में करारी हार करवाई है। प्रदेश की जनता पर हो रहे जुल्म पर केन्द्र सरकार को गंभीरता से लेना होगा,क्योंकि यहां कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज ही नहीं बची है।
-ताराचंद देव
श्रीनिवासपुरी (नई दिल्ली)
० आज पूरे प्रदेश में सपा के गुंडे सरेआम लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं। जहां भी कोई बात होती है वह लड़ाई पर अमादा हो जाते हैं और अपनी हद को पार कर देते हैं। जब पुलिस में इन लोगों की शिकायत करते हैं तो पुलिस भी उल्टे उनका ही सहयोग करती है और वह भी शिकायतकर्ता के साथ गलत व्यवहार करती है। प्रदेश में ऐसा लग रहा है कि सपा ने पुलिस अधिकारियों को धमका के रखा हुआ है। वह उन्हीं की जुबान बोल रहे हैं, वे जैसे चाह रहे हैं उस तरीके से कानून को तोड़-मरोड़ रहे हैं। प्रदेश में इस समय बड़ी वीभत्स स्थिति है।
-राघवेन्द्र
बाराबंकी (उ.प्र.)
० प्रदेश में हो रहे अपराधों ने सपा को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति तो दिलाई लेकिन यह ख्याति जगंंलराज, अराजक प्रदेश, बलात्कार प्रदेश जैसे उपनामों से मिली। इसी संबंध में विदेशी हुक्मरानों ने अपने नागरिकों को प्रदेश में न आने के निर्देश भी जारी कर दिये हैं। प्रदेश में होती अराजक घटनाओं पर अभी तक राज्य सरकार ने कोई भी सशक्त कदम नहीं उठाये हैं। उनकी यह कार्य प्रणाली बताती है कि यह सब कुछ उनकी ही इच्छा से हो रहा है। सवाल यह पैदा होता है कि अचानक इस प्रकार की बर्बरता, कुशासन, कमजोर न्याय व्यवस्था प्रदेश में कैसे उत्पन्न हुई? क्या लोकसभा चुनाव के नतीजों का परिणाम उ.प्र. की जनता को सहना पड़ रहा है?
-पूनम, साध नगर, पालम (नई दिल्ली)
चोर-चोर मौसेरे भाई
सीबीआई के डर से आज तक अपनी जुबान पर कांग्रेस के खिलाफ ताला लगाये समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने इस बार के लोकसभा चुनाव में राहुल और सोनिया के खिलाफ अपनी पार्टी का प्रत्याशी न खड़ा करके स्पष्ट कर दिया कि वे 'चोर-चोर मौसेरे भाई' हैं। सपा, बसपा, राजेडी, और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं, इस बात को देश की जनता को समझना चाहिए। इन लोगों का सिर्फ एक ही मतलब रहता है कि किसी भी प्रकार भ्रष्टाचार करके अपना उद्देश्य सिद्ध करना। देश की जनता दस साल की संप्रग सरकार में इन पार्टियों के काले कारनामों से भलीभांति परिचित हो चुकी है।
-दुर्गेश तिवारी
धवारी-सतना (म.प्र.)
गौरव की बात
लम्बे समय से एक षड्यंत्र पूर्वक हिन्दी को नीचा दिखाने एवं उसके अपमान का प्रयास किया गया। सेकुलर मानसिकता व अंग्रेजियत से झूठा प्रेम रखने वालों ने हिन्दी के खिलाफ ऐसा माहौल तैयार कर दिया कि जैसे हिन्दी बोलना और लिखना कोई शर्म की बात हो। आज जब देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी के प्रति जो प्रेम दिखाया है वह बताता है कि वह वास्तविकता में मातृभाषा के प्रति सम्मान रखते हैं। श्री मोदी के इस निणर्य से सम्पूर्ण देश को बल मिला है और हिन्दी के गौरव में चार चांद लग गए हैं।
-जगदीश कुमार जैन
स्टेशन रोड, शाहजहांपुर (उ.प्र.)
जात-पात की टूटती दीवारें
इस लोकसभा चुनाव में एक बात बड़ी अच्छी रही कि देश ने एक ऐसे मिथक को तोड़ा, जिसका किसी को अंदाजा तक नहीं था। आज तक जात-पात के भेदभाव को जिन राजनेताओं ने अपनी राजनैतिक रोटी सेकने के लिए इस्तेमाल किया, उन नेताओं को इस बार देश की जनता ने सबक सिखाया और बताया है कि अब देश की जनता झूठे वादों और बेेबुनियाद चीजों के चक्कर में नहीं पड़ने वाली है। इसी प्रकार सब कुछ चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब भविष्य में जात-पात का नामोनिशान मिट जायेगा।
-कृष्ण वोहरा सरसा(हरियाणा)
असलियत कांग्रेसियों की
आज देश दिग्विजय सिंह जैसीे कांग्रेसी नेताओं की हकीकत से रूबरू हो चुका है। यह वहीं कांग्रेसी नेता हैं,जो आज तक दूसरों पर कंकड़ फेकते रहे हैं पर जब आज स्वयं पकड़े गए तो उसे बड़े गौरव के साथ बता रहे हैं। शर्म आनी चाहिए ऐसे नेताओं को जो स्वयं के स्वार्थपूर्ति के लिए दूसरों का घर बर्बाद करने पर तुले हैं।
-श्रीचन्द्र जैन
धर्मपुरा, गांधी नगर (दिल्ली)
गोहत्या बंद हो
राजस्थान जैसे राज्य में सरकार की नाक के नीचे गोहत्या एवं गोतस्करी की जा रही है इतने पर भी राज्य सरकार मौन है। यह बड़ी ही आश्चर्यजनक और आक्रोशपूर्ण बात है। 22 जून के अंक में छपी रपट 'क्या गोहत्या पर कसेगा सिंकजा' राजस्थान में हो रही खुलेआम गोतस्करी की पोल खोलती है। राजस्थान सरकार को चाहिए कि तत्काल प्रभाव से प्रदेश में हो रही गोतस्करी एवं गोहत्या पर अंकुश लगाये। सवाल ये है कि अगर भाजपा के शासन में भी गोहत्या एवं गोतस्करी पर अंकुश नहीं लगा तो फिर किसके शासन में गोमाता की रक्षा होगी ?
-हरिहर सिंह चौहान
जबंरीबाग नसिया (म.प्र.)
कांग्रेसियों की काली करतूत
वोट के लिए कांग्र्रेस ने हिन्दू समाज को बंाटने के सभी अनुचित कार्य किए,फिर भी उसको हार का मुंह देखना पड़ा। चाहे वह जैन समाज को अल्पसंख्यक घोषित करना हो या मुसलमानों को आरक्षण की बात या फिर साम्प्रदायिक हिंसा बिल की बात हो। लेकिन इतने पर भी कांग्रेस की एक न चली और देश की जनता ने उनकी काली करतूतों का फल उनको दे दिया।
-फूलचंंद जैन
लुधियाना (पंजाब)

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