है लोकतंत्र यह हितकारी सम्मान करो। अब जागो भाई सौ प्रतिशत मतदान करो॥ जब सोते हो तो लोकतंत्र सो जाता है। गन्दे हाथों पड़ लूटतंत्र हो जाता है। फिर पांच वर्ष हम यूं ही छलते रहते हैं। वे मन में आये वैसे चलते रहते हैं। अब तक क्या खोया-पाया इसका ज्ञान करो। अब जागो भाई सौ प्रतिशत मतदान करो॥ मत देना सत्ता गुण्डे और मवाली को। ना जातिवाद ना भ्रष्टों और बबाली को। मत चुनना जिसका दिल, दल कपड़े जैसा हो। मत चुनना जिसका जीवन केवल पैसा हो। है स्वप्न शहीदों का कुछ इसका मान करो। अब जागो भाई सौ प्रतिशत मतदान करो॥ उंगली का हल्का सा दबाव देना होगा। प्रगति के पथ पर भारत को खेना होगा। मां-बहनों, चाची-ताई को आना होगा। भैया दादा-दादी को भी लाना होगा। है महायज्ञ सब अहुति का दान करो। अब जागो भाई सौ प्रतिशत मतदान करो॥ बहुत हो चुका खेल नहीं अब सहना है। अच्छा चुनना है औरों से भी कहना है। भय, भूख सभी भारत से दूर भगाने को। इस लुटे-पिटे भारत को सुखी बनाने को। है शस्त्र एक, है अस्त्र एक मतदान करो। अब जागो भाई सौ प्रतिशत मतदान करो॥ विवेकशील राघव