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q संतरे के छिल्कों को छाया में सुखाकर बनाया गया बारिक चूर्ण और बराबर मात्रा में बेसन (अथवा बारीक पिसी हुई मुल्तानी मिट्टी दुगुनी) मिलाकर मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को पन्द्रह मिनट पानी में भिगोने के बाद गाढ़ा घोल बना लें और इसको मुंहासे पर लेप करें। दस मिनट के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। इस प्रकार 4-6 साप्तह के प्रयोग से मुंहासे नष्ट हो जाते हैं।
q संतरे के छिल्कों का महीन चूर्ण गुलाब जल में मिलाकर बनाए गए घोल का लेप करने से चेहरे के मुंहासे नष्ट होते हैं और चेचक के दाग भी दूर होते हैं। जल्दी लाभ प्राप्त करने के लिए रात में सोते समय गर्म पानी के साथ दो ग्राम त्रिफला चूर्ण लें।
q मुनक्का 10 नग पानी से साफ कर लें और रात को 60 ग्राम पानी में भिगो दें। प्रात: बीज निकालकर खा लें और बचे पानी में थोड़ी मिश्री या शक्कर मिलाकर या वैसे ही पी लें। एक मास तक सेवक करने से मुंहासे निकलने बन्द हो जाएंगे तथा खून साफ होगा।
q तुलसी की चार-पांच पत्तियां नित्य सुबह और शाम चबाकर ऊपर से दो घूंट पानी पीयें। मुंह के छाले व मुंह की दुर्गन्ध दूर हो जाएगी।
q मिश्री को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर मुंह में लगायें। इससे मुंह के छाले और मुंह पाक मिटता है। यह दवा बच्चों के मुंह आने पर बहुत लाभकारी है।











