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अफजल को भी हो गई, फांसी आखिरकार
पूरे भारत देश में, फैली खुशी अपार।
फैली खुशी अपार, बहुत पर देर लगाई
इसीलिए भारत की होती जगत हंसाई।
कह 'प्रशांत' पर दफनाया तिहाड़ के अंदर
अच्छा होता अगर डालते बीच समंदर।।
-प्रशांत
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अफजल को भी हो गई, फांसी आखिरकार
पूरे भारत देश में, फैली खुशी अपार।
फैली खुशी अपार, बहुत पर देर लगाई
इसीलिए भारत की होती जगत हंसाई।
कह 'प्रशांत' पर दफनाया तिहाड़ के अंदर
अच्छा होता अगर डालते बीच समंदर।।
-प्रशांत
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