स्वयंसेवकों ने की सत्-साहित्य की बिक्री
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स्वयंसेवकों ने की सत्–साहित्य की बिक्री
रा.स्व.संघ, दिल्ली प्रांत के प्रचार विभाग द्वारा गत 2 दिसंबर को दिल्ली में साहित्य प्रसार दिवस का आयोजन किया गया। दिल्ली प्रांत के इस दूसरे साहित्य प्रसार दिवस के आयोजन में स्वयंसेवकों ने दिल्ली के अनेक सार्वजनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में सत् साहित्य की बिक्री की। साहित्य की बिक्री का यह आयोजन पिछले वर्ष से शुरू हुआ है।
सुबह से ही संघ के स्वयंसेवक हाथों में पुस्तकों के थैले लेकर चौराहों, बाजारों, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों आदि सार्वजनिक स्थलों पर पुस्तकों की बिक्री के लिए निकल पड़े। अनेक स्थानों पर स्वयंसेवकों ने पुस्तकों के स्टाल भी लगाए। स्वयंसेवकों ने आते-जाते लोगों से सत् साहित्य खरीदने का निवेदन किया। लोगों ने भी उत्साह दिखाते हुए साहित्य देखा और खरीदा। अनेक स्थानों पर लोगों ने स्वयंसेवकों को सत् साहित्य की बिक्री के लिए बधाई दी। स्वयंसेवकों ने स्वामी विवेकानंद, वीर सावरकर आदि महापुरुषों से संबंधित जीवनी की पुस्तकों सहित करीब 10-12 प्रकार की पुस्तकों की बिक्री की।
आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए प्रांत प्रचार प्रमुख श्री राजीव तुली ने कहा कि समाज को प्रेरणादाई साहित्य उपलब्ध हो तथा लोग रुचि लेकर ऐसे साहित्य को पढ़ें, इस उद्देश्य से संघ द्वारा साहित्य प्रसार दिवस का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर सत् साहित्य की बिक्री की थी। इस वर्ष स्वयंसेवकों ने सार्वजनिक स्थानों पर जाकर आते-जाते लोगों को साहित्य बेचा। श्री तुली ने कहा कि दिल्ली के करीब 7 हजार स्वयंसेवकों ने 1200 सार्वजनिक स्थानों पर लगभग 60 हजार पुस्तकों की बिक्री की। प्रतिनिधि











