पवन ऊर्जा के नए सोपान
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पवन ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात राज्य ने भरपूर लाभ लेने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू किया है। 2009 में गुजरात सरकार ने सौराष्ट्र और कच्छ के समुद्रतटीय क्षेत्रों से कुल पवन ऊर्जा क्षमता के 10,000 मेगावाट को 'टैप' करने के लिए पवन ऊर्जा नीति में एक संशोधन की घोषणा की थी। आज इस नीति के अंतर्गत क्षेत्र के निवेशकों को आकृष्ट करने के लिए बड़े पुनरीक्षण/संशोधन किए गए हैं।
नवम्बर 2008 में गुजरात में सौराष्ट्र समुद्र तट से दो वित्तीय वर्षों 2006-07 एवं 2007-08 के दौरान पवन ऊर्जा उत्पादन में अधिकतम क्षमता प्राप्त करने पर प्रथम पुरस्कार के तहत 'बेस्ट विंड डेवेलपर स्टेट अवार्ड' जीता था।
आज गुजरात ने 2566 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजनाएं संस्थापित की हैं। ये परियोजनाएं प्रति वर्ष बिजली की 3800 मिलियन यूनिट पैदा करती हैं। इनसे जहां 1.60 टन कोयले की बचत हो रही है वहीं 3.80 मिलियन टन तक कार्बन उत्सर्जन स्तर कम हो रहा है।
गांधीनगर: 'मॉडल सोलर सिटी प्रोजेक्ट'
भारत सरकार ने गांधीनगर को एक आदर्श सौर नगर परियोजना के रूप में घोषित किया है।
यह भविष्य के एक आदर्श नगर के लिए एक ब्लूप्रिंट पेश करता है।
भारत एवं अन्य देशों में सौर नगरों के लिए गांधीनगर एक उदाहरण स्थापित कर रहा है।
गांधीनगर उत्कृष्टता एवं वैश्विक सर्वोत्तम परंपराओं तथा आदर्श ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के प्रयोग का एक उदाहरण उपलब्ध कराने में अग्रणी है। इसके अंतर्गत तापदीप्त बल्ब (जीएलओस) तथा सामान्य ट्यूबुलर फ्लोरेसेंट लेम्प (टीएफएल), सोलर स्ट्रीट लाइटिंग लगाने और संस्थानों में स्टैंड प्रणालियां और छतों पर सोलर/पीवी सोलर/एल.ई.डी. आधारित 'ट्रेफिक सिग्नल्स', आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में सोलर वॉटर हीटिंग प्रणालियों को एकीकृत करने हेतु सोलर प्रोजेक्ट मॉडल है।
पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी (पीडीपीयू) गांधीनगर में संस्थापित एकीकृत पावर लाइट सोलर ग्रिड।
उद्योग भवन, गांधीनगर में संस्थापित 10के वी क्षमता की विंड सोलर हायब्रिड प्रणाली।
सचिवालय, सरकारी भवन, गांधीनगर में संस्थापित 19 के.डब्ल्यू. क्षमताओं की सोलर रूफटॉप प्रणालियां।
सरकारी भवनों पर 6 पांच के.वी. क्षमता की सोलर हायब्रिड प्रणालियां।
'स्मार्ट ग्रिड' प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन
गांधीनगर के लिए 6000 टन तक जीएचजी उत्सजर्नों को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप उपलब्ध कराने और एक पांच मेगा वाट सोलर रूफटॉप पॉवर प्रोजेक्ट का डिजाइन करने के लिए किराये पर लिया गया।
पवन ऊर्जा
गुजरात देश में उच्चतम पवन क्षमता वाला राज्य है।
संस्थापित क्षमता 2266 मे.वा.।
निवेश 13000 करोड़ रु.।
'बायो–एनर्जी पावर' उत्पादन
अमरेली और जूनागढ़ में संस्थापित 2 दस मे.वा. क्षमता की बायोमास परियोजनाएं।
ऊर्जा संरक्षण
सरकारी, घरेलू, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा लेखा परीक्षा।
ऊर्जा कुशल उपकरणों को लोकप्रिय बनाना।
औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा के कुशलता स्तरों का संवर्धन करना।
लघु उद्योग क्षेत्रों में 'वॉक थ्रू एनर्जी ऑडिट' (डब्ल्यू टी इ ए) सेविंग एनर्जी प्रयोग।
निवेश ग्रेड एनर्जी ऑडिट (आई जी ई ए) का दो चुने हुए भवनों में प्रदर्शन परियोजना
गुजरात प्रथम राज्य है जो कृषि संबंधी पम्पिंग क्षेत्र में ऊर्जा कुशलता लागू कर रहा है।
1,000 ऊर्जा कुशल पम्पिंग सेटों के जरिए 60 मे.वा.लोड में कमी।
सड़क निर्माण में अग्रणी
देश में आज गुजरात की सर्वश्रेष्ठ संरचना योजना है। पिछले दस वर्षों में सड़कों की क्षमता और गुणवत्ता में पर्याप्त वृद्धि हुई है। 4/6 लेन और 2 लेन उपलब्ध कराने में कामयाबी, राजमार्गों और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
गुजरात की एक स्वस्थ सड़क नीति है, राज्य की लंबाई-चौड़ाई में आर-पार एवं कुशल सड़क संजाल उपलब्ध कराने हेतु उसका निर्माण किया गया है, जिससे प्रभावी ढंग से प्रत्यक्ष क्षेत्र की परिवहन जरूरतों को पूरा किया जा सके, जो कम लागत और उचित अंतर सहित हो।
गुजरात की सड़क नीति के उद्देश्य
सभी परिवहन जरूरतों को पूरा करने वाली एक पर्याप्त तथा कुशल सड़क प्रणाली उपलब्ध कराना, जिससे राज्य के भीतर और अंतरराज्य मार्गों, दोनों पर यात्रियों का स्वतंत्र रूप से यातायात एवं माल की ढुलाई सुगम की जा सके।
संपूर्ण परिवहन लागत को कम करने और सड़कों की समग्र जीवन चक्र लागत कम करने की दृष्टि से श्रेष्ठ और तीव्रतर निर्माण और अनुरक्षण पद्धतियों के प्रयोग द्वारा प्रौद्योगिकी का निरंतर संवर्धन करना।
रखरखाव और नए निर्माण कार्यक्रमों के लिए संसाधन आबंटन के अधिक वैज्ञानिक सिद्धांतों को शामिल करना।
स्वास्थ्य सेवाओं तक तीव्र पहुंच, बेहतर शिक्षण, सामाजिक सेवाओं इत्यादि के संदर्भ में सभी ग्रामों को जोड़ना (कनेक्टिविटी प्रदान करना) और इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करना।
पिछले दस वर्षों में गुजरात सरकार की बड़ी पहल का परिणाम निकला है एक कुशल नेटवर्क में, जैसा कि निम्नलिखित ब्योरे से देखा जा सकता है:-
लंबाई (कि.मी.)
रोड लाइन मार्च 2001 को मार्च 2011 को % वृद्धि
6 लेन 14 42 333%
4 लेन 380 1075 354%
10मीटर 34 2351 1781 %
7.00/5.50मी. 10856 15028 38.45%
'फ्लैगशिप' योजनाएं
प्रगति पथ योजना के उद्देश्य:-
0 6 से 8 घंटों में राज्य में एक से दूसरे कोने तक पहुंचना।
0 80 कि.मी. प्रति घंटे की औसत रफ्तार
0VÉxÉVÉÉiÉÒªÉ पट्टी को मुख्य धारा से जोड़ना
विकास पथ योजना
0 शहरी क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों का संवर्धन जो 2005-6 में शुरू की गई थी।
0 संशोधित सड़क सुविधाओं सहित 4 लेन/2 लेन
0 समर्पित उपयोगी गलियारे
0 फुटपाथ, सेवा सड़कें, नाली व्यवस्था (ड्रेनेज), स्ट्रीट लाइटें
0 लम्बाई 750 किमी.
0 लागत 588.66 करोड़ रु.
प्रवासी पथ योजना
पर्यटकों की रुचि वाले स्थानों के लिए सुरक्षित, आरामदायक एवं सुखद यात्रा उपलब्ध कराना
सोमनाथ, द्वारिका, गिर जंगल, सापुतारा इत्यादि 73 पर्यटन स्थलों को चारों ओर से घेरना।
योजना की लंबाई-945.34 किमी.
लागत 595.43 करोड़ रु.
किसान पथ योजना
कृषि उत्पाद के तीव्र परिवहन और स्कूलों, अस्पतालों इत्यादि हेतु ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ना।
लम्बाई-10056 किमी.
लागत 1330.72 करोड़ रु.
सार्वजनिक–निजी साझेदारी (पीपीपी)
गुजरात ने अमदाबाद-महेसाणा और वड़ोदरा-हालोल सड़क परियोजनाओं सहित महत्वपूर्ण राजमार्गों पर बीओटी का नेतृत्व किया है। जीएसआरडीसी ने अमदाबाद- विरमगाम-मालीया, राजकोट-जामनगर- वाडीनार और हालोल-गोधरा-शामलाजी सड़कों को चार लेन बनाने की बड़ी परियोजनाओं को हाथ में लिया है। वार्षिक आधार पर आठ सड़कों और पांच आरओबी पर काम शुरू किया है।
लंबाई-1903 किमी.
लागत 11682 करोड़ रु.
गुजरात राज्य राजमार्ग परियोजना-1
विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त गुजरात राज्य राजमार्ग परियोजना (जीएसएचपी) को राज्य ने सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है, जिसे देश में सम्भवत: सर्वश्रेष्ठ परियोजना के रूप में मान्यता प्रदान की गई है।
कुल लम्बाई 1850 किमी.
चौड़ा करना एवं सुदृढ़ीकरण-871 किमी.
सड़क अनुरक्षण-969 किमी.
आईसीआर और स्वतंत्र मूल्यांकन समूह, दोनों के द्वारा यह अत्यधिक संतोषजनक मानी गई थी। गुजरात सड़क क्षेत्र में नियंत्रण, शासन, रूपरेखा, कार्य और संस्थागत व्यवस्था के स्तर पर यह आदर्श मानी गई थी।
विश्व बैंक का पत्र
फरवरी 2011 में बैंक ने 'राजमार्ग क्षेत्र में संस्थागत विकास एवं श्रेष्ठ नियंत्रण गुजरात से सीखना चाहिए', ऐसा एक दस्तावेज जारी किया।
गुजरात राज्य राजमार्ग परियोजना-2
जीएसएचपी-2 की अनुवर्ती कार्रवाई के रूप में राज्य ने जीएसएचपी-2 प्रारंभ की है।
प्रारंभिक स्तर के अक्तूबर 2012 में अनुमोदित होने की संभावना है।
अस्थायी लागत 2100करोड़ रु.
कुल लंबाई 1577 किमी.
चौड़ा करना एवं सुदृढ़ीकरण (4 लेन)- 500 किमी.
चौड़ा करना एवं सुदृढ़ीकरण (2 लेन)-572किमी.
सड़क अनुरक्षण











