जनमानस की भावनाओं के प्रगटीकरण के लिए नायकों की जरूरत
September 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

जनमानस की भावनाओं के प्रगटीकरण के लिए नायकों की जरूरत

Written byArchiveArchive
May 5, 2012, 12:00 am IST
inArchive

जनमानस की भावनाओं केप्रगटीकरण के लिए नायकों की जरूरत

दिंनाक: 05 May 2012 11:45:05

'शिवाजी और सुराज' लोकार्पित

–मोहनराव भागवत, सरसंघचालक, रा.स्व.संघ

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मोहनराव भागवत

शिवाजी की विलक्षणता थी कि वो राजा थे, किन्तु विरक्त भाव के। कभी भी सुख-सम्पदा के प्रति आकर्षित नहीं हुए। वे स्वयं वेश बदलकर अपने राज्य में घूमते थे, समाज का दुख-दर्द उन्होंने अपनी आंखों से देखा था।

पुस्तक लोकार्पित करते हुए श्री मोहनराव भागवत। साथ में हैं (बाएं से) श्री प्रभात कुमार, श्री सुरेश प्रभु एवं श्री अनिल माधव दवे

'हमारी परम्परा में व्यक्ति नहीं, बल्कि तत्व का महत्व है। इसलिए किसी व्यक्ति का अनुसरण न कर तत्व को अपना आदर्श मानना चाहिए। डा. हेडगेवार ने एक मार्ग बनाया, लेकिन आज वो हमारे बीच नहीं हैं। इसी प्रकार लोकमान्य तिलक ने प्रयत्न किया, तो क्या इन महापुरुषों के बाद वह तत्व नष्ट हो गया? नहीं, वह आज भी जीवंत है। या तो हम निर्गुण निराकार ब्रह्म की उपासना करें, पर यह उनके लिए संभव है जो आध्यात्मिक जीवन जीते हैं। किन्तु जनमानस की भावना का प्रगटीकरण हो इसके लिए हमें मूर्ति, सगुण, साकार नायक की जरूरत पड़ती है और ऐसे में हमारे सामने दो ही आदर्श हैं, हनुमान जी और शिवाजी'। उक्त उद्गार रा.स्व.संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने गत 29 मई को नई दिल्ली में 'शिवाजी और सुराज' पुस्तक का लोकार्पण करते हुए व्यक्त किए। पुस्तक के लेखक मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद श्री अनिल माधव दवे हैं तथा प्रकाशन नई दिल्ली के प्रभात प्रकाशन ने किया है। 

श्री भागवत ने आगे कहा कि जब एक राष्ट्र में ऐसी परिस्थिति निर्मित हो जाए कि वहां की प्रजा महान विचारों का अनादर करने लगे, तत्व-चिंतन को निम्न माना जाए। तो ऐसे में उस समाज की सोच और व्यवस्था में परिवर्तन हो, यह सुनिश्चित करना चाहिए। और सिर्फ इतना ही नहीं, समाज की सोच और व्यवस्था परिवर्तित हो तथा यह सकारात्मक व्यवस्था दीर्घकाल तक बनी रहे, ऐसा प्रयत्न करना चाहिए।

श्री भागवत ने कहा कि 400 साल पहले जिस प्रकार की परिस्थितियां थीं, आज भी वही परिस्थितियां हैं। अंतर सिर्फ इतना है कि अब हम स्वाधीन हैं। पहले महलों के बगल में झोपड़ी नहीं थीं। अमीर और गरीब एक साथ रहते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक विद्यालय में बच्चों को गरीबी पर निबंध लिखने के लिए कहा गया। एक बच्ची, जो बड़े घर की थी उसने कभी गरीबी का अनुभव नहीं किया था। उसने लिखा कि गरीबी हर जगह है, क्योंकि मेरे घर में जो काम करने वाली बाई आती है वह गरीब है, उसके बच्चे गरीब हैं। इसलिए हम सब गरीब हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे बीच सामाजिक खाई इतनी गहरी है कि बड़े घर के बच्चों को पता ही नहीं है कि गरीबी क्या है, क्योंकि उन्होंने कभी गरीबी देखी ही नहीं, उसका अनुभव ही नहीं किया।

श्री भागवत ने कहा कि शिवाजी की विलक्षणता थी कि वो राजा थे, किन्तु विरक्त भाव के। कभी भी सुख-सम्पदा के प्रति आकर्षित नहीं हुए। वे स्वयं वेश बदलकर अपने राज्य में घूमते थे, समाज का दुख-दर्द उन्होंने अपनी आंखों से देखा था। उसका अनुभव किया था, गरीब बच्चों के साथ खेलते थे। धर्म के प्रति उनकी विशेष रुचि थी। उनका राज्य भले ही छोटा था, लेकिन दृष्टि बड़ी थी।

श्री भागवत ने कहा कि शिवाजी के बाद संभा जी की भी मृत्यु हो गई, किन्तु मुगलों के विरुद्ध 30 वर्ष तक संघर्ष चला क्योंकि लोग जागृत हुए। उन्होंने शिवाजी से प्रेरणा ली।

पुस्तक के बारे में बताते हुए लेखक श्री अनिल माधव दवे ने कहा कि पुस्तक में कहीं भी शिवाजी के युद्धों का वर्णन नहीं किया गया है, अपितु पुस्तक में एक राजा के रूप में शिवाजी द्वारा स्थापित किए गए मूल्यों का सटीक विवेचन किया गया है। प्रत्येक व्यक्ति जो राज्य व्यवस्था में हिस्सेदारी चाहता है, उसको शिवाजी से कुछ न कुछ सीखना चाहिए। क्योंकि व्यवस्था शिवाजी से शुरू होती है और अव्यवस्था औरंगजेब से। शिवाजी राजा हैं, उन्होंने कई किले जीते, किन्तु उनका कोई भी रिश्तेदार किलेदार अथवा सामंत नहीं था, जबकि औरंगजेब ने अपने सारे रिश्तेदारों को उच्च पदों पर बिठा रखा था। दुर्भाग्य से आज हमारे देश में वही औरंगजेब वाली व्यवस्था चल रही है।

कार्यक्रम में मंचासीन श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि शिवाजी असाधारण रणनीतिकार थे। कम संसाधनों में युद्ध कैसे जीता जाता है, शिवाजी इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। इसलिए विश्वभर की सेनाएं उनके युद्ध की रणनीति का अध्ययन करती हैं। इस अवसर पर रा.स्व.संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी, डा. मुरली मनोहर जोशी, श्रीमती सुषमा स्वराज सहित संघ और भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। प्रतिनिधि

Enter News Text.

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Rahul Gandhi

हल्द्वानी SC-ST केस: राहुल गांधी की गिरफ्तारी की अफवाह पर उत्तराखंड पुलिस का सख्त बयान, कार्रवाई की चेतावनी

‘सीजफायर’ के लिए गिड़गिड़ाया था पाकिस्तान

हरिपुर कालसी में पूरा हुआ पहला यमुना स्नान घाट, 21 फीट ऊंची मां यमुना प्रतिमा स्थापित; CM धामी करेंगे लोकार्पण

Nitin Nabeen Uttarakhand visit

भाजपा का कुमाऊं पर फोकस तेज, नितिन नवीन का हल्द्वानी-रुद्रपुर दौरा प्रस्तावित

Himalyan glacier pollution

हिमालयी सुनामी का खतरा: नेपाल बाढ़ और ग्लेशियर प्रदूषण का कनेक्शन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

एक पर्व, अनेक परंपराएँ और एक सांस्कृतिक आत्मा… भारत में ऐसे मनाई जाती है जन्माष्टमी

Load More

ताज़ा समाचार

Rahul Gandhi

हल्द्वानी SC-ST केस: राहुल गांधी की गिरफ्तारी की अफवाह पर उत्तराखंड पुलिस का सख्त बयान, कार्रवाई की चेतावनी

‘सीजफायर’ के लिए गिड़गिड़ाया था पाकिस्तान

हरिपुर कालसी में पूरा हुआ पहला यमुना स्नान घाट, 21 फीट ऊंची मां यमुना प्रतिमा स्थापित; CM धामी करेंगे लोकार्पण

Nitin Nabeen Uttarakhand visit

भाजपा का कुमाऊं पर फोकस तेज, नितिन नवीन का हल्द्वानी-रुद्रपुर दौरा प्रस्तावित

Himalyan glacier pollution

हिमालयी सुनामी का खतरा: नेपाल बाढ़ और ग्लेशियर प्रदूषण का कनेक्शन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

एक पर्व, अनेक परंपराएँ और एक सांस्कृतिक आत्मा… भारत में ऐसे मनाई जाती है जन्माष्टमी

प्रतीकात्मक तस्वीर

ISRO ने GSLV-F17 से EOS-05 सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया: आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सुबह 2:55 बजे उड़ान

आतंकी यासीन मलिक का नया पैंतरा, सरला भट केस में भूमिका से इनकार किया, मांगी फांसी और बीवी को तलाक देने का ऐलान

Hijab Controversy

ईरान में अनिवार्य हिजाब फिर लागू करने के संकेत: तेहरान में महिलाओं के खिलाफ चेतावनी वाले वीडियो वायरल

जन्माष्टमी

गीता से कॉर्पोरेट तक: आज के युवाओं को भगवान श्री कृष्ण से ये मूल्य सीखने चाहिए

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies