| दिंनाक: 07 Nov 2010 00:00:00 |
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पिलखुवा (उ.प्र.) में गत 23 जून को आयोजित डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस समारोह में ओज के प्रख्यात युवा कवि डा. अर्जुन शिशौदिया को उनके राष्ट्रीयता से ओतप्रोत काव्य सृजन के लिए सम्मानित किया गया। मुखर्जी पुस्तकालय-वाचनालय द्वारा आयोजित इस समारोह में नोएडा के समाजसेवी वी.के. मित्तल (सनदी लेखाकार), विकास गुप्ता, मंजूमल शर्मा, नरेन्द्र बंसल, संस्कार भारती के डा. राकेश अग्रवाल, डा. कमलेश रानी ने डा. अर्जुन शिशौदिया को अभिनन्दन पत्र, स्मृति चिन्ह तथा उपहार भेंट कर उनका अभिनन्दन किया। डा. वागीश दिनकर ने मंगलाचरण किया। वरिष्ठ साहित्यकार-पत्रकार शिवकुमार गोयल ने अपनी लिखी डा. मुखर्जी की जीवनी भेंट कर उन्हें आशीर्वाद दिया।इस अवसर पर आयोजित समारोह में पुस्तकालय के संस्थापक सदस्य श्री आनन्द प्रकाश सिंहल ने डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि 23 जून, 1953 को डा. मुखर्जी के बलिदान की सूचना मिलते ही पिलखुवा के राष्ट्रवादी युवकों ने उसी वर्ष 31 अगस्त को उनकी पावन स्मृति में मुखर्जी पुस्तकालय-वाचनालय की स्थापना की। तब से आज तक यह पुस्तकालय निरन्तर राष्ट्रवादी विचारों के प्रचार-प्रसार में संलग्न है। इस अवसर पर आयोजित काव्य संध्या में डा. अर्जुन शिशौदिया, डा. राकेश अग्रवाल, डा. वागीश दिनकर, डा. कमलेश रानी अग्रवाल, पत्रकार नरेन्द्र गोयल, राजपाल शर्मा “राज”, गौरव तथा सतीश ने आतंकवाद व अलगाववाद पर प्रहार करने वाली अनेक कविताएं सुनार्इं। प्रतिनिधि27