| दिंनाक: 03 Dec 2006 00:00:00 |
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कृपालु पाठक इस स्तम्भ हेतु हिन्दी की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अंग्रेजी के अस्वीकार्य प्रयोग के उदाहरण हमें भेजें। भेजने का तरीका यह है कि जिस लेख, सम्पादकीय, समाचार आदि में अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग खटकने वाला और अनावश्यक प्रतीत हो, उसकी एक कतरन अथवा मूल अंश की छायाप्रति हमें भेज दें। कतरन या छायाप्रति के नीचे समाचारपत्र या पत्रिका का नाम, उसके प्रकाशन की तिथि तथा पत्र-पत्रिका के प्रकाशन के स्थान का स्पष्ट उल्लेख करना आवश्यक है। साथ में अपना पता भी साफ-साफ लिखकर भेजें। प्रत्येक प्रकाशित उदाहरण पर 50 रुपए का पुरस्कार है। जो पाठक अस्वीकार्य शीर्षक के स्थान पर प्रयुक्त हो सकने वाले शीर्षक का स्वीकार्य सुझाव भी भेजेंगे, उन्हें 50 रु. का अतिरिक्त पुरस्कार दिया जाएगा। -सं.बोरिंग कैमिस्ट्री अब इंटरेÏस्टगयह शीर्षक है अजमेर से प्रकाशित दैनिक भास्कर के 19 फरवरी, 2006 के अंक में प्रकाशित एक समाचार का। इसे भेजने वाले हैं- श्री दिलीप सिंह, प्लॉट/वार्ड नं.-294/5, स्टेशन रोड, रोहिसा, वाया, रियां बड़ी, जिला-नागौर (राजस्थान)और इनका सुझावउक्त पंक्ति इस प्रकार भी लिखी जा सकती थी-रसायनशास्त्र की नीरसता में दिलचस्प बदलपताऐसी भाषा-कैसी भाषा?पाञ्चजन्य, संस्कृति भवन, देशबंधु गुप्ता मार्ग, झण्डेवाला, नई दिल्ली-1100555