| दिंनाक: 09 Apr 2005 00:00:00 |
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नागालैण्ड की राह पर अरुणाचल प्रदेश?कोहिमा की हाईस्कूल कालोनी से नागालैण्ड पुलिस ने गत दिनों यूनाइटेड सोशलिस्ट काउंसिल आफ अरुणाचल (यू.एस.सी.ए.) के अध्यक्ष गांग्ते तुगुंग तथा उसके नागा साथी एवं सेवानिवृत्त सीमा सुरक्षा बल के सिपाही शिखिए सुमी को पकड़ा। तुगुंग पर बन्दूक दिखाकर दिन-दहाड़े डकैती डालने व फिरौती वसूलने के आरोप है। पुलिस के अनुसार गांग्ते तुगुंग उर्फ इंडिका उर्फ लोकर उर्फ डेविड चांगर उर्फ आमिनी पुत्र गांग्ते ताई, ग्राम- लुई, जिला- कुरुरेग, अरुणाचल का रहने वाला है। पुलिस द्वारा पूछ-ताछ करने पर तुगुंग ने बताया कि वह दिसम्बर, 2004 में अरुणाचल से भाग गया था और जनवरी, 2005 से कोहिमा में अपना विद्रोही संगठन चलाता आ रहा था। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने उसे गिरफ्तार करवाने वाले को पचास हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा भी की थी। उसने कोहिमा में 3-4 घर किराए पर ले रखे थे, जिनमें वह अदल-बदल कर रहता था।उसके घर की तलाशी में यू.एस.सी.ए. का लेटरपैड व मुहर, फिरौती हेतु मांग-पत्र, पुस्तिकाएं, प्राप्ति-रसीद तथा 10 से 25 लाख रुपए का अरुणाचल के सांसदों, मंत्रियों, विधायकों को संबोधित फिरौती हेतु मांग-पत्र, संगठन के सदस्यों की नामावली, संगठन के उद्देश्य व सिद्धांत को प्रतिपादित करने वाले पत्र एवं 6,500 रुपए नकद मिले। उधर त्वरित कार्रवाई बल, सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मार कर तुगुंग के साथी शिखिए सुमी के घर से भी तोप के गोले, भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ और अन्य अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। उसके पास से काफी मात्रा में सरकारी अधिकारियों की फर्जी मुहरें पायी गई हैं।पुलिस के अनुसार शिखिए सुमी अरुणाचल के उक्त आतंकवादी संगठन के स्वयंभू अध्यक्ष गांग्ते तुगुंग का घनिष्ठ सहयोगी है, जिससे वह बार-बार मिलता था। पुलिस ने शिखिए सुमी की मारुति वैन (एन.एल.-01/टी-5067) भी पकड़ी है जिसे वह बिना किसी दस्तावेजी पंजीकरण के चला रहा था। अरुणाचल प्रदेश पुलिस द्वारा प्रस्तुत सूचना के अनुसार गांग्ते तथा उसके संगठन को नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट आफ बोडोलैण्ड (एन.डी.एफ.बी.) द्वारा हथियार उपलब्ध कराए जाते थे। इस भूमिगत संगठन ने दिसम्बर, 2004 में इटानगर के एक सरकारी कार्यालय से बन्दूक दिखाकर 28.5 लाख रुपए भी लूटे थे। आशंका है कि इस संगठन के कई सदस्य कोहिमा में छिपे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि आतंकवादी गुट अरुणाचल ड्रेगन फोर्स व अरुणाचल प्रदेश छात्र संगठन भी अरुणाचल में सक्रिय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि चांगलाग व तिरप जिलों में लोगों को बलात् ईसाई बनाकर अपना आधार मजबूत करके विद्रोही गुट एन.एस.सी.एन. (आई.एम.) अपने संगठन तंत्र को पूरे अरुणाचल में फैलाने का प्रयास कर रहा है।बंगलादेश का अडि़यल रुखबंगलादेश में पिछले दिनों हुए एक के बाद एक 400 बम धमाकों की घटनाओं ने शायद सीमा पर तैनात बंगलादेशी सुरक्षाबल बी.डी.आर. को मनमानी करने की छूट दे दी है। बंगलादेश से सटे प. बंगाल के मालदा जिले में न केवल घुसपैठियों का निर्बाध प्रवेश जारी है, अपितु सीमा क्षेत्र पर बी.डी.आर.की ओर से अंधाधुंध गोलीबारी भी बढ़ गई है। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारी कहते हैं-बी.डी.आर. की 19 और 20 अगस्त को की गई गोलीबारी से कई लोग घायल हुए थे। इतना ही नहीं, यहां शेख नामक एक बंगलादेशी व्यक्ति के पास से पुलिस ने जाली डालर नोट पकड़े हैं। पूछताछ में शेख ने बताया कि वह बंगलादेश से इन जाली नोटों को भारत में लाया था। ये घटनाएं आए दिन घट रही हैं, लेकिन बंगलादेश सरकार ने खुद को हमेशा निर्दोष ठहराया है। बंगलादेश सरकार का रवैया हमेशा ही नकारात्मक रहा है और उसने घुसपैठ की बात से साफ इंकार किया है। हाल ही में भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह ढाका गए थे जहां उनसे बातचीत में प्रधानमंत्री खालिदा जिया और वहां के विदेशमंत्री ने बंगलादेशियों की भारत में घुसपैठ की बात नकार दी। विदेश मंत्री नटवर सिंह बंगलादेश सरकार से घुसपैठ पर लगाम कसने का आश्वासन प्राप्त करने गए थे, पर खाली हाथ वापस लौटे।NEWS