| दिंनाक: 11 Jul 2004 00:00:00 |
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आगरासंस्कृत भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्नसंस्कृत में प्रवीण नन्हे बालकगत दिनों आगरा (उ.प्र.) में संस्कृत भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न हुआ। इसका उद्घाटन काशी के प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने किया। उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष समाजसेवी श्री डी.डी. सिंहल थे। इसी सत्र में “शुद्धि कौमुदी” पुस्तक का लोकार्पण भी हुआ। इस तीन दिवसीय अधिवेशन में पूरे देशभर के लगभग 550 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर संस्कृत के प्रचार-प्रसार एवं अन्य विषयों पर खुलकर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों को प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी एवं संस्कृत भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री चमू कृष्ण शास्त्री का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के आकर्षण वे 34 बच्चे रहे, जिनकी मातृभाषा संस्कृत है। 5 साल से भी कम आयु के इन सभी बच्चों ने अपने धाराप्रवाह संस्कृत सम्भाषण एवं संस्कृत ग्रंथों का पाठ कर सबको चकित कर दिया। लखनऊ से आई तीन वर्षीया श्रद्धा वाजपेयी ने तो महर्षि पाणिनी रचित अष्टाध्यायी के सूत्रों का सस्वर वाचन कर वहां उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। – प्रतिनिधि18