भारत फ्रैंज काफ्का कहते थे- हमें ऐसी किताबें पढ़नी चाहिए, जो कुल्हाड़ी की तरह हमारे अंदर के जमे समंदर के ऊपर पड़ें, घायल कर दें
दिल्ली में VHP की केंद्रीय बैठक संपन्न: परिवार व्यवस्था, कंधमाल जांच और शताब्दी वर्ष पर पारित हुए बड़े प्रस्ताव!