सुरक्षा एजेंसियां लगातार देश में आंतकी मॉड्यूल की कमर तोड़ने में लगी हैं। इसका असर भी ये हुआ है कि बीते कुछ वक्त में एक के बाद एक आतंकियों के मंसूबों को नाकाम किया गया है। इसी क्रम में एटीएस ने बिहार के पूर्णिया से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कि आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के लिए काम करता था। इसका नाम है जफर।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एजेंसी ने उसे दिल्ली से सटे मेरठ से गिरफ्तार किया है। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस इलाके में लबे वक्त से सक्रिय था और प्रदेश के मदरसों में उसकी गहरी पैठ भी सामने आई है। जफर मूल रूप से जैश के लिए फंडिंग का काम संभालता था। वह क्रिप्टो करेंसी के जरिए पाकिस्तान को फंड की सप्लाई करता था।
मदरसों से जिहाद के नाम पर जुटाई फंडिंग
बड़ी बात ये है कि जफर की स्थानीय मदरसों में इतनी गहरी पैठ थी कि उसने वहां से जिहाद के नाम पर चंदा वसूला और फिर उसे क्रिप्टो करेंसी में कन्वर्ट करके पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेज दिया।
स्पेशल कोर्ट में किया गया पेश
उसे गिरफ्तार करने के बाद एटीएस की टीम ने उसे लखनऊ स्थित विशेष अदालत में पेश किया। वहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया है। अब जांच एजेंसी उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क एक्सेस की चेन को तलाशने में लगी हुई है।
मेरठ के ही मदरसे से इस्लामी तालीम ली
जफर को लेकर खुलासा ये हुआ है कि उसने मेरठ स्थित एक मदरसे से इस्लामी तालीम ली थी। इसी दौरान वह जैश के मुखिया मसूद अजहर के भाषणों से प्रभावित हुआ। उसने इस बात को कबूल किया है कि मदरसे में पढ़ाई के दौरान ही उसने आतंकी मसूद अजहर के बारे में पढ़ा था। वहीं से वो उससे प्रभावित हुआ था।

















