मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के मध्य चल रहे युद्ध के चलते खाड़ी में संकट लगातार गहराता जा रहा है। इसका असर ये हो रहा है कि तेल की सप्लाई बाधित हो गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें एक हफ्ते के ऊंचे स्तर के करीब बनी हुई हैं। निकट समय में फिलहाल इस समस्या का समाधान होता नहीं दिख रहा है।
होर्मुज संकट के कारण आज (मंगलवार को) सुबह करीब 7:20 बजे IST पर WTI क्रूड 0.09 प्रतिशत बढ़कर 82.22 डॉलर प्रति बैरल पर था। ब्रेंट क्रूड 87.80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। इससे पहले के सत्र में दोनों बेंचमार्क 5 प्रतिशत से ज्यादा उछले थे और 31 जुलाई के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे।
पिछले हफ्ते कीमतें 7 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई थीं। उस समय ईरान और ओमान के बीच डील होने की उम्मीद बढ़ रही थी, जिससे जलडमरूमध्य खुल सकता था। फरवरी के अंत में मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू होने से पहले यह जलमार्ग दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल और एलएनजी को ले जाता था।
ट्रंप की नई शर्तें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शांति डील की शर्तों का जवाब देते हुए कहा कि तेहरान को युद्धों, हमलों और विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों का मुआवजा देना होगा। ट्रंप ने बाद में यह भी कहा कि अमेरिका के पास होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण है और उन्होंने वहां ईरानी माइन साफ कर दी हैं। इन नई मांगों से जलमार्ग खोलने का समझौता मुश्किल हो गया है।
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ईरान की शर्तें
ईरान कह रहा है कि जलडमरूमध्य खोलने से पहले अमेरिका को तेहरान पर लगे प्रतिबंध हटाने होंगे और कुछ और शर्तें भी माननी होंगी। ईरान का कहना है कि वह ओमान के साथ नई शिपिंग लेन पर अंतिम समझौते के करीब है।
ईरान की शर्तों में मुआवजा, प्रतिबंधों का खत्म होना और अमेरिका की सैन्य धमकियों का बंद होना शामिल है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सोमवार को कहा कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता, होर्मुज खुलने की जरूरत की शर्तें पूरी नहीं होतीं। उन्होंने बंद होने का दोष अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई पर डाला। बगाई ने कहा कि अमेरिका और इजराइल द्वारा लगाई गई शर्तों पर ही इसे खोलना निर्भर करता है। उन्होंने वाशिंगटन से अपने “विनाशकारी कदम” रोकने और उल्टा करने की बात कही ताकि दोनों पक्ष आगे की बातचीत कर सकें।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह खाड़ी के निर्यातकों से दुनिया भर में कच्चा तेल और एलएनजी भेजने का मुख्य रास्ता है। बगाई ने साफ कहा कि ओमान के साथ समुद्री ट्रांजिट की बातचीत सिर्फ दोनों पड़ोसी देशों के बीच चल रही है।
अमेरिका-ईरान बातचीत नहीं
ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अरागची ने रविवार को कहा कि इस समय ईरान और अमेरिका के बीच कोई सक्रिय बातचीत नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि बिचौलिये बातचीत फिर शुरू करने के रास्ते खोजने की कोशिश कर रहे हैं। अराघची के मुताबिक, जब तक अमेरिका एमओयू का उल्लंघन बंद नहीं करता और किए गए उल्लंघनों का सुधार नहीं करता, बातचीत दोबारा शुरू नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि ओमान के साथ होर्मुज से संशोधित समुद्री मार्ग पर तकनीकी चर्चा लगभग पूरी हो रही है। लेकिन उन्होंने जोर दिया कि ओमान से समझौता होने का मतलब जलडमरूमध्य का अपने आप खुलना नहीं है। समझौता हो सकता है, लेकिन जलमार्ग खुलना कई शर्तों पर निर्भर करता है। जियोपॉलिटिकल हालात की वजह से तेल की कीमतें उतार-चढ़ाव वाली बनी हुई हैं। ऊर्जा सप्लाई की कमी की चिंता बनी हुई है। कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन उछाल उतना बड़ा नहीं है जितना संघर्ष के शुरुआती दौर में था, जब क्रूड 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था।















