खाड़ी संकट के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया। दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल के विशेष सामरिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की और वेस्ट एशिया (मध्य पूर्व) की मौजूदा स्थिति पर अपने-अपने विचार साझा किए।
बातचीत में क्या हुआ
मोदी ने एक्स पर लिखा कि उन्हें नेतन्याहू का फोन आया। दोनों ने भारत-इजरायल स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर हुई प्रगति की समीक्षा की, जो लगातार मजबूत होती जा रही है। साथ ही वेस्ट एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। सरकारी बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने इस साझेदारी में लगातार हो रही प्रगति की समीक्षा की और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि दोनों देशों को फायदा हो। दोनों ने आगे भी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।
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पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह बातचीत ऐसे समय हुई जब इजरायल को हमास के आतंकी हमले के जवाब में अपनी सैन्य कार्रवाई के कारण कई पारंपरिक समर्थक और हमदर्द कम होते दिख रहे हैं। अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी इजरायल के प्रति रुझान बदला है और फिलिस्तीनी मुद्दे के समर्थन में बढ़ोतरी हुई है।
इस साल फरवरी में मोदी इजरायल गए थे। विपक्ष ने उस यात्रा को नेतन्याहू के पक्ष में झुकाव बताते हुए सरकार पर आरोप लगाए थे। पहले मोदी ने इजरायली संसद में दिए भाषण में कहा था कि भारत आतंकवाद के खिलाफ इजरायल के साथ खड़ा रहेगा। आलोचनाओं के बावजूद सरकार इजरायल के साथ रिश्ते मजबूत करने पर जोर दे रही है। इजरायल भारत के लिए आधुनिक हथियारों और संघर्ष के समय मदद का स्रोत रहा है।

















