अजमेर (राजस्थान)। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में अजमेर स्थित राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के राजीव गांधी सभागार में एक भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रख्यात चिंतक, लेखक तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ द्वारा लिखित पुस्तक ‘संत शिरोमणि सद्गुरु श्री रविदास जी’ का गरिमामयी लोकार्पण संपन्न हुआ.
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती और संत शिरोमणि श्री रविदास जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद डॉ. संगीता पांचाल ने मधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की.
“मूल्य-संकटों से घिरे समाज के लिए संत रविदास का चिंतन मार्गदर्शक” : हनुमान सिंह राठौड़
पुस्तक के लेखक एवं बोर्ड अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में संत रविदास के विचारों की कालजयी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत रविदास केवल एक भक्त कवि या संत नहीं थे, बल्कि वे भारतीय समाज में मानव गरिमा, श्रम की प्रतिष्ठा और आध्यात्मिक चेतना के महान ध्वजवाहक थे.
“आज जब समाज अनेक प्रकार की विषमताओं और नैतिक मूल्य-संकटों से जूझ रहा है, तब संत रविदास जी का चिंतन और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उनका संदेश हमें जाति, वर्ग और बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर प्रेम, करुणा, सेवा, समरसता तथा आत्मशुद्धि का मार्ग दिखाता है।” – हनुमान सिंह राठौड़, अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (राजस्थान)
उन्होंने बताया कि यह पुस्तक केवल जीवन-वृत्त का परिचय मात्र नहीं है, बल्कि उनकी वाणी, सामाजिक समरसता, भक्ति-दर्शन और समकालीन परिदृश्य में उनकी शिक्षाओं का एक अत्यंत सरल और प्रामाणिक विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जो शोधार्थियों, शिक्षकों व विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगी.
शिक्षा के माध्यम से सामाजिक चेतना का विस्तार
समारोह में विशिष्ट अतिथि एवं ‘शैक्षिक फाउंडेशन’ के अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने संत रविदास के समतामूलक चिंतन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज में चेतना और समरसता का प्रसार किया जा सकता है.
कार्यक्रम से जुड़े मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रीय चिंतन पर साहित्य: लेखक हनुमान सिंह राठौड़ अब तक राष्ट्रीय चिंतन, भारतीय संस्कृति और शिक्षा पर आधारित 20 से अधिक पुस्तकें लिख चुके हैं, जिनका प्रकाशन शैक्षिक फाउंडेशन द्वारा किया गया है.
- राष्ट्रीय अध्यक्ष का वक्तव्य: अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता ने कहा कि शैक्षिक फाउंडेशन निरंतर राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर उच्च स्तरीय पुस्तकों का प्रकाशन कर रहा है.
- कुशल संचालन: समारोह का सफल संचालन ‘शैक्षिक मंथन’ के संपादक प्रो. शिव शरण कौशिक ने किया.
सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के साथ समारोह का समापन
इस लोकार्पण समारोह में अजमेर और आसपास के क्षेत्रों से आए प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ शिक्षकों, साहित्यकारों, शोधार्थियों और बड़ी संख्या में समाज के विविध वर्गों के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. कार्यक्रम का भावपूर्ण समापन राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के साथ हुआ.












