रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को मुंबई में तीनों सेनाओं की उन नौ महिला अधिकारियों का स्वागत किया, जिन्होंने ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ नाम का पहला महिला नौकायन अभियान पूरा करके लौटे थे। ये अधिकारी थलसेना, वायुसेना और नौसेना से थीं। उन्होंने 314 दिनों में चार समुद्रों को पार करते हुए कुल 25,500 नॉटिकल मील की दूरी तय की। राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्र की ऊंची लहरों और इन बेटियों के हौसले के बीच मुकाबला था, और इस मुकाबले में बेटियों का हौसला ज्यादा ऊंचा साबित हुआ। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती नारी शक्ति का अच्छा उदाहरण बताया।
अभियान की शुरुआत
ये पूरा अभियान 11 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअली झंडी दिखाकर इन अधिकारियों को रवाना किया। वे 50 फीट लंबे भारतीय सेना के सेलिंग वेसल यानी IASV त्रिवेणी पर सवार थीं। अभियान के लिए दो साल से तैयारियां चल रही थीं।
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सभी महिला अधिकारी साथ मिलकर नौकायन कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कई मुश्किलें पार कीं।
क्या-क्या हैं उपलब्धियां
- चार समुद्र पार किए।
- 314 दिन की यात्रा में 25,500 नॉटिकल मील की दूरी तय की।
- दो बार इक्वेटर पार किया।
- इंटरनेशनल डेटलाइन भी पार की।
- उन समुद्री इलाकों में भी गए जहां नाविकों के लिए सबसे ज्यादा चुनौती मानी जाती है।
- पूरे अभियान में सभी अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का पालन किया गया।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा
समारोह में राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभियान तीनों सेनाओं की नारी शक्ति के समन्वय और चुनौतियों से लड़ने के हौसले को दिखाता है। उन्होंने इसे नए भारत की तस्वीर बताया, जहां महिलाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं इन अवसरों में अपना कौशल दिखा रही हैं और इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा रही हैं। राजनाथ सिंह के अनुसार, यह अभियान सिर्फ नौकायन नहीं बल्कि चुनौतियों से निपटने की भावना का प्रतीक है। ये नौ महिला अधिकारी अब मुंबई लौट आई हैं।

















