खाड़ी में चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका ने लगातार सातवीं बार रात ईरान पर जबरदस्त हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ अपनी शर्तों के साथ डील करना चाहते हैं। वो जितनी बार ईरान पर हमले करते हैं, उतनी ही बार सोशल मीडिया पोस्ट करके ये दावा करते नहीं थकते हैं कि ईरान उनके साथ डील करने के लिए गिड़गिड़ा रहा है। वहीं दूसरी ओर ईरान खाड़ी में स्थित अमेरिकी सैन्य बेसों पर लगातार हमले कर रहा है। लेकिन, शोध में सामने आया है, जिसमें वह कितनी भी कोशिश कर लें, पर आम अमेरिकी मानते हैं कि ट्रंप ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं कर पाएंगे।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि डोनाल्ड ट्रंप बार-बार एक ही बात कहते रहे हैं कि बराक ओबामा की ईरान न्यूक्लियर डील एक बड़ी गलती थी, और वह उससे कहीं बेहतर डील करेंगे। उन्होंने असल में, ‘रोल कॉल’ के फैक्टबेस ट्रांसक्रिप्ट्स की CNN की समीक्षा के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ट्रंप ने ओबामा की न्यूक्लियर डील का ज़िक्र तीन दर्जन से ज़्यादा बार किया है।
इस बीच वॉशिंगटन पोस्ट-इप्सोस के एक नए पोल में ट्रंप के लिए इस मामले में बहुत बुरी खबर सामने आई है। इस पोल में पाया गया कि सिर्फ़ 23% अमेरिकी लोगों को लगता है कि ट्रंप, ओबामा की 2015 वाली डील से बेहतर ईरान डील कर पाएंगे। और 37% लोगों का मानना था कि ट्रंप इससे भी खराब डील करेंगे — यानी 14 पॉइंट का अंतर। वहीं, 12% लोगों को लगा कि दोनों डील “लगभग एक जैसी” होंगी, जबकि बाकी लोगों ने कोई राय नहीं दी।
खुद पूरी रिपब्लिकन पार्टी भी ये नहीं मानती है कि ट्रंप ईरान के साथ बेहतर समझौता कर पाएंगे। पार्टी के केवल आधे से कुछ ज़्यादा (54%) लोगों को ही लगा कि ट्रंप बेहतर समझौता करेंगे। वो अलग बात है कि 70% MAGA रिपब्लिकन ने कहा कि ट्रंप बेहतर डील करेंगे। MAGA से जुड़े न होने वाले रिपब्लिकन की राय लगभग बंटी हुई थी; जहाँ 27% लोगों को लगा कि ट्रंप बेहतर समझौता करेंगे, वहीं 23% लोगों को लगा कि ओबामा की डील बेहतर थी। हां सिर्फ़ 13% निर्दलीय लोगों को लगा कि राष्ट्रपति बेहतर डील करेंगे।
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धमाकों से दहला ईरान
इस बीच अमेरकी सेंट्रल कमांड ने ईऱान पर सातवीं रात हमला करने के बाद एक बयान जारी कर कहा कि हमारा मकसद केवल ईरान के पलटवार करने की क्षमता को कमजोर करना है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, सिरिक, अहवाज और याज्द शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं या हमले हुए। देर रात ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि होर्मुज में दो ऑयल टैंकर माइन्स से टकराए और फट गए।
शुक्रवार को हुए हमले
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी एयरस्ट्राइक्स ने ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत में ब्रिजों को निशाना बनाया। इसमें कम से कम सात लोग मारे गए। ये पुल बंदर अब्बास के मुख्य बंदरगाह तक जाने वाले जरूरी रास्ते थे। इश बीच अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह पर एक टावर भी गिरा दिया, जिसे US सेना का कहना था कि IRGC जहाजों पर हमले करने के लिए इस्तेमाल करता था।
इन हमलों के कारण ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने लोगों से बिजली और एयर कंडीशनिंग कम इस्तेमाल करने को कहा, क्योंकि अमेरिकी हमलों के कारण पावर ग्रिड पर दबाव पड़ रहा है। दक्षिणी इलाकों में गर्मी बहुत ज्यादा है और बिजली सुविधाओं पर हमले हो रहे हैं।















