उदयपुर (राजस्थान)। सिल्वर स्क्रीन पर अपनी अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी अक्षय कुमार ने एक बार फिर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता और दरियादिली का परिचय दिया है। राजस्थान के उदयपुर संभाग में आदिवासी और जनजाति क्षेत्र के बच्चों के उत्थान के लिए अक्षय कुमार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
उन्होंने उदयपुर में बनने वाले एक आधुनिक जनजाति कन्या छात्रावास (Tribal Girls Hostel) के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम वित्तीय सहायता राशि प्रदान की है। इस सेवा कार्य के माध्यम से क्षेत्र की प्रतिभावान बेटियों को रहने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक बेहतर और सुरक्षित परिवेश मिल सकेगा।
वनवासी कल्याण परिषद की पहल: माता अरुणा भाटिया की स्मृति में बनेगा छात्रावास
यह महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रोजेक्ट वनवासी कल्याण परिषद की विशेष पहल पर धरातल पर उतारा जा रहा है। संगठन के आग्रह और जनजाति कल्याण के संकल्प को देखते हुए अक्षय कुमार ने तुरंत इस पुनीत कार्य के लिए हाथ आगे बढ़ाए।
उदयपुर में बनने वाला यह भव्य कन्या छात्रावास अक्षय कुमार की पूजनीय माता जी स्व. अरूणा भाटिया जी की पावन स्मृति को समर्पित होगा और इसका नामकरण उन्हीं के नाम पर किया जाएगा। इस नवनिर्मित छात्रावास परिसर में प्राथमिक तौर पर क्षेत्र की 30 जनजाति छात्राओं के रहने, खाने और पढ़ाई की सर्वसुविधायुक्त व्यवस्था की जाएगी।
वागड़-मेवाड़ क्षेत्र से अक्षय कुमार का पुराना और गहरा नाता
यह पहला अवसर नहीं है जब अक्षय कुमार ने राजस्थान के इस जनजाति बहुल अंचल के लिए अपनी तिजोरी खोली हो। इससे पहले भी वे उदयपुर के समीप स्थित खेरवाड़ा में संचालित ‘हरिओम जनजाति छात्र छात्रावास’ के भवन निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता दे चुके हैं।
“अक्षय कुमार की सामाजिक सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल आर्थिक दान देकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री नहीं कर लेते। खेरवाड़ा में जब पिछला छात्रावास पूरी तरह बनकर संचालित हो गया था, तब वे खुद वहां के आदिवासी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने, उनका हौसला बढ़ाने और उनके साथ वक्त बिताने छात्रावास परिसर पहुंचे थे।”
वनवासी कल्याण परिषद के पदाधिकारियों ने अभिनेता अक्षय कुमार के इस निरंतर और निस्वार्थ सहयोग के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस कन्या छात्रावास के निर्माण से उदयपुर के सुदूर ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों की बेटियों को आगे बढ़ने का नया हौसला मिलेगा और वे शिक्षा के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल कर देश का नाम रोशन करेंगी।










