
कल का पंचांग
21 अक्टूबर 2026, बुधवार को शरद ऋतु रहेगी। हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन सूर्योदय के समय विभिन्न ग्रह अलग-अलग राशियों में स्थित रहेंगे। ग्रहों की स्थिति, लग्न परिवर्तन और दिशाशूल का धार्मिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है।
21 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय सूर्य तुला राशि में विराजमान रहेंगे। चंद्रमा कुंभ राशि में रहेंगे। मंगल और गुरु दोनों कर्क राशि में स्थित होंगे। बुध और शुक्र तुला राशि में रहेंगे। वहीं, शनि मीन राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित रहेंगे। इस प्रकार सूर्य, बुध और शुक्र तुला राशि में एक साथ रहेंगे। मंगल और गुरु की युति कर्क राशि में होगी, जबकि चंद्रमा और राहु कुंभ राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में इन ग्रह स्थितियों का विश्लेषण विभिन्न राशियों के प्रभाव और दैनिक फलादेश के लिए किया जाता है।
इस दिन प्रातः 5 बजकर 44 मिनट से तुला लग्न प्रारंभ होगा। इसके बाद सुबह 8 बजकर 3 मिनट पर वृश्चिक लग्न, 10 बजकर 19 मिनट पर धनु लग्न और दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर मकर लग्न शुरू होगा। दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर कुंभ लग्न तथा 3 बजकर 43 मिनट पर मीन लग्न प्रारंभ होगा। शाम 5 बजकर 14 मिनट पर मेष लग्न और 6 बजकर 54 मिनट पर वृषभ लग्न शुरू होगा। रात 8 बजकर 52 मिनट पर मिथुन लग्न तथा 11 बजकर 5 मिनट पर कर्क लग्न प्रारंभ होगा। इसके बाद अगले दिन रात 1 बजकर 22 मिनट पर सिंह लग्न और तड़के 3 बजकर 33 मिनट पर कन्या लग्न शुरू होगा।
बुधवार होने के कारण इस दिन के स्वामी बुध माने जाते हैं। दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। इसलिए पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उत्तर दिशा की यात्रा करते समय दिशाशूल का विचार किया जाता है। इस प्रकार 21 अक्टूबर 2026 का पंचांग ग्रह स्थिति, लग्नारंभ, वार, ऋतु और दिशाशूल की जानकारी प्रदान करता है।