दिल्ली

दिल्ली पुलिस ने AISA की वामपंथी नेहा बोरा को रिहा किया, CJP के अभिजीत दीपके आज कोर्ट में पेश होंगे

Published by
कुलदीप सिंह

दिल्ली पुलिस ने वामपंथी संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को प्रिवेंटिव हिरासत से रिहा कर दिया है। जबकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया गया था, इसलिए उन्हें आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। इन दोनों को ही दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम ‘लेहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन से पहले माहौल खराब करने के मामले में डिटेन किया था।

प्रदर्शन और हिरासत कैसे हुई

सीजेपी ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने का मार्च बुलाया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ था। पुलिस ने इस इलाके में धारा 163 के तहत प्रतिबंध लगाया हुआ था और मार्च की अनुमति नहीं दी थी।

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शुक्रवार को पुलिस ने दीपके के झंडेवालान/करोल बाग वाले ठिकाने पर नोटिस दिए। एक नोटिस में कहा गया कि वे नागरिकों, व्यापारियों और यातायात को नुकसान पहुंचाने वाली कोई कार्रवाई न करें। शाम करीब पांच बजे जब दीपके घर से बाहर निकले तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि कनॉट प्लेस में प्रतिबंध लागू है इसलिए प्रिवेंटिव डिटेंशन हो रही है। उन्हें जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

नेहा बोरा मंडी हाउस की तरफ मार्च शुरू करने वाली थीं। वहां पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। पूरे इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात थे। पुलिस के मुताबिक, करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और ट्रैफिक न रुके।

कानूनी कार्रवाई में फर्क

पुलिस ने बताया कि नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत हिरासत में रखा गया था। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार सुबह उन्हें छोड़ दिया गया। अभिजीत दीपके पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई हुई। ये धाराएं शांति भंग होने की आशंका में प्रिवेंटिव अरेस्ट की अनुमति देती हैं। उन्हें स्पेशल एक्जीक्यूटिव मैजिस्ट्रेट (एसईएम) कोर्ट के सामने पेश किया जाना था।

कॉकरोच फैला रहे झूठ

इस बीच सीजेपी ने झूठ फैलाते हुए आरोप लगाया कि दीपके को अज्ञात जगह ले जाया गया और वकीलों से मुलाकात नहीं होने दी गई। कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि अभिजीत गिरफ्तार हैं और एसईएम कोर्ट में पेश होंगे, लेकिन जगह का पता नहीं। AISA ने भी कहा कि नेहा बोरा को कई जगहों पर शिफ्ट किया गया और वकीलों को मिलने नहीं दिया गया। बाद में उन्हें आरके पुरम पुलिस स्टेशन में पाया गया।

रिहाई के बाद नेहा बोरा ने दिपके और बाकी हिरासत में लिए गए लोगों की तुरंत रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ये आम नागरिक हैं जो जवाबदेही और वोट के अधिकार की मांग कर रहे हैं।

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