रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को फिर एक हमला हुआ। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक एक अनजान प्रोजेक्टाइल टर्मिनल 4 पर गिरा। इससे आग लग गई और कुछ लोग घायल हुए। एयर डिफेंस ने एयरपोर्ट के पास एक क्रूज मिसाइल भी रोक ली। पिछले एक हफ्ते में एयरपोर्ट पर कई हमले हो चुके हैं।
इससे पहले शनिवार को भी यमन के ईरान समर्थित हूती ग्रुप ने एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला किया था। इसमें 13 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा घायल हुए। यह खाड़ी देश में मार्च से चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद सबसे घातक हमला था। मारे गए लोगों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक फिलिस्तीनी, एक अमेरिकी, एक मिस्री, एक जॉर्डनियन, एक सीरियाई और एक सूडानी शामिल थे। बाद में भारतीय दूतावास ने बताया कि एक भारतीय नागरिक भी घायल होने के बाद रविवार को चल बसा।
मिस्री महिला अज्जा रमजी 28 साल की थीं। वह सऊदी एयरलाइन फ्लाईनास की फ्लाइट अटेंडेंट थीं। सीरियाई महिला बुथैना अहमद उवेदा 56 साल की थीं। वे विधवा थीं और उनके चार बच्चे हैं। पांच साल से सऊदी अरब में रह रही थीं। रिश्तेदारों के अनुसार वे मक्का में रहती थीं और रियाध में बहन से मिलकर लौट रही थीं।
सऊदी और हूती दोनों तरफ के दावे
हमले के बाद सऊदी अधिकारियों ने एयरपोर्ट बंद रखने का समय बढ़ा दिया। स्कूलों को गुरुवार तक ऑनलाइन कर दिया गया। हूती ग्रुप ने शनिवार के हमले समेत कई हमलों का दावा किया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने रविवार को यमन की राजधानी सना के एयरपोर्ट पर हमला किया। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सना में एक घर पर एयरस्ट्राइक से एक बच्चा मारा गया और छह लोग घायल हुए।
रविवार शाम सऊदी अधिकारियों ने पूर्वी शहर दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले की पुष्टि की। वहां नुकसान का आकलन चल रहा था।
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चेतावनी और जवाबी कार्रवाई
हूती ग्रुप ने एयरलाइंस, यात्रियों और कर्मचारियों को सऊदी एयरपोर्ट्स से दूर रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सऊदी की यमन में सैन्य कार्रवाई जारी रही तो और बुरा होगा। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा कि हमले का सख्त जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका और दूसरे देशों की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे सऊदी की यमन मुहिम में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस से बात करने की बात कही। अमेरिका पहले से खुफिया सहयोग दे रहा है। करीब 200 अमेरिकी सलाहकार सऊदी अरब में हैं। अब तक अमेरिका ने सीधे लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया है।
सोमवार को सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने संयुक्त बयान में आपसी रक्षा समझौते को जल्दी लागू करने और सैन्य बल भेजने की बात कही। ब्रिटेन ने मिसाइल रोकने वाले विमानों के लिए ईंधन भरने में मदद देने की बात कही। सऊदी अरब ने फ्रांस, मिस्र, ब्रिटेन और पाकिस्तान से और मदद मांगी है क्योंकि इंटरसेप्टर मिसाइलें कम पड़ रही हैं।
यमन में हाल की स्थिति
हूती ग्रुप ने सितंबर की शुरुआत में रेड सी कोस्ट पर कब्जे की मुहिम शुरू की थी। इससे 2022 के यूएन सीजफायर के बाद का शांत दौर टूटा। सऊदी समर्थित यमनी सरकार की सेनाएं जवाबी कार्रवाई कर रही हैं लेकिन हूती अभी भी कई इलाकों पर पकड़ बनाए हुए हैं। पिछले छह हफ्तों में गठबंधन की एयरस्ट्राइक्स से हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 91 यमनी मारे गए और 168 घायल हुए। इनमें 60 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे बताए गए।












