संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद पर दोहरे रवैये को साफ शब्दों में सामने रखा है। भारत के मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी राघू पुरी ने बुधवार को यूएन जनरल असेंबली की छठी कमिटी में कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद का जो ‘फ्रेंकस्टीन मॉन्स्टर’ यानी भस्मासुर बनाया था, उस पर अब उसका कंट्रोल पूरी तरह खत्म हो चुका है। वही भस्मासुर अब उन लोगों पर भी हमला कर रहा है जिन्होंने इसे पाला था।
पाकिस्तान खुद को पीड़ित बताता है
पुरी ने कहा कि पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से लड़ने वाला देश और पीड़ित बताता रहता है। लेकिन वह यह बात छिपाता है कि उसने जिन खतरनाक तत्वों को बनाया और जिन पर से अपना कंट्रोल खो दिया, वे अब पड़ोसी देशों में तबाही मचाने के बाद पाकिस्तान के अंदर भी वही कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि एक ही समय में दो विरोधी पक्षों का साथ नहीं दिया जा सकता। असलियत ऐसी नहीं होती।
किस नेता की बात याद दिलाई
पुरी ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज का जिक्र किया। पिछले महीने लाहौर में मरियम नवाज ने कहा था कि 13 करोड़ की आबादी वाले पंजाब प्रांत को खतरा पड़ोसी देशों से कम और अपने पड़ोसी प्रांतों से ज्यादा है।
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इसके अलावा 2018 में डॉन अखबार को दिए इंटरव्यू में उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने साफ माना था कि मुंबई के 26/11 आतंकी हमले की साजिश में पाकिस्तान का हाथ था। उन्होंने कहा था कि चरमपंथी संगठन सक्रिय हैं। क्या हमें उन्हें बॉर्डर पार करके मुंबई में 150 लोगों की जान लेने देनी चाहिए?
ऑपरेशन सिंदूर के दावों पर जवाब
पाकिस्तान के डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव उस्मान जादून ने भारत के खिलाफ तीखी बातें कही थीं। उसके जवाब में पुरी ने पाकिस्तान के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर बमबारी से बर्बाद हुए एयरफील्ड और गड्ढों वाले रनवे पाकिस्तान को जीत जैसे लगते हैं तो वे इसका आनंद ले सकते हैं। पुरी के मुताबिक पाकिस्तानी प्रतिनिधि की यह बेताबी राज्य-प्रायोजित गलत सूचना और मनोवैज्ञानिक धोखे की पुरानी मशीनरी का हिस्सा है।
पहलगाम हमले का जिक्र
पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा कि जिहादियों ने हिंदू और ईसाई पर्यटकों को मारने से पहले उनकी धार्मिक पहचान पूछी और उन्हें खास तौर पर निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि पीड़ितों से उनकी राजनीतिक विचारधारा नहीं, बल्कि धर्म के बारे में पूछा गया।
पुरी ने कहा कि पाकिस्तान धार्मिक नफरत से लड़ने की बात तो करता है, लेकिन साथ ही ऐसे हालात बनाए रखता है जिनसे यह नफरत बनी रहे और पनपे, खासकर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर।
मसूद अजहर का जिक्र
पुरी ने एक और बात कही कि जब मीडिया मसूद अजहर तक पहुंच सकता है और ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के बारे में उससे पुष्टि कर सकता है तो जाहिर है कि पाकिस्तानी सरकार को उसके ठिकाने का पता होगा। उन्होंने कहा कि अगर नैरेटिव बनाने, गलत जानकारी फैलाने और दुष्प्रचार करने के बजाय आतंकवाद का मुकाबला करने में इतनी कोशिश की गई होती तो दुनिया एक बेहतर जगह होती।
















