
EPFO
नौकरी बदलना आज के समय में आम बात हो गई है। बेहतर सैलरी या अच्छी नौकरी के लिए कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वाइन करते हैं। इस दौरान ज्यादातर लोगों का ध्यान PF यानी भविष्य निधि के पैसे पर रहता है। कई कर्मचारी पुरानी नौकरी का PF बैलेंस निकाल भी लेते हैं। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में एक जरूरी चीज अक्सर नजरअंदाज हो जाती है और वह है EPS यानी कर्मचारी पेंशन योजना की सर्विस।
दरअसल, PF और EPS दोनों EPFO से जुड़े हैं, लेकिन दोनों का काम अलग है। EPF में जमा पैसा कर्मचारी के लिए बचत का काम करता है, जबकि EPS में उसकी पेंशन से जुड़ी सर्विस का रिकॉर्ड रहता है। इसलिए नौकरी बदलते समय सिर्फ PF बैलेंस देखना ही काफी नहीं है। पुरानी नौकरी की EPS सर्विस भी सही तरीके से रिकॉर्ड में रहनी चाहिए।
अगर आपने नौकरी छोड़ने के बाद अपना PF पैसा निकाल लिया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी EPS सर्विस भी खत्म हो गई। अलग-अलग कंपनियों में की गई पेंशन योग्य सेवा भविष्य में पेंशन की पात्रता के लिए काम आ सकती है। EPS के तहत आम तौर पर मासिक पेंशन के लिए कम से कम 10 साल की योग्य सेवा जरूरी होती है। इसलिए अगर आपने कई कंपनियों में नौकरी की है, तो सभी जगह की सर्विस का रिकॉर्ड सही होना जरूरी है। अगर नौकरी बदलने के बाद पुरानी EPS सर्विस नए रिकॉर्ड में सही तरीके से नहीं जुड़ी है, तो इसे ठीक कराने की प्रक्रिया मौजूद है। इसके लिए EPFO के तहत Form 13 के जरिए पुराने सेवा रिकॉर्ड को नए खाते से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा UAN में नाम, जन्मतिथि और KYC जैसी जानकारी सही होनी चाहिए। पिछली नौकरी की Date of Exit भी जरूर जांचें। अगर यह अपडेट नहीं है, तो पात्रता होने पर EPFO पोर्टल के जरिए इसे अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसलिए PF का पैसा निकालते या नौकरी बदलते समय सिर्फ खाते में जमा रकम पर ध्यान न दें। अपनी EPS सर्विस भी जरूर चेक करें। छोटी सी लापरवाही भविष्य में पेंशन से जुड़े लाभ को प्रभावित कर सकती है।