वाराणसी। लाट भैरव मंदिर के सांस्कृतिक आयोजन के दौरान पुलिसकर्मियों का एआई जनरेटेड वीडियो वायरल करने के मामले में मंगलवार शाम प्राथमिकी दर्ज की गई है। बाबा लाट भैरव का तिलकोत्सव और विवाहोत्सव 23 से 27 सितंबर 2026 तक मनाया गया था।
भीड़ को देखते हुए शांति व्यवस्था और सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। इस दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने महिलाओं के नृत्य के साथ एआई से पुलिसकर्मियों की फर्जी तस्वीरें जोड़कर वीडियो सोशल मीडिया पर फैला दिया।
लाट भैरव चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बलिराम यादव की तहरीर पर आदमपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 और 353(2) के तहत एफआईआर संख्या 0175/2026 दर्ज की गई है। पुलिस का आरोप है कि एआई का इस्तेमाल कर पुलिस की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई।
जांच और आधिकारिक बयान
मामले की जांच उपनिरीक्षक अखिल सिंह को सौंपी गई है। डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो एआई जनरेटेड है और वायरल करने वालों की पहचान की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स और वीडियो के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
लाट भैरव समिति के अध्यक्ष रोहित जायसवाल ने बताया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महिला कलाकारों की भागीदारी रहती है। नगर वधुएं भी नृत्यांजलि अर्पित करती हैं ताकि उन्हें अगला जन्म नगर वधु का न मिले। मंच पर दिखाए गए पुलिसकर्मी पूरी तरह एआई से बनाए गए हैं।













