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पाञ्चजन्य का ‘सुशासन संवाद : मुंबई संकल्प’: 30 सितंबर को द ताज महल पैलेस में जुटेंगी देश-दुनिया की दिग्गज हस्तियां

पाञ्चजन्य का 'सुशासन संवाद : मुंबई संकल्प' 30 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित। राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल।

Published by
Shivam Dixit

मुंबई। राष्ट्रवादी वैचारिक और समाचार जगत के प्रतिष्ठित साप्ताहिक प्रतिष्ठित मंच ‘पाञ्चजन्य’ (बात भारत की) के तत्वावधान में आगामी 30 सितंबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे से मुंबई के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित होटल The Taj Mahal Palace, Colaba में एक भव्य और वैचारिक महाकुंभ ‘सुशासन संवाद : मुंबई संकल्प’ का आयोजन किया जा रहा है.

इस उच्चस्तरीय संवाद कार्यक्रम में सुशासन, संस्कृति, राष्ट्र निर्माण, और विकास के विभिन्न आयामों पर गहन मंथन होगा.

देश के आर्थिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर केंद्रित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजनीति, प्रशासन, सिनेमा, अध्यात्म, वित्त और सामाजिक क्षेत्र के कई दिग्गज वक्ता अपने विचार साझा करेंगे.

गरिमामयी उपस्थिति और प्रमुख वक्ता

‘सुशासन संवाद : मुंबई संकल्प’ के इस अनूठे मंच पर देश की कई जानी-मानी हस्तियां बतौर अतिथि अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी, जो विभिन्न सत्रों में राष्ट्र के समक्ष मौजूद समसामयिक विषयों और सुशासन के मॉडलों पर चर्चा करेंगी:

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता:

  • श्री जिष्णु देव वर्मा: राज्यपाल, महाराष्ट्र
  • श्री देवेंद्र फडणवीस: मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
  • श्री वी. भागैय्या: अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
  • स्वामी निजामृतानंद पुरी: प्रशासनिक निदेशक, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद
  • डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी: प्रख्यात फिल्म निर्देशक
  • श्री रवि किशन: प्रख्यात अभिनेता एवं सांसद, गोरखपुर
  • श्री नितीश भारद्वाज: प्रख्यात अभिनेता
  • श्री नितेश राणे: कैबिनेट मंत्री, महाराष्ट्र सरकार
  • डॉ. सिद्धार्थ पाठनी: सचिव, सीमांत सेवा फाउंडेशन
  • श्री आशीष कुमार चौहान: प्रबंध निदेशक एवं सीईओ (MD & CEO), NSE
  • श्रीमती छाया नंजप्पा: सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्यमी

सुशासन और विकास के रोडमैप पर होगी चर्चा

“सुशासन संवाद का यह मंच केवल वैचारिक चर्चा का केंद्र नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत और सशक्त महाराष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक ठोस वैचारिक संकल्प का मार्ग प्रशस्त करेगा।”

इस संवाद में आर्थिक प्रगति, वित्तीय समावेशन, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, स्वास्थ्य सेवा और सिनेमा के माध्यम से समाज सुधार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

पाञ्चजन्य के इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और बौद्धिक गलियारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.

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