वाराणसी। गंगा का जलस्तर घटने के बाद मणिकर्णिका घाट पर नगर निगम वाराणसी की ओर से बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के तहत गंगा की तलहटी से करीब 100 किलो छोड़े गए कपड़े और अन्य कचरा निकाला गया।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला और उनकी टीम तथा नगर निगम के कर्मचारियों ने विशेष सफाई अभियान चलाया।
इसका उद्देश्य नदी के पारिस्थितिकी तंत्र और जलीय जीवन को नुकसान से बचाना है।
मणिकर्णिका घाट की तलहटी और किनारों से निकाले गए कपड़ों, पॉलिथीन और अन्य कचरे को एकत्र कर बाहर निकाला गया। नमामि गंगे और नगर निगम प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे स्नान या अनुष्ठान के बाद अपने कपड़े नदी में न छोड़ें।
गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा में बाढ़ आने और फिर जलस्तर घटने के बाद घाटों पर बड़ी मात्रा में सिल्ट (गाद), प्लास्टिक और आस्था के नाम पर छोड़े गए पुराने कपड़े जमा हो जाते हैं। गंगा तटों और जल में स्नान के बाद पुराने कपड़े, पॉलिथीन या पूजन सामग्री न छोड़ने की लगातार अपील की जा रही है, ताकि गंगा को प्रदूषण से बचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि गंगा केवल हमारी जीवनदायिनी नदी ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का भी अभिन्न हिस्सा है। इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों का सक्रिय योगदान और जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
श्रमदान के दौरान नगर निगम के स्वच्छता कर्मचारी मौजूद रहे।














