नई दिल्ली/ काबुल। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में फिर से तनाव भड़क उठा है। सोमवार को पाक द्वारा पूर्वोत्तर अफगानिस्तान में तीन एयरस्ट्राइक की गई। इन हवाई हमलों में कम से कम 28 लोगों की मौत की खबर है। तीन महीने की शांति के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच फिर तनाव चरम पर है। पाकिस्तान का कहना है कि अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर हवाई हमलों में 28 आतंकवादी और आत्मघाती हमलावर मारे गए।
ताजा हमले से दोनों पड़ोसी देशों के बीच फिर से युद्ध जैसे हालात पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले इसी साल फरवरी में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर भारी तनाव और संघर्ष देखने को मिला था। जो पिछले कई सालों का सबसे बड़ा टकराव था।
इससे पहले पाक पुलिस केंद्र पर हुआ हमला, 16 लोगों की गई थी जान
ये हवाई हमले उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक पुलिस केंद्र पर हुए बड़े हमले के कुछ ही दिनों बाद हुए हैं। पुलिस केंद्र पर हुए हमले में 16 लोग मारे गए थे। तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत का कहना है कि पाकिस्तान के इन हवाई हमलों में कुनार प्रांत में कम से कम एक घर को निशाना बनाया गया।
जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी दो स्थानों पर बमबारी की गई। जिससे एक दुकान और एक खाली घर नष्ट हो गया। हालांकि, यहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इससे पहले जुलाई में अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान पर ड्रोन हमले किए थे। इससे पहले इसी साल मार्च में काबुल पर पाकिस्तान के हवाई हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए थे। अफगान तालिबान ने उस समय दावा किया था कि हमले में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाया गया था। जबकि इस्लामाबाद का कहना था कि हमले में केवल सैन्य प्रतिष्ठानों और आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए थे।
क्यों हो जारी है दोनों देशों के बीच तनाव?
पाक और अफगानिस्तान में तनाव कोई नया नहीं है। दोनों देशों के बीच विवाद का मुख्य कारण चरमपंथ है। दोनों देश एक-दूसरे पर चरमपंथियों को पनाह देने का आरोप लगाते हैं। इस्लामाबाद कहता है कि काबुल पाक पर हमला करने वाले चरमपंथियों को पनाह देता है। ये चरमपंथी अफगान सीमा से पाकिस्तान में घुसपैठ कर उसे अस्थिर करते हैं। जबकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज कर पाक पर चरमपंथियों को पनाह देने का आरोप लगाती है। अफगानिस्तान का कहना है कि चरमपंथ पाकिस्तान की अपनी आंतरिक समस्या है।
















