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सेमीकॉन इंडिया 2026: ‘भारत में बनी चिप्स अब दुनिया तक पहुंच रहीं’, PM मोदी ने की 13.5 बिलियन डॉलर के दूसरे फेज की घोषणा

भारत ने अपने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण 13.5 बिलियन डॉलर के बजट के साथ शुरू कर दिया है। पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन पर बताया कि मोहाली और सूरत में दो नए प्लांट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो गया है और देश में बनी चिप्स अब दुनिया तक पहुंचने लगी हैं।

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Panchjanya

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2026 को सेमीकॉन इंडिया (Semicon India) के पांचवें संस्करण का उद्घाटन किया। संबोधन में प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत ने अपने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण शुरू कर दिया है, जिसका बजट दायरा लगभग 13.5 बिलियन डॉलर तय किया गया है (पहला चरण लगभग 8 बिलियन डॉलर का था)। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि भारत के प्लांट्स से बनी चिप्स अब देश-विदेश के ग्राहकों तक पहुंच रही हैं और मोहाली तथा सूरत में दो नए प्लांट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है।

संयोग से इस कार्यक्रम की शुरुआत विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर हुई, जिसे पीएम मोदी ने सदियों पुरानी निर्माण परंपरा और 21वीं सदी की तकनीक का बेहतर संगम बताया।

प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु:

विकास और अर्थव्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड: पीएम मोदी ने बताया कि बीते 15 दिनों में भारत में करीब 3,000 किलोमीटर का ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ ऑपरेशनल हुआ है। वहीं, हालिया तिमाही में देश ने 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ हासिल की है। इसके साथ ही जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने 35 साल (तीन दशक) बाद भारत की सोवेरिन रेटिंग को अपग्रेड किया है।

BRICS समिट की सफलता: पीएम मोदी ने हाल ही में तीन दिन पहले संपन्न हुई BRICS समिट और उसमें सर्वसम्मति से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ के अपनाए जाने को भारत पर वैश्विक विश्वास का प्रमाण बताया।

सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण और रिफॉर्म्स:

मिशन के पहले फेज का आकार 8 बिलियन डॉलर था, जिसे दूसरे फेज में बढ़ाकर 13.5 बिलियन डॉलर कर दिया गया है।

रिफॉर्म एक्सप्रेस के तहत अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां अब भारतीय स्टार्टअप्स, इंडियन डिजाइन कंपनियों और OCI-स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ मिलकर काम कर सकती हैं।

देश में अब तक 12 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है।

टैलेंट और स्किलिंग:

सरकार 1 लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिनमें से 70,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

पीएम मोदी ने देश और विदेश में रिसर्च कर रहे युवाओं से भारत में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से जुड़ने का आह्वान किया और इंडस्ट्री लीडर्स से देश में R&D को लीड करने का आग्रह किया।

ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर:

AI और डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग को देखते हुए पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।

बीते एक दशक में भारत की इंस्टॉल सोलर एनर्जी कैपेसिटी 2 गीगावॉट से बढ़कर 160 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है।

न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर को प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोला गया है और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स पर काम चल रहा है।

सप्लाई चैन और डेमोक्रेसी: पीएम मोदी ने कहा कि आज के दौर में जब सप्लाई चैन वेपनाइज हो रही है, तब ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ भारत का इस क्रिटिकल इंडस्ट्री में सफल होना पूरी दुनिया की सप्लाई चैन को ताकत देता है।

टेप आउट क्या है

सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में एक शब्द इस्तेमाल होता है- टेप आउट। ये वो दिन होता है, जब चिप, डिजाइन पूरा होने के बाद प्रोडक्शन के लिए चली जाती है।

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