राजस्थान के नगर निकाय चुनाव को लेकर आज का दिन बेहद अहम है। प्रदेश के 309 नगर निकायों में हुए मतदान के बाद सोमवार को वोटों की गिनती शुरू हो गई है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) कई जगहों पर कांग्रेस से आगे चल रही है। हालांकि, अभी अंतिम परिणाम सामने नहीं आए हैं, इसलिए तस्वीर पूरी तरह साफ होने में थोड़ा समय लगेगा। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव इस बार दो चरणों में कराए गए थे। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 निकायों में वोट डाले गए, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को 147 नगर निकायों के लिए मतदान हुआ। पूरे चुनाव में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल रहीं।
पहले चरण में 76.41% मतदान
9 सितंबर को हुए पहले चरण में 4 नगर निगम, 27 नगर परिषद और 131 नगरपालिकाओं में मतदान कराया गया था। इस चरण में पार्षद के 5,393 पदों के लिए 20 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे। अलवर, भरतपुर, बीकानेर और भीलवाड़ा नगर निगम भी इसी चरण में शामिल थे। पहले चरण में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान किया और कुल 76.41 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। 11 सितंबर को दूसरे चरण में 147 निकायों में मतदान हुआ। इनमें 6 नगर निगम, 24 नगर परिषद और 117 नगरपालिकाएं शामिल थीं। इस चरण में 4,774 वार्डों के लिए 18,266 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर और पाली नगर निगम में भी इसी चरण में मतदान हुआ। दूसरे चरण में 71.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दोनों चरणों को मिलाकर कुल वोटिंग 74.05 प्रतिशत रही।
मतगणना शुरू होने के बाद बीजेपी ने कई इलाकों में बढ़त बनाई है। पार्टी का दावा है कि वह नगर निकाय चुनाव में बड़े बहुमत के साथ जीत दर्ज करने की ओर बढ़ रही है। हालांकि, अंतिम नतीजों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिली हैं। नगर निकाय चुनाव के परिणाम स्थानीय राजनीति के साथ-साथ शहरों में विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर जनता के रुख का भी संकेत देंगे।

















